{"_id":"583474b94f1c1b462413b261","slug":"jewelery-pawned-daughter-tilak","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी: बिटिया के जेवर गिरवी रख चढ़ाया तिलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबंदी: बिटिया के जेवर गिरवी रख चढ़ाया तिलक
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 22 Nov 2016 10:09 PM IST
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नान के परियर गांव में एक पिता के दर्द का गुबार फूटा। पता चला कि नोट बंदी से उसके सामने बेटी की शादी टूटने जैसी विकट समस्या खड़ी हो गई थी।
ऐसे में परेशान पिता रोजाना बैंकों के चक्कर काटने लगा। बावजूद इसके बैंक ने ढाई लाख का भुगतान नहीं किया। इसके बाद शख्स ने डीएम दरबार में गुहार लगाई, लेकिन वहां भी कोई सुनवाई नहीं हो सकी। कई मां-बाप जो बेटा व बेटी की शादी के इंतजाम में नोट बंदी की दुश्वारियां झेल रहे थे, सब अपनी फरियाद लेकर वहां पहुंचे थे।
समाधान नहीं निकला तो बेटी की शादी टूटने की कगार पर पहुंच गई। इज्जत दांव पर लगी देख पिता ने लाडली के जेवर गिरवी रख तिलक की रस्म पूरी की। परियर गांव के राजू रावत की बेटी रंजीता की शादी 28 नवंबर को है। उनके बैंक खाते में जमा लाखों की नगदी सरकार के फैसले से बेमतलब साबित हो रही है। 21 नवंबर को तिलक की खरीदारी के लिए राजू के पास छोटे नोट की करेंसी नहीं थी। पंजाब नेशनल बैंक सफीपुर ने राजू को नियमों का हवाला देते हुए लाखों के भुगतान से मना कर दिया। 12 नवंबर को पीएम ने शादी ब्याह वाले परिवार को ढाई लाख रुपये भुगतान की छूट दी। इससे राजू को समस्या हल होने की उम्मीद जगी, लेकिन पैन कार्ड न होने से भुगतान नहीं हो सका।
विज्ञापन
लाडली की शादी टूटते देख पिता ने 17 नवंबर को डीएम से गुहार लगाई। लेकिन नियमों की सख्ती के चलते बात नहीं बन सकी। अंत में पिता ने लाडली के जेवर गिरवी रख तिलक की रस्म पूरी की। पांच दिन बाद घर में शहनाई बजनी है और राजू के हाथ खाली हैं। फिलहाल शाखा प्रबंधक ने 24 नवंबर तक डेढ़ लाख का भुगतान करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
ऐसे में परेशान पिता रोजाना बैंकों के चक्कर काटने लगा। बावजूद इसके बैंक ने ढाई लाख का भुगतान नहीं किया। इसके बाद शख्स ने डीएम दरबार में गुहार लगाई, लेकिन वहां भी कोई सुनवाई नहीं हो सकी। कई मां-बाप जो बेटा व बेटी की शादी के इंतजाम में नोट बंदी की दुश्वारियां झेल रहे थे, सब अपनी फरियाद लेकर वहां पहुंचे थे।
विज्ञापन
समाधान नहीं निकला तो बेटी की शादी टूटने की कगार पर पहुंच गई। इज्जत दांव पर लगी देख पिता ने लाडली के जेवर गिरवी रख तिलक की रस्म पूरी की। परियर गांव के राजू रावत की बेटी रंजीता की शादी 28 नवंबर को है। उनके बैंक खाते में जमा लाखों की नगदी सरकार के फैसले से बेमतलब साबित हो रही है। 21 नवंबर को तिलक की खरीदारी के लिए राजू के पास छोटे नोट की करेंसी नहीं थी। पंजाब नेशनल बैंक सफीपुर ने राजू को नियमों का हवाला देते हुए लाखों के भुगतान से मना कर दिया। 12 नवंबर को पीएम ने शादी ब्याह वाले परिवार को ढाई लाख रुपये भुगतान की छूट दी। इससे राजू को समस्या हल होने की उम्मीद जगी, लेकिन पैन कार्ड न होने से भुगतान नहीं हो सका।
विज्ञापन
लाडली की शादी टूटते देख पिता ने 17 नवंबर को डीएम से गुहार लगाई। लेकिन नियमों की सख्ती के चलते बात नहीं बन सकी। अंत में पिता ने लाडली के जेवर गिरवी रख तिलक की रस्म पूरी की। पांच दिन बाद घर में शहनाई बजनी है और राजू के हाथ खाली हैं। फिलहाल शाखा प्रबंधक ने 24 नवंबर तक डेढ़ लाख का भुगतान करने का आश्वासन दिया है।