Irfan Solanki Case: आगजनी मामले के तीन चश्मदीद गवाह मिले, पुलिस ने आठ-दस गवाह और खोजे, केस में इनकी भूमिका अहम
जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी स्थित प्लॉट की जिस झोपड़ी को जलाने के मामले में तीन चश्मदीद गवाह मिले हैं। इसमें वादिनी नजीर फातिमा का बेटा भी चश्मदीद गवाह है। वहीं, पुलिस ने दो स्वतंत्र चश्मदीद खोज निकाले हैं। साथ ही, पुलिस ने अज्ञात आरोपियों में चार को चिह्नित किया है।
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सपा विधायक इरफान सोलंकी उनके भाई रिजवान पर पुलिस लगातार शिकंजा कसती जा रही है। आगजनी के केस में पुलिस की विवेचना में तीन चश्मदीदों का जिक्र है। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ वारदात को अंजाम दिया गया था। इसमें एक चश्मदीद वादिनी का बेटा है, जबकि दो अन्य स्वतंत्र चश्मदीद हैं।
पुलिस चश्मदीदों को केस में बेहद अहम मान रही है। इसी आधार पर केस की मजबूती होने का दावा कर रही है। आठ नवंबर को जाजमऊ थाने में नजीर फातिमा ने इरफान व रिजवान पर एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके प्लॉट में बनी झोपड़ी में आरोपियों ने आग लगा दी थी।
नजीर ने पुलिस को बताया था कि वारदात की रात वह एक शादी समारोह में गईं थीं। उसी दौरान आगजनी की गई। उस वक्त कुछ सामान लेने के लिए उनका बेटा वहां पहुंचा था। उसने पुलिस को बताया कि भीड़ आई और आग लगा दी। इसमें विधायक इरफान व उनका भाई रिजवान भी था। विरोध करने पर मारपीट भी की थी।
आठ-दस गवाह और खोजे
पुलिस ने चश्मदीदों के अलावा आठ-दस गवाह और खोजे हैं। लगभग सभी के बयान दर्ज किए हैं। ये ऐसे गवाह बताए जा रहे हैं, जो स्वतंत्र गवाह हैं। यानी उनका न वादी से कोई रिश्ता या संपर्क है और न ही विधायक के पक्ष का। वहीं, आगजनी के मामले में अज्ञात रहे चार आरोपियों को पुलिस ने चिह्नित कर लिया है।
झोपड़ी में पेट्रोल से लगाई गई थी आग
डिफेंस कॉलोनी स्थित प्लॉट की झोपड़ी में आग पेट्रोल से लगाई गई थी। पुलिस ने यह खुलासा फोरेंसिक जांच के आधार पर किया है। इससे पहले विधायक ने आतिशबाजी की चिंगारी से आग लगने की बात कही थी। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने दावा किया कि फोरेंसिक जांच में विधायक की बात गलत साबित हुई है।
आगजनी में पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि आगजनी व फर्जी दस्तावेज तैयार कर फरार होने के केस में आरोपियों के खिलाफ फोरेंसिक, वैज्ञानिक व तकनीकी सुबूत उपलब्ध हैं। इसी महीने चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
बता दें जाजमऊ डिफेंस कालोनी निवासी नजीर फातिमा ने आठ नवंबर को सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान व 55 अज्ञात पर केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि प्लॉट पर कब्जा करने के लिए इन सभी ने झोपड़ी में आग लगा दी। रंगदारी भी मांगी।
पुलिस इस केस की जांच कर ही रही थी कि सामने आया कि इरफान ने अशरफ अली के नाम से आधार कार्ड बनवाया। इसके जरिये दिल्ली से मुंबई तक का हवाई सफर किया। इस प्रकरण में ग्वालटोली थाने में केस दर्ज किया गया। विधायक, रिजवान समेत छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
घटनास्थल के आसपास ही थी मौजूदगी
जेसीपी ने बताया कि जाजमऊ की घटना की जांच के दौरान सर्विलांस टीम ने तफ्तीश की। कई नंबरों की लोकेशन व कॉल डिटेल निकाली गई। इससे पता चला कि घटना के वक्त आरोपी इरफान व रिजवान की लोकेशन घटनास्थल के आसपास ही थी। कुछ अहम गवाह भी हैं।