किडनी कांड: पीएसआरआई के कोऑर्डिनेटरों से हो सकती पूछताछ, जांच के दायरे में ये लोग भी
किडनी कांड में आरोपी दिल्ली के पीएसआरआई हॉस्पिटल (पुष्पावती सिंघानिया रिसर्च इंस्टीट्यूट) के कोऑर्डिनेटर मिथुन और सुनीता प्रभाकरन से एसआईटी आज पूछताछ कर सकती है। दोनों के वकीलों ने एसआईटी से फोन पर संपर्क किया है। वकीलों ने शनिवार दोपहर तक कानपुर पहुंचने की बात कही है।
किडनी कांड में पीएसआरआई के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला को गिरफ्तार करने के बाद दोनों कोऑर्डिनेटरों सुनीता व मिथुन सहित फोर्टिस की कोऑर्डिनटर सोनिका डबास को नोटिस भेजा गया था। सुनीता डबास ने नोटिस के मद्देनजर बयान दर्ज करवाने कानपुर पहुंची थी। जिसके बाद सुबूतों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी हुई थी। सुनीता व मिथुन ने बयान नहीं दर्ज करवाए थे।
मंगलवार को एसआईटी ने दोनों को नोटिस भेजा था। एसआईटी प्रमुख एसपी क्राइम राजेश यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों के वकीलों ने शुक्रवार को फोन से संपर्क किया है। उन्होंने कहा है कि सुनीता व मिथुन शनिवार को एसआईटी के सामने पेश होकर बयान दर्ज करवाएंगे।
वरना रद करवाएंगे स्टे
दरअसल, सुनीता व मिथुन ने हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे ले रखा है। इसलिए एसआईटी ने दोनों की गिरफ्तारी नहीं की। एसपी राजेश यादव का कहना है कि अगर अब भी आरोपी सुनीता व मिथुन ने बयान दर्ज नहीं करवाए तो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चार्जशीट लगा दी जाएगी, जिससे दोनों का स्टे रद हो जाएगा। तब एसआईटी उन्हें गिरफ्तार करेगी।
एक बड़े हॉस्पिटल के सीईओ को हिरासत में लिया
मामले में दिल्ली के एक बड़े हॉस्पिटल के सीईओ का भी नाम सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक कानपुर पुलिस सीईओ को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है। यदि उसके खिलाफ पर्याप्त सुबूत मिलते हैं तो एसआईटी उनकी गिरफ्तारी भी कर सकती है।
फोर्टिस और पीएसआरआई की पूरी कमेटी जांच के दायरे में
एसपी राजेश यादव ने बताया कि किडनी व लिवर प्रत्यारोपण की फाइलों को कमेटी ने पास किया है। ऐसे में फोर्टिस और पीएसआरआई हॉस्पिटल की कमेटी में जितने लोग भी हैं, वे सभी जांच के दायरे में हैं। हर एक सदस्य को नोटिस भेजकर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। वहीं जिनकी संलिप्तता के साक्ष्य मिलेंगे तो उन पर कार्रवाई होगी।