{"_id":"6983af51a581173f4a0173ee","slug":"indias-power-has-increased-in-the-cyber-and-space-sectors-kanpur-news-c-12-1-knp1051-1416750-2026-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: साइबर और अंतरिक्ष क्षेत्रों में भारत की शक्ति बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: साइबर और अंतरिक्ष क्षेत्रों में भारत की शक्ति बढ़ी
विज्ञापन
कानपुर। देश ने साइबर और अंतरिक्ष क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ा कर आधुनिक युद्ध शक्ति को वैश्विक मानक के अनुरूप मजबूत किया है। यह खुलासा डीएवी कॉलेज के शोधार्थी अखिलेश द्विवेदी के पीएचडी शोध में हुआ, जिसे छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने मान्यता प्रदान की है।
शोध में बताया गया है कि आज का युद्ध केवल हथियारों और सेना तक सीमित नहीं रह गया है। साइबर सुरक्षा, सूचना युद्ध, तकनीक और नीति-निर्माण भी युद्ध में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। शोध में जोर दिया गया है कि भारत को समग्र और आधुनिक रक्षा रणनीति अपनानी चाहिए। साथ ही रक्षा नीति और उसके जमीनी क्रियान्वयन के बीच तालमेल होने से संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव होगा, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और मजबूती मिलेगी।
यह रणनीति 1962 से 1999 तक के युद्धों से मिली सीख पर आधारित है। डीआरडीओ और इसरो जैसे संस्थानों ने स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों और अंतरिक्ष आधारित तकनीकों के माध्यम से देश की रक्षा क्षमता को मजबूत किया है। शोधार्थी अखिलेश द्विवेदी वर्तमान में बेंगलुरु में रक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्य कर रहे हैं, जिससे उनके शोध को व्यावहारिक अनुभव का लाभ मिला। यह शोध प्रो. अरुण कुमार दीक्षित के मार्गदर्शन में पूरा हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
शोध में बताया गया है कि आज का युद्ध केवल हथियारों और सेना तक सीमित नहीं रह गया है। साइबर सुरक्षा, सूचना युद्ध, तकनीक और नीति-निर्माण भी युद्ध में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। शोध में जोर दिया गया है कि भारत को समग्र और आधुनिक रक्षा रणनीति अपनानी चाहिए। साथ ही रक्षा नीति और उसके जमीनी क्रियान्वयन के बीच तालमेल होने से संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव होगा, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और मजबूती मिलेगी।
विज्ञापन
यह रणनीति 1962 से 1999 तक के युद्धों से मिली सीख पर आधारित है। डीआरडीओ और इसरो जैसे संस्थानों ने स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों और अंतरिक्ष आधारित तकनीकों के माध्यम से देश की रक्षा क्षमता को मजबूत किया है। शोधार्थी अखिलेश द्विवेदी वर्तमान में बेंगलुरु में रक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्य कर रहे हैं, जिससे उनके शोध को व्यावहारिक अनुभव का लाभ मिला। यह शोध प्रो. अरुण कुमार दीक्षित के मार्गदर्शन में पूरा हुआ।
विज्ञापन