कलयुग का 'श्रवण कुमार': मां को करा चुका है कई देशों का भ्रमण, स्कूटर से की है 50 हजार KM से अधिक यात्रा
Chitrakoot News: मां बाप का दर्जा भगवान से भी बड़ा होता है। यह चरितार्थ करने के लिए एक युवक अपनी मां को कई देशों का भ्रमण करा रहा है। युवक अपनी मां को स्कूटर में बैठकर 50 हजार किमी से अधिक दूरी की यात्रा कर चुका है।
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घर में काम कर रही मां को कुछ प्रसिद्ध मंदिरों के नाम लेकर बेटे ने पूछा कि इनमें दर्शन करने गई हो। इतना सुनते ही मां के आंखों में आंसू आ गए और बोली, बेटा आज तक मैं अपने घर के पास वाले मंदिर भी नहीं जा सकी हूं। यह बात बेटे को छू गई।
उन्होंने तय किया कि वह मां को देश ही नहीं विदेश के मंदिरों का भी दर्शन कराऊंगा। हम यहां बात कर रहे हैं आधुनिक युग के श्रवण कुमार कर्नाटक (मैसूर) निवासी कृष्ण कुमार की, जो अपनी 72 साल की मां चूड़ारत्ना को स्कूटर में बैठाकर देश और विदेश के तीर्थ स्थलों का भ्रमण करा रहे हैं।
पांच साल से 50 हजार किलोमीटर से अधिक की यात्रा कराने के बाद बुधवार को मां-बेटे चित्रकूट पहुंचे। दोनों ने बताया कि यहां आने से आध्यात्मिक शांति मिली है। उन्होंने बताया कि तीन देशों नेपाल, भूटान और म्यांमार के धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं।
मां से पूछा था...इन मंदिरों में गई हो
42 साल के एमसीए कृष्ण कुमार बताते हैं कि वह एक मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। कर्नाटक राज्य के मैसूर में 10 लोगों का संयुक्त परिवार है। मां घर के सारे काम करती थीं। एक दिन कंपनी से घर आकर मैंने कुछ प्रमुख मंदिरों के नाम गिनाते हुए मां से पूछा कि मां कभी इन मंदिरों के दर्शन करने गई हो।
तब तय किया था कि देश-विदेश के मंदिर घुमाऊंगा
इतना सुनते ही वह नम आंखों से बोली बेटा आज तक वह अपने घर के पास वाले मंदिर भी नहीं जा सकी है। इतना सुनते ही वह भी दुखी हो गया और तय कर लिया कि मां को देश ही नहीं बल्कि आस पास के अन्य देशों के भी प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन कराऊंगा।
नौकरी से इस्तीफा दिया,स्कूटर लेकर निकल पड़ा
मां चूड़ारत्ना की रजामंदी मिलने के बाद उसने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। कंपनी वालों ने बहुत समझाया, लेकिन जब मां के बारे में बताया तो सभी ने उसका हौसला भी बढ़ाया। हेलीकाप्टर, ट्रेन या अन्य साधन से यात्रा कराने के लिए धनराशि न होने पर उसने अपनी ही पुरानी स्कूटर से मंदिरों के भ्रमण के लिए निकल पड़ा।
हर कोई कर रहा है तारीफ
16 जनवरी 2018 को केरल के घर से शुरु यह धार्मिक यात्रा नेपाल, भूटान व म्यंमार के मंदिरों तक होने के बाद भारत के कई राज्य तक घूम चुकी है। पांच अप्रैल 2023 को चित्रकूट पहुंचे मां बेटे को देखकर और उनके संकल्प को जानकर सभी प्रभावित हुए हैं।