फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Janmashtami festival will be celebrated with pomp, bells will ring

आज घर-घर जन्मेंगे कन्हाई, गाई जाएंगी बधाई: धूमधाम से मनाया जाएगा जन्माष्टमी का त्योहार, बजेंगे घंटा-घड़ियाल

Mon, 30 Aug 2021 08:30 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 30 Aug 2021 08:30 AM IST
विज्ञापन
Janmashtami festival will be celebrated with pomp, bells will ring
जन्माष्टमी 2021 - फोटो : iStock
कानपुर में आज जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। रात 12 बजे घर-घर कान्हा के जन्म की गूंज होगी। घंटा घड़ियाल बजेंगे। कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों में बड़े आयोजन नहीं होंगे। सामान्य रूप से पूजा होगी। पं. केए दुबे पद्मेश ने बताया कि प्रात: काल उठकर व्रत का संकल्प लें। किसी भी साधना में संकल्प व संहिता अनिवार्य हिस्सा है।
विज्ञापन


दिन में उत्तर या पूर्व दिशा में सूतिका गृह का निर्माण करें और उसमें वासुदेव, देवकी का चित्र लगाकर कान्हा की मूर्ति रखें। रात 12 बजे नार बे (नारे वाला खीरा) में कान्हा का जन्म कराने के बाद उन्हें शंख में जल भरकर स्नान कराएं, फिर गाय के घी, शहद, गंगाजल, पंचामृत से स्नान कराने के बाद पुन: जल से स्नान कराकर उनको वस्त्र पहनाएं और फिर शृंगार करें। इसके बाद विधि विधान से पूजन कर प्रसाद और दक्षिणा अर्पित करें। 
विज्ञापन


पं. गौरव तिवारी ने बताया कि चौकी में लाल कपड़ा बिछा लें और उसमें भगवान की मूर्ति किसी पात्र में रखें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर भगवान कृष्ण से पूजा स्वीकार करने की प्रार्थना करें। कृष्ण को चंदन, रोली का तिलक लगाएं और साथ ही अक्षत भी उनके सिर पर लगाएं। फिर माखन, मिश्री, फल, मिठाई आदि पकवान अर्पित कर परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें। रात में ही पूरे परिवार को प्रसाद का वितरण करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


50 रुपये में बिका खीरा
जन्माष्टमी पर नारे वाले खीरे का बड़ा महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण इसमें ही जन्म लेते हैं। जन्माष्टमी से एक दिन पूर्व नारे वाला खीरा 20 रुपये से 50 रुपये तक बिका। ठेले में खीरा बेचने वाले रामबाग निवासी राम आधार ने बताया कि सुबह खीरा 20 से 30 रुपये में बिका है। शाम होते होते 50 रुपये में लोगों ने खीरा खरीदा है। सोमवार को भी खीरा 40 से 50 रुपये के बीच में बिकने की उम्मीद है।

 

मथुरा की तर्ज पर तैयार होते भगवान के वस्त्र
भगवान कृष्ण के लिए वस्त्र शहर के अंदर तैयार किए जाते हैं। गीता नगर निवासी अंजली खंडेलवाल भगवान के वस्त्र के साथ उनके मुकुट, बांसुरी, झूला आदि तैयार करती हैं। उन्होंने बताया कि मथुरा की तर्ज पर भगवान के कपड़े बनते हैं। वस्त्र की कीमत सौ रुपये से लेकर 15 सौ रुपये तक होती है।

इसके अलावा भगवान का शृंगार भी किया जाता है। मूर्ति के हिसाब से सभी के अलग-अलग रुपये निर्धारित होते हैं। भगवान का फेसियल कर उन्हें तैयार किया जाता है। उनको विशेष पाउडर लगाया जाता है, जो कि खुद ही घर पर तैयार करती हैं। भगवान के आंख लगाने के बाद उनके काजल भी लगाती हैं और फिर सुंदर वस्त्र धारण कराती हैं।

मंदिरों में नहीं होंगे बड़े आयोजन, भक्तों को प्रवेश नहीं
कानपुर। कोरोना काल के चलते इस बार भी शहर के प्रमुख मंदिरों में बड़े आयोजन नहीं होंगे। जेके मंदिर, इस्कॉन मंदिर, सनातन मंदिर, राधा माधव मंदिर समेत शहर के करीब एक दर्जन से अधिक मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़ी धूमधाम से मनाई जाती थी।

मगर पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी भक्त मंदिरों में ना जाकर घर पर ही पूजा अर्चना करेंगे। सभी मंदिरों में भगवान का जन्म तो पूरे विधि विधान के साथ होगा, मगर भक्तों के लिए मंदिर बंद रहेंगे। वहीं, इस्कॉन मंदिर के लोग ऑनलाइन माध्यम से दर्शन कर सकते है। इस्कॉन मंदिर के यूट्यूब चैनल पर भगवान का जन्मोत्सव दिखाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed