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ड्रेनेज सुधार के लिए आईआईटी टीम ने किया सर्वे
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रनियां (कानपुर देहात)। औद्योगिक क्षेत्र रनियां में फैक्टरियों से निकलने वाले दूषित पानी के निस्तारण की मांग उद्यमी काफी समय से कर रहे हैं। इसी मामले में मंडलायुक्त के निर्देश पर शनिवार को कानपुर आईआईटी की टीम ने सर्वे किया। सर्वे के अनुसार यूपीसीडा डीपीआर तैयार कराएगी।
11 दिसंबर 2020 को मंडलायुक्त राजशेखर के कैंप कार्यालय में औद्योगिक संगठनों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों और यूपीसीडा के अधिकारियों के साथ मंडल स्तरीय बैठक हुई थी। औद्योगिक क्षेत्र रनियां में संचालित इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी के निस्तारण का मुद्दा उठा था। उद्यमियों ने ड्रेनेज बनवाने की मांग की थी। मंडलायुक्त ने यूपीसीडा के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि कानपुर आईआईटी के विशेषज्ञों से विमर्श कर डीपीआर तैयार कराने को कहा था। इसी क्रम में शनिवार को कानपुर आईआईटी के प्रोफेसर शिवम त्रिपाठी, अजय श्रीवास्तव, यूपीसीडा के अधिशासी अभियंता संजय तिवारी की टीम ने औद्योगिक संगठन आईआईए राष्ट्रीय सचिव सुनील पांडे, जोनल चेयरमैन हरदीप सिंह राखरा, आईआईए चेयरमैन राजीव शर्मा, रोहित ब्रजपुरिया के साथ निरीक्षण किया। आईआईटी टीम ने हाईवे के दोनों ओर बनाए जाने वाले ड्रेनेज को लेकर उपयुक्त जगह देखी। टीम ने रनियां होकर बारा टोल तक सर्वे किया। यूपीसीडा के अधिशासी अभियंता ने बताया कि लगभग 10 किलोमीटर की लंबाई में हाईवे के दोनों ओर ड्रेनेज बनाया जाना है। जल्द की सर्वे के अनुसार डीपीआर बनाकर मंडलायुक्त को भेजी जाएगी।
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11 दिसंबर 2020 को मंडलायुक्त राजशेखर के कैंप कार्यालय में औद्योगिक संगठनों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों और यूपीसीडा के अधिकारियों के साथ मंडल स्तरीय बैठक हुई थी। औद्योगिक क्षेत्र रनियां में संचालित इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी के निस्तारण का मुद्दा उठा था। उद्यमियों ने ड्रेनेज बनवाने की मांग की थी। मंडलायुक्त ने यूपीसीडा के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि कानपुर आईआईटी के विशेषज्ञों से विमर्श कर डीपीआर तैयार कराने को कहा था। इसी क्रम में शनिवार को कानपुर आईआईटी के प्रोफेसर शिवम त्रिपाठी, अजय श्रीवास्तव, यूपीसीडा के अधिशासी अभियंता संजय तिवारी की टीम ने औद्योगिक संगठन आईआईए राष्ट्रीय सचिव सुनील पांडे, जोनल चेयरमैन हरदीप सिंह राखरा, आईआईए चेयरमैन राजीव शर्मा, रोहित ब्रजपुरिया के साथ निरीक्षण किया। आईआईटी टीम ने हाईवे के दोनों ओर बनाए जाने वाले ड्रेनेज को लेकर उपयुक्त जगह देखी। टीम ने रनियां होकर बारा टोल तक सर्वे किया। यूपीसीडा के अधिशासी अभियंता ने बताया कि लगभग 10 किलोमीटर की लंबाई में हाईवे के दोनों ओर ड्रेनेज बनाया जाना है। जल्द की सर्वे के अनुसार डीपीआर बनाकर मंडलायुक्त को भेजी जाएगी।
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