लिखो दिल खोलकर: तकलीफ हुई लेकिन नोट बंदी की लोगों ने की सराहना
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असल समस्या ये है कि अमीर-गरीब हर कोई सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहता है, यह संभव हो पाना मुश्किल हो गया है। त्राही-त्राही की इस भीड़ में ज्यादा जरूरतमंद इंसान की आवाज भी दब रही है।
ऐसे में अमर उजाला डॉटकॉम टीम ने एक प्रयोग शुरू किया है। इस माध्यम से पाठकों को नोट बंदी फैसले पर दिल खोल कर लिखने को कहा गया, जिस पर हमें लोगों की ढेरों प्रतिक्रियाएं मिली है। इनमें से कुछ को हमने सिलेक्ट किया है, जिन्हें यहां साझा किया जा रहा है...
@Atul Kumar Upadhayay
मेरे नाना को आज नानी याद तब आई जब वो नोट लेने के लिए लाइन में लगे थे। अब उनको पता चला की नानी को नाना से पैसे लेने के लिए कितनी मेहनत करनी होती थी। प्रधानमंत्री ने जो कदम लिया है उससे केवल बस केवल कुछ महीनो के लिए करप्शन से मुक्ति मिली है। जब नए नोट आजायेंगे फिर से करप्शन शुरू हो जाएगा। इसको रोकने के लिए कुछ स्टेप नहीं लिए गए है और आप को ये भी बता दें की इस स्टेप से बस अब इतना हुआ है की यहां पर मानो जीरो करप्शन हो गया है और तत्काल कोई ऐसे कदम जरूर उठाना चाहिए जिससे अब करप्शन को आगे न बढ़ने दिया जाये।
@Rajneesh Upadhayay
प्रधानमंत्री ने अच्छा कदम उठाया है। इस साहसिक कदम से कई तरह की समस्याएं समाप्त हाेंगी।
@manish mishra
फैसला जल्दबाजी में लिया गया है। इससे अाम लाेगाें काे परेशानी हाे रही है अाैर गरीबाें के विरूद्घ फैसला लिया गया है।
@Kanhaiya Lal
अछा किया
@Rohit Sharma
AppriciTed step for counterfoil currencies
बता दें यह सभी कमेंट हमें अमर उजाला कानपुर के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर मिले हैं।