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Kanpur News: एक माह पहले बनी इंटरलाॅकिंग सड़क उखड़ी, गुणवत्ता पर सवाल
Thu, 13 Aug 2026 02:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 13 Aug 2026 02:01 AM IST
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रनियां। नगर पंचायत के शिवाजी नगर में करीब एक माह पहले बिछाई गई इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। निर्माण के कुछ ही दिनों बाद सड़क की इंटरलॉकिंग उखड़ने लगी है। वहीं, सड़क के दोनों ओर बनाई गई नालियों की ईंटें भी कई जगह से निकल गई हैं।
शिवाजी नगर में पीपल वाली गली से करीब 500 मीटर दूरी पर 70 मीटर इंटरलॉकिंग करीब सात लाख रुपये की लागत से बिछाई गई थी। दोनों ओर नालियां भी बनवाई गई थीं। लोगों को उम्मीद थी कि सड़क और नाली बनने से जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा लेकिन निर्माण के महज एक माह के अंदर ही इंटरलॉकिंग की ईंटें जगह-जगह से उखड़ने लगी हैं। कई स्थानों पर सड़क की ईंटें धंस गई हैं जबकि नाली में लगाई गई ईंटें भी निकलकर बिखरी पड़ी हैं। इससे सड़क पर गड्ढे जैसी स्थिति बन रही है।
बारिश होने पर इन स्थानों पर पानी भरने से समस्या और बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर कराए गए कार्य की स्थिति यदि एक माह में ही खराब होने लगी है तो इसकी गुणवत्ता की जांच कराई जानी चाहिए। लोगों ने संबंधित विभाग और नगर पंचायत से मौके पर जांच कराकर क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग व नाली को दोबारा दुरुस्त कराने की मांग की है। इस संबद्ध में अधिशासी अधिकारी मनीष राय ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। ठेकेदार को दोबारा भेजकर सड़क बनवाई जाएगी।
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शिवाजी नगर में पीपल वाली गली से करीब 500 मीटर दूरी पर 70 मीटर इंटरलॉकिंग करीब सात लाख रुपये की लागत से बिछाई गई थी। दोनों ओर नालियां भी बनवाई गई थीं। लोगों को उम्मीद थी कि सड़क और नाली बनने से जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा लेकिन निर्माण के महज एक माह के अंदर ही इंटरलॉकिंग की ईंटें जगह-जगह से उखड़ने लगी हैं। कई स्थानों पर सड़क की ईंटें धंस गई हैं जबकि नाली में लगाई गई ईंटें भी निकलकर बिखरी पड़ी हैं। इससे सड़क पर गड्ढे जैसी स्थिति बन रही है।
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बारिश होने पर इन स्थानों पर पानी भरने से समस्या और बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर कराए गए कार्य की स्थिति यदि एक माह में ही खराब होने लगी है तो इसकी गुणवत्ता की जांच कराई जानी चाहिए। लोगों ने संबंधित विभाग और नगर पंचायत से मौके पर जांच कराकर क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग व नाली को दोबारा दुरुस्त कराने की मांग की है। इस संबद्ध में अधिशासी अधिकारी मनीष राय ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। ठेकेदार को दोबारा भेजकर सड़क बनवाई जाएगी।
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