फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Investors panicked SIP also collapsed along with shares 27 thousand accounts closed AMFI report disclosed

निवेशक घबराए: शेयरों के साथ SIP का भी दम फूला, 27 हजार खाते बंद…एम्फी की रिपोर्ट में खुलासा, ये है सलाह

Tue, 18 Mar 2025 11:55 AM IST
हिमांशु अवस्थी अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 18 Mar 2025 11:55 AM IST
सार

Kanpur News: जनवरी-फरवरी 2025 में म्युचुअल फंड में सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के तहत निवेशकों ने जितने नए खाते खोले, उससे अधिक बंद हुए हैं। बाजार में अस्थिरता से निवेशक दूरी बना रहे हैं।

विज्ञापन
Investors panicked SIP also collapsed along with shares 27 thousand accounts closed AMFI report disclosed
राजीव सिंह और कृष्णा कुमार शुक्ला - फोटो : amar ujala

विस्तार

केस स्टडी एक

विज्ञापन

स्वरूपनगर में रहने वाले आकाश को अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद क्रिप्टो में ज्यादा मुनाफा दिखा। एसआईपी में मूलधन भी कम हो रहा था। इसलिए इसे बंद कर दिया। उनका कहना है कि जब बाजार बढ़ने लगेगा तो फिर निवेश शुरू कर देंगे।

केस स्टडी दो
पीरोड में रहने वाले संजीव कुमार ने बताया कि लंबे समय से बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। निवेश में लगी रकम लगातार कम हो रही थी। इसके चलते एसआईपी को बंद कर दिया है। सोने में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं। स्थिति समझकर निर्णय करेंगे।

विज्ञापन

कानपुर शहर में दो माह के अंतराल में 27 हजार सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी यानी सिप) के खाते बंद हो गए हैं। अस्थिर होते बाजार से निवेशक अपना निवेश निकाल रहे हैं। जनवरी-फरवरी 2025 में म्युचुअल फंड में एसआईपी के तहत निवेशकों ने जितने नए खाते खोले, उससे अधिक बंद हुए। म्युचुअल फंड इंडस्ट्री की संस्था एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड इन इंडिया (एम्फी) की ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार शहर में इस अवधि में 22 हजार नए सिप पंजीकृत हुए।

विज्ञापन

वहीं करीब 27 हजार बंद कर दिए गए। जनवरी-फरवरी माह में म्युचुअल फंड में कानपुर का औसत एयूएम एसेट अंडर मैनेजमेंट करीब 34,500 करोड़ रुपये का रहा। म्युचुअल फंड के कुल निवेश (एयूएम) में कानपुर की हिस्सेदारी 0.51 प्रतिशत है। देशभर के कुल म्युचुअल फंड निवेश में सिप का एयूएम 12,37,784 करोड़ रुपये का है। हिस्सेदारी के तराजू पर अगर कानपुर को रखें तो यह आंकड़ा करीब 6300 करोड़ रुपये का है। वहीं एम्फी के आंकड़ों के अनुसार फरवरी में उत्तर प्रदेश का औसत एयूएम 3.10 लाख करोड़ रुपये था।

विज्ञापन

देशभर में कम हुए हैं 10 लाख सिप
उप्र की देश के औसत एयूएम में 4.59 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी। हिस्सेदारी के आधार पर जनवरी-फरवरी में दो लाख नए सिप पंजीकृत हुए। वहीं करीब 2.50 लाख सिप बंद कर दिए गए, यानी 50 हजार सिप खाते घट गए। देशभर के कुल म्युचुअल फंड निवेश में सिप का एयूएम 12,37,784 करोड़ रुपये का है। उप्र की हिस्सेदारी करीब 57 हजार करोड़ रुपये है। वहीं, देशभर में इस अवधि में 44.56 लाख नए सिप पंजीकृत हुए, जबकि 54.70 लाख सिप बंद कर दिए गए। करीब 10 लाख सिप देश भर में कम हो गए हैं।

एसआईपी (सिप) को समझें
म्युचुअल फंड में सिप के जरिये 15 दिन या महीने के आधार पर निवेश किया जाता है। पहले न्यूनतम 500 रुपये के जरिए निवेश किया जा सकता था। अब 250 रुपये महीने के जरिये भी निवेश किया जा सकता हैै।

ऑनलाइन सिप में ज्यादा टूट
सीधे और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए शुरू किए गए सिप तेजी से बंद हो रहे हैं। इसकी वजह इन प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को सही समय पर सलाह नहीं मिल पाती। जब बाजार गिरता है या अस्थिर होता है तो निवेशक घबरा जाते हैं और अपना सिप खाता बंद कर देते हैं। इसके उलट जो निवेशक किसी म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए निवेश करते हैं, वह अक्सर सलाह लेते हैं और सिप को जारी रखते हैं।

निवेशकों को सलाह

  • बाजार की गिरावट में सिप न रोकें।
  • लंबी अवधि के लक्ष्य को ध्यान में रखकर निवेश करें
  • अगर जरूरत हो तो किसी भरोसेमंद सलाहकार या डिस्ट्रीब्यूटर की मदद लें।
  •  सिप को सिर्फ बाजार के रुझान से नहीं, अपने लक्ष्य के अनुसार जारी रखें।

सिप बंद होने की बढ़ती रफ्तार बताती है कि निवेशकों में अस्थिर बाजार को लेकर घबराहट है। खासकर उन निवेशकों में जो बिना किसी मार्गदर्शन के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश कर रहे हैं। ध्यान रखने वाली बात यह है कि सिप का असली फायदा तभी मिलता है जब आप गिरावट के समय भी निवेश जारी रखें। बाजार में गिरावट के दौरान खरीदे गए यूनिट्स ही भविष्य में अधिक रिटर्न देते हैं।  -राजीव सिंह, को फाउंडर, केश्री ब्रोकिंग

शेयर बाजार में गिरावट के कारण नए निवेशक वेट एंड वाच की रणनीति अपना रहे हैं। इंतजार कर रहे हैं कि जब बाजार में रिकवरी शुरू होगी तब निवेश करेंगे। हालांकि बाजार में गिरावट के समय निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होता है। अगर निवेश का नजरिया लंबी अवधि का है तो सिप के जरिये म्युचुअल फंड में निवेश हमेशा फायदेमंद होता है।  -कृष्णा कुमार शुक्ला, म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed