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Kanpur News: बस कमांड दीजिए लैपटॉप से निकलेगा प्रिंट
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कानपुर। अब लैपटॉप से प्रिंट निकालने के लिए आपको अलग से प्रिंटर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस कमांड दीजिए और आपके सामने प्रिंट निकलकर आ जाएगा। ऐसे लैपटॉप की डिजाइन डीएवी कॉलेज के केमिस्ट्री के प्रोफेसर डीपी राव ने तैयार की है, जिसमें फोटोरिसेप्टर ड्रम, टोनर रोलर, लेजर स्कैनिंग यूनिट, मिरर और अन्य उपकरणों को छोटा कर स्थापित करने की योजना है। डिजाइन यूके से पेटेंट हो गया है।
डीएवी कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर होने के बावजूद प्रो. राव ने डिजाइन पर काफी मेहनत की। उन्होंने कहा कि लैपटॉप बाहर ले जाने पर प्रिंटिंग की समस्या आती थी। इसका समाधान निकालने काफी रिसर्च किया। उनका डिजाइन इंटरनेशनल डिजाइन क्लासिफिकेशन के क्लास 14 में पेटेंट हुआ है। यह श्रेणी रिकॉर्डिंग, टेलीकम्युनिकेशन और डेटा प्रोसेसिंग उपकरणों से संबंधित है। इसे डेटा प्रोसेसिंग उपकरणों के साथ पेरिफेरल उपकरण और डिवाइस की श्रेणी में शामिल किया गया है।
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प्रिंटर की रहेगी खासियत
प्रोफेसर राव के डिजाइन की खासियत यह है कि इसमें प्रिंटर के जरूरी हिस्सों को लैपटॉप के भीतर ही समायोजित करने की परिकल्पना की गई है। सामान्य लेजर प्रिंटर में चार्जिंग इलेक्ट्रोड (कोरोना तार), फोटोरेसेप्टर ड्रम, टोनर रोलर, लेजर स्कैनिंग यूनिट और मिरर जैसे कई प्रमुख हिस्से होते हैं। इन उपकरणों के आकार को छोटा कर लैपटॉप में फिट करने की प्लानिंग है।
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कैसे काम करेगा प्रिंटर
प्रिंट कमांड देने पर सबसे पहले लैपटॉप का प्रोसेसर प्रिंट किए जाने वाले डेटा को समझेगा। फोटोसेंसिटिव ड्रम को एक समान विद्युत आवेश दिया जाएगा। लेजर बीम घूमते हुए दर्पण की मदद से ड्रम के उन हिस्सों पर पड़ेगी, जहां प्रिंट बनना है। ड्रम पर एक अदृश्य विद्युत पैटर्न तैयार होगा। इसके बाद टोनर पाउडर इस पैटर्न वाले हिस्सों पर चिपकेगा। कागज रोलर के जरिए आगे बढ़ेगा और टोनर ड्रम से कागज पर स्थानांतरित हो जाएगा। अंत में फ्यूजर यूनिट गर्मी और दबाव की मदद से टोनर को कागज पर स्थायी रूप से चिपका देगी।
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डीएवी कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर होने के बावजूद प्रो. राव ने डिजाइन पर काफी मेहनत की। उन्होंने कहा कि लैपटॉप बाहर ले जाने पर प्रिंटिंग की समस्या आती थी। इसका समाधान निकालने काफी रिसर्च किया। उनका डिजाइन इंटरनेशनल डिजाइन क्लासिफिकेशन के क्लास 14 में पेटेंट हुआ है। यह श्रेणी रिकॉर्डिंग, टेलीकम्युनिकेशन और डेटा प्रोसेसिंग उपकरणों से संबंधित है। इसे डेटा प्रोसेसिंग उपकरणों के साथ पेरिफेरल उपकरण और डिवाइस की श्रेणी में शामिल किया गया है।
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प्रिंटर की रहेगी खासियत
प्रोफेसर राव के डिजाइन की खासियत यह है कि इसमें प्रिंटर के जरूरी हिस्सों को लैपटॉप के भीतर ही समायोजित करने की परिकल्पना की गई है। सामान्य लेजर प्रिंटर में चार्जिंग इलेक्ट्रोड (कोरोना तार), फोटोरेसेप्टर ड्रम, टोनर रोलर, लेजर स्कैनिंग यूनिट और मिरर जैसे कई प्रमुख हिस्से होते हैं। इन उपकरणों के आकार को छोटा कर लैपटॉप में फिट करने की प्लानिंग है।
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कैसे काम करेगा प्रिंटर
प्रिंट कमांड देने पर सबसे पहले लैपटॉप का प्रोसेसर प्रिंट किए जाने वाले डेटा को समझेगा। फोटोसेंसिटिव ड्रम को एक समान विद्युत आवेश दिया जाएगा। लेजर बीम घूमते हुए दर्पण की मदद से ड्रम के उन हिस्सों पर पड़ेगी, जहां प्रिंट बनना है। ड्रम पर एक अदृश्य विद्युत पैटर्न तैयार होगा। इसके बाद टोनर पाउडर इस पैटर्न वाले हिस्सों पर चिपकेगा। कागज रोलर के जरिए आगे बढ़ेगा और टोनर ड्रम से कागज पर स्थानांतरित हो जाएगा। अंत में फ्यूजर यूनिट गर्मी और दबाव की मदद से टोनर को कागज पर स्थायी रूप से चिपका देगी।