नेताजी के झाम से भीषण जाम

अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 19 Apr 2016 01:26 AM IST
जाम में जकड़ा घंटाघर।
जाम में जकड़ा घंटाघर। - फोटो : amarujala
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कानपुर। सपाइयों की धमाचौकड़ी से सोमवार दोपहर बाद शहर का एक बड़ा हिस्सा जाम की गिरफ्त में रहा। हजारों लोग कड़ी धूप में जाम में फंसकर बेहाल हो गए। एक ओर नेता जी जिंदाबाद के नारे लगते रहे और दूसरी ओर जाम में फंसी जनता नेता जी को ऊटपटांग बकती रही। यह सब हुआ सपा नगर अध्यक्ष फजल महमूद के स्वागत जुलूस की वजह से। जगह-जगह पार्टी नेताओं के बेतरतीब खड़े वाहन, सड़कों पर लगाए गए तंबू ने स्थिति और बिगाड़ दी। खास बात यह है कि शहर में धारा 144 लागू होने के बावजूद इस जुलूस के लिए प्रशासन से अनुमति भी नहीं ली गई। सपा का मामला होने से अफसरों ने भी आंखें मूंदे रखीं। एसपी ट्रैफिक हमेशा की तरह कहते रहे कि हम कुछ नहीं कर सकते।
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फजल महमूद को पिछले हफ्ते शहर इकाई का अध्यक्ष घोषित किया गया था। सोमवार को उनके स्वागत में कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। जलूस का समय शाम चार बजे रखा गया। इस वक्त कड़ी धूप को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा था, लेकिन समय आगे नहीं बढ़ाया गया। करीब साढ़े तीन बजे से पार्टी नेताओं के वाहन घंटाघर चौराहे पर पहुंचने लगे। एक तरफ पार्टी का तंबू लगा दिया गया तो हालसी रोड की तरफ नेताओं के वाहन खड़े कर दिए गए। इस तरह से दोनों तरफ रास्ता बंद हो गया। जैसे जैसे भीड़ बढ़ने लगी लोग जाम में फंसते चले गए। भीड़ में फंसे लोग चिल्लाकर रास्ता खुलवाने की बात करते रहे लेकिन, वहां खड़े पुलिस वाले भी जुलूस में शामिल नजर आए। पूरे ढाई घंटे तक जाम का यही सिलसिला घंटाघर से लेकर नवीन मार्केट तक चला।

मुख्यमंत्री का संकल्प पूरा करना है-फजल महमूद

कानपुर। सपा शहर अध्यक्ष का पद ग्रहण करने के बाद फजल महमूद ने कहा कि उनका और उनकी पार्टी का एक मात्र उद्देश्य मुख्यमंत्री के संकल्प को पूरा करना है। उन्होेंने बताया कि संगठन को मजबूत करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जाएगा। इससे पहले उन्होंने महात्मा गंाधी, डा. अंबेडकर, डा. लोहिया और चौ. चरण सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर जगदेव सिंह, विधायक इरफान सोलंकी, सतीश निगम, अंबर त्रिवेदी, हाजी परवेज अंसारी, बंटी सेंगर, चंद्रेश सिंह, अमिताभ वाजपेयी, सुनील शुक्ला, महेंद्र सिंह यादव, सुखविंदर सिंह लाडी, पिंटू ठाकुर, शैलू ठाकुर, हाजी सुहैल अहमद, संजीव मिश्रा, विनय गुप्ता, राघवेंद्र, नीलम रोमिला सिंह, बंटी यादव, उजमा सोलंकी, फैसल, मनोज शुक्ला, नफीस सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
दवा लेने जा रहा था जाम में फंस गया
जुलूस के जाम में फंसे लोग किसी न किसी जरूरी काम से जा रहे थे। जोगेंद्र भदौरिया ने बताया कि वह दवा लेने के लिए हास्पिटल जा रहे थे लेकिन इस काम में उन्हें दो घंटे लग गए। इसी तरह सविता कुशवाहा ने बताया कि वह बेटी को ट्यूशन ले जा रही थीं, लेकिन जाम में फंस गई। करीब 45 मिनट बाद वह जाम से निकल पाई। जाम में फंसे लोगों का कहना था कि आखिर इस तरह के जूलूसों पर रोक क्यों नहीं लगती है।
हो सकती है छह माह कैद
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित का कहना है कि लोगों को परेशानी में डालने पर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 में कार्यवाही की जा सकती है। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 में लोगों को असुविधा (न्यूसंस) में कहा गया है कि अगर सांस लेने, आवागमन में दिक्कत और शारीरिक बाधा पर कोई भी व्यक्ति या संस्था एसडीएम या एसीएम के यहां वाद दाखिल कर सकता है। इसके लिए धारा 268 में जन साधारण की दिक्कत के लिए छह माह कैद की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

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