Irfan Solanki Case: सपा विधायक की जेल बदलने को हाईकोर्ट में चुनौती, भाई ने दाखिल की है याचिका
सपा विधायक इरफान सोलंकी की जेल बदलने के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। विधायक के भाई फैजान ने इसको लेकर याचिका दाखिल की है। वहीं, मामले में सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा है।
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कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी को महाराजगंज जेल से दोबारा कानपुर जेल में भेजने के लिए इरफान के भाई फैजान की ओर से हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई छह फरवरी को होगी।
हाईकोर्ट में अंजनी कुमार मिश्रा व गजेंद्र कुमार की दो सदस्यीय खंडपीठ में बुधवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान फैजान के अधिवक्ता गौरव दीक्षित ने तर्क रखा कि इरफान पर जेल मैनुअल लागू ही नहीं होता। इरफान के खिलाफ अब तक किसी मामले में कोर्ट ने आरोप तय नहीं किए हैं।
अभी न तो इरफान के खिलाफ दर्ज किसी मामले की सुनवाई शुरू हुई है और न ही वह किसी मुकदमे में सजायाफ्ता हैं। ऐसे में कानूनन उन्हें जेल में सिर्फ न्यायिक हिरासत में रखा गया है। आरोपी की न्यायिक हिरासत के दौरान उसकी जेल को नहीं बदला जा सकता।
इरफान ने जेल में नहीं किया है कोई झगड़ा
वहीं उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की विधि व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए कहा कि जब तक बंदी कोई अनुशासनहीनता न करे,तब तक उसकी जेल में बदलाव नहीं किया जा सकता। इरफान ने जेल में न तो कोई झगड़ा किया, न ही उसके खिलाफ कोई शिकायत है।
विधायक के कानूनी अधिकारों का हनन
गौरव ने कहा कि जेल में बंद रहने के दौरान आरोपी को अपने अधिवक्ता से मिलने का विधिक अधिकार होता है। इरफान पर इतने मुकदमे दर्ज हैं ऐसे में अधिवक्ता बातचीत के लिए बार-बार महाराजगंज नहीं जा सकता। इरफान के कानूनी अधिकारों को भी छीना जा रहा है।
सरकार की ओर से याचिका पर कड़ा विरोध जताया गया है। वहीं, याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय देने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने समय दे दिया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने छह फरवरी को सुनवाई के आदेश दिए हैं।