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अगले साल से खत्म होगा जेईई मेन का अस्तित्व

Thu, 28 Jan 2016 02:04 AM IST
संतोष सिंह/कानपुर
संतोष सिंह/कानपुर Updated Thu, 28 Jan 2016 02:04 AM IST
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JEE next year would eliminate the existence of Maine

आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, आईएसएम धनबाद और जीएफटी में एडमिशन के ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन का अस्तित्व सत्र 2017-18 से खत्म हो जाएगा।

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इसी सिलसिले में 20 फरवरी को ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) की मीटिंग हैदराबाद में बुलाई गई है। इसमें ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस के सभी चेयरमैन और आईआईटी के डायरेक्टर हिस्सा लेंगे। साथ ही देश के प्रमुख इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी संस्थानों में एडमिशन की एक प्रवेश परीक्षा (जेईई एडवांस) पर फैसला करेंगे।
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एक अर्हताकारी परीक्षा पर भी फैसला संभव है, जिसका आयोजन साल में दो बार कराया जाना है। अमेरिका के स्कूलॉस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट (सैट) की तरह ही देश के प्रमुख इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी संस्थानों में एडमिशन की एक व्यवस्था होगी। सत्र 2017-18 से ही साल में दो बार नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (एनएटी) कराया जाएगा।
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इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और अंग्रेजी के प्रश्न पूछे जाएंगे। जिन चार लाख स्टूडेंटों के स्कोर अच्छे होंगे, उन्हें जेईई एडवांस का पेपर देने का मौका मिलेगा। इसमें सफलता के बाद ही आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी में एडमिशन मिल सकेगा। अभी एडवांस से सिर्फ आईआईटी की सीटें भरी जाती हैं।

जेईई मेन की मेरिट से एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी की सीटें भरी जाती हैं लेकिन अगले सत्र से ऐसा नहीं होगा। सभी सीटें एडवांस से भरी जा सकेंगी।

जेईई, आईआईटी कानपुर परिक्षेत्र चेयरमैन, प्रो. एसएन सिंह कहते हैं एनएटी का जो फार्मेट मानव संसाधन विकास मंत्रालय को दिया है, उसका परीक्षण 20 फरवरी को जैब करेगी। गाइडलाइंस बनाकर टेस्ट में शामिल होने का फैसला लेगी। टेस्ट का आयोजन एक अथॉरिटी को करना है।

क्या है जेईई मेन

जेईई मेन क्वालीफाई करने वालों को ही आईआईटी में एडमिशन का मौका मिल पाता है। इसमें सफल ढाई लाख स्टूडेंट जेईई एडवांस का फार्म भरते और पेपर देते हैं। एडवांस में सफलता के बाद आईआईटी में एडमिशन होता है।

सत्र 2016-17 में भी ऐसा होगा। जेईई मेन और बोर्ड मार्क्स को लेकर जो मेरिट बनती है, उससे एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी की सीटें भरी जाती हैं।

जैब बनाएगी नया नियम

जैब ही आईआईटी की खाली सीटों को भरने का नया नियम बनाएगी। सत्र 2017-18 का जेईई एडवांस कौन आईआईटी कराएगा, इस पर भी जैब की मुहर लगेगी।

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