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बिकरू कांडः न्यायिक आयोग की रिपोर्ट आरोपियों व पुलिसकर्मियों दोनों के लिए अहम
Sat, 29 Aug 2020 03:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 29 Aug 2020 03:10 AM IST
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vikas dubey news
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट जहां विकास के गैंग से जुड़े आरोपियों को कठोर सजा दिलाने में कारगर होगी, वहीं विकास दुबे और अन्य आरोपियों से मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों के भाग्य का भी फैसला करेगी।
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कानून के जानकारों के मुताबिक विकास दुबे कांड के संबंध में एसआईटी जांच के अलावा, प्रवर्तन निदेशालय, आर्थिक अपराध शाखा, आयकर विभाग समेत कई जांचें चल रही हैं, लेकिन मामले में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण साबित होगी।
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आयोग को 30 सितंबर तक मामले में जांच रिपोर्ट सौंपनी है। पुलिस ने अब तक की जांच में जो सुबूत जुटाए हैं, वह आयोग को सौंपे जाएंगे। पुलिस जांच में शामिल गवाहों का आयोग अपने स्तर से परीक्षण करेगा।
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इसके अलावा पुलिसकर्मियों व घटना से जुड़े लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। आयोग के तीनों सदस्य अपनी अलग-अलग राय या एक संयुक्त राय के साथ अंतिम रिपोर्ट देंगे।
जानकारों के अनुसार अगर न्यायिक आयोग की जांच में पुलिस मुठभेड़ में विकास दुबे की मौत की कहानी झूठी पाई गई और फर्जी मुठभेड़ का खुलासा हुआ तो इसमें शामिल पुलिसकर्मियों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। सभी के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी चल सकता है।
न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का मुकदमों में विशेष महत्व होगा। हालांकि सिर्फ इस रिपोर्ट के आधार पर ही किसी को दोषी मानकर सजा नहीं सुनाई जा सकेगी। कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अन्य तथ्यों पर भी विचार किया जाएगा।