फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Junior branch manager and cashier arrested in embezzlement case of Rs 24 crore

Kanpur News: इटावा-24 करोड़ रुपये गबन के मामले में कनिष्ठ शाखा प्रबंधक व कैशियर गिरफ्तार (आसपास)

Fri, 19 Jul 2024 04:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 19 Jul 2024 04:34 AM IST
विज्ञापन
Junior branch manager and cashier arrested in embezzlement case of Rs 24 crore
फोटो संख्या 08 पुलिस गिरफ्त में आरोपी कनिष्ठ शाखा प्रबंधक व कैशियर। संवाद
विज्ञापन




- सहकारिता बैंक में वित्तीय वर्ष 2018-19 मेें हुआ था गबन

- मामले में बैंक के 10 अधिकारियों-कर्मचारियों पर दर्ज हुई रिपोर्ट



- अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस दे रही दबिश

संवाद न्यूज एजेंसी



इटावा। सहकारी बैंक में 24 करोड़ रुपये गबन के मामले में कनिष्ठ शाखा प्रबंधक व कैशियर को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। प्रकरण में सहकारी बैंक के उप महाप्रबंधक की तहरीर पर 10 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। अन्य फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।

शहर के नौरंगाबाद चौकी के पास स्थित जिला सहकारी बैंक में वित्तीय वर्ष 2018-2019 में 24 करोड़ 18 लाख 66 हजार आठ सौ 65 रुपये का गबन व 72 लाख 30 हजार 13 रुपयों के लेन-देन में अनियमितता मिली थी। 2023 में मामला सामने आने पर जांच कमेटी गठित की गई थी। जांच में गबन व अनियमितता में बैंक शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित 10 लोगों की संलिप्तता पाई गई।
विज्ञापन




इसे बाद जांच कमेटी के अध्यक्ष उपमहाप्रबंधक उमेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई गई है। इसमें कोतवाली निरीक्षक विक्रम सिंह चौहान व अपराध निरीक्षक भोला प्रसाद रस्तोगी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस टीम ने बस स्टैंड तिराहा से कनिष्ठ शाखा प्रबंधक अतुल प्रताप सिंह निवासी चौगुर्जी थाना कोतवाली व नफीसुल जैदी उर्फ गुड्डू निवासी घटिया अजमत अली थाना कोतवाली को गिरफ्तार किया। अन्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।




फर्जी खाते बनाकर किए गए लोन

जांच में पता चला है कि फर्जी खाते बनाकर लोन का भुगतान दिखाया गया। बचत खाते, एफडी व बैंक का खाता (इंटरसोर) के ब्याज के रुपयों से लोन की भरपाई की गई। कैशियर नफीसुल जैदी का कहना है कि वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अखिलेश चतुर्वेदी उनकी आईडी का इस्तेमाल करते थे। मुख्यालय में यह बात सभी जानते थे। वहीं, कनिष्ठ शाखा प्रबंधक अतुल प्रताप सिंह का कहना है कि उन्हें कोई आरोप पत्र नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed