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एक साल में गंगा : पानी घटा, प्रदूषण बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2016 01:30 AM IST
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मधुपुर के तकिया प्राथमिक विद्यालय में हैंडपंप से निकला गंदा पानी को दिखाता छात्र।
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कानपुर। एनजीटी की फटकार, उमा भारती की फिक्र और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भागदौड़ के बावजूद गंगा में प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। गंगा का जल स्तर घटने से प्रदूषण की मात्रा में भी तेजी से इजाफा हुआ है। जबकि पिछले वर्ष इसी महीने गंगा में प्रदूषित बैक्टीरिया की मात्रा कम थी, इसकी वजह गंगा का जल स्तर ठीक होना था। पिछले एक महीने के अंतराल में गंगा नदी में हानिकारक बैक्टीरिया कॉलिफार्म की मात्रा कई गुना बढ़ गई है। जनवरी में गंगा के प्रति 100 मिली लीटर पानी में कॉलिफार्म बैक्टीरिया की संख्या 69 हजार थी, अब यह बढ़कर 79 हजार हो गई है। बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने में गंगा के जल स्तर में तेजी से कमी आने की वजह से यह असर दिख रहा है। दरअसल गंगा में सीवर का कचरा लगातार जा रहा है, और नदी का बहाव रुक गया है।
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि बिठूर के आसपास की गंगा में कॉलीफार्म बैक्टीरिया की मात्रा में पिछले महीने से इस महीने कुछ कमी आई है, लेकिन कन्नौज और कानपुर शहर की गंगा में इसकी मात्रा तेजी से बढ़ी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि नदी का बहाव सही होने से प्रदूषित कचरा एक जगह जमा नहीं हो पाता है। उधर, गंगा बैराज हरिद्वार के एसडीओ सुशील यादव का कहना है कि इस बार गंगा में जल स्तर तेजी से घटने की वजह पहाड़ों में बारिश नहीं होना है। यदि एक दो दिन में बारिश नहीं हुई तो स्थिति और भी विकट हो सकती है।
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यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि बिठूर के आसपास की गंगा में कॉलीफार्म बैक्टीरिया की मात्रा में पिछले महीने से इस महीने कुछ कमी आई है, लेकिन कन्नौज और कानपुर शहर की गंगा में इसकी मात्रा तेजी से बढ़ी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि नदी का बहाव सही होने से प्रदूषित कचरा एक जगह जमा नहीं हो पाता है। उधर, गंगा बैराज हरिद्वार के एसडीओ सुशील यादव का कहना है कि इस बार गंगा में जल स्तर तेजी से घटने की वजह पहाड़ों में बारिश नहीं होना है। यदि एक दो दिन में बारिश नहीं हुई तो स्थिति और भी विकट हो सकती है।
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