{"_id":"58efaa644f1c1b9c36cf89cf","slug":"infertility-reason-of-tension-and-pollution","type":"story","status":"publish","title_hn":"टेंशन और पॉल्यूशन बना रहा ‘बेऔलाद’, चौंका देगी ये रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टेंशन और पॉल्यूशन बना रहा ‘बेऔलाद’, चौंका देगी ये रिपोर्ट
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 14 Apr 2017 01:27 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
टेंशन और पॉल्यूशन पति-पत्नियों को ‘बेऔलाद’ बना रहा है। इसकी वजह से बांझपन की समस्या बढ़ती जा रही है। दस साल पहले यह समस्या 35 की उम्र पार कर चुके युवाओं में आती थी। अब 25 साल के युवक व युवतियां बांझपन के शिकार हो रहे हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ रिप्रोडक्टिव मेडिसिन एंड आईबीएफ सेंटर नई दिल्ली के विभागाध्यक्ष ब्रिगेडियर डॉ. आरके शर्मा ने गुरुवार को यह जानकारी कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कालेज में दी।
विज्ञापन
कानपुर की जानी मानी स्त्री रोग व बांझपन विशेषज्ञ डॉ. मधु लुम्बा ने सुझाया कि यदि कम उम्र में बांझपन की समस्या सामने आ रही हो और शादी में देरी की संभावना हो तो अंडे सुरक्षित करवा लेना समझदारी होगी। इसका फायदा ये होगा कि सुरक्षित अंडों के जरिये भविष्य में कृत्रिम तरीके से गर्भाधान करवाया जा सकता है। आम तौर पर कामकाजी महिलाएं, मॉडल व एक्ट्रेस इस तकनीक को अपनाती हैं। महंगा उपचार होने की वजह से यह भारत में कम प्रचलित है।
विज्ञापन