{"_id":"619bef0cf5cd4d0edd0084c9","slug":"in-the-district-hospital-of-kanpur-dehat-the-dead-youth-kept-on-climbing-glucose-there-was-a-stir-akbarpur-news-knp6655065166","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर देहात के जिला अस्पताल में मृत युवक को चढ़ता रहा ग्लूकोज, मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर देहात के जिला अस्पताल में मृत युवक को चढ़ता रहा ग्लूकोज, मचा हड़कंप
विज्ञापन
कानपुर देहात। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। कुछ दिन पूर्व बालक को एक्सपायर ग्लूकोज चढ़ाने के मामले के बाद अब रविवार रात को स्वास्थ्य कर्मचारी की लापरवाही से मृत युवक को ग्लूकोज चढ़ने की घटना सामने आई है। वहीं मौके पर पहुंचे चिकित्सक ने शव से ड्रिप हटाकर मामले की जानकारी सीएमएस को दी है।
अकबरपुर रोड स्थित होटल के सामने रविवार की रात एक युवक घायल अवस्था में पड़ा खून की उल्टी कर रहा था। इस पर होटल कर्मचारियों ने रात डेढ़ बजे उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। युवक ने अपना नाम शाहजादपुर निवासी गणेश बताया। जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में डॉ. मयंक ने गणेश का उपचार शुरू कर ग्लूकोज चढ़ाना शुरू किया।
भर्ती होने के करीब 40 मिनट बाद गणेश की मौत हो गई। इसके बाद भी मृत युवक को ग्लूकोज चढ़ता रहा। इसी बीच चिकित्सालय में अकबरपुर के कुंभी गांव के पास हुए हादसे के घायल पहुंच गए। जिस पर चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मचारी उनके उपचार में लग गए। डेढ़ घंटे बाद वार्ड में मृत युवक को ग्लूकोज चढ़ने की चर्चा हुई तो डॉ. मयंक मौके पर पहुंचे और ड्रिप हटाई।
विज्ञापन
चिकित्सक ने बताया कि युवक के शरीर से ड्रिप हटाने की जिम्मेदारी नर्स की थी, लेकिन वह भूल गईं। इससे तकरीबन डेढ़ घंटे तक ग्लूकोज चढ़ता रहा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। डॉ. मयंक ने बताया कि मृत इंसान में जब तक खून के थक्के नहीं जम जाते हैं, तब तक ग्लूकोज चढ़ता रहता है।
वहीं, जैनपुर चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि युवक एक होटल के सामने घायल हालत में मिला था। मरने से पहले उसने अपना नाम शाहजादपुर निवासी गणेश बताया था। अब मृतक के परिजनों के बारे में जानकारी का प्रयास किया जा रहा है।
नर्स की लापरवाही पर डॉक्टर ने लगाई फटकार
डॉ. मयंक मिश्रा ने बताया कि उन्होंने ही गणेश को मृत घोषित किया था। इस दौरान उसके शरीर में ग्लूकोज की ड्रिप लगी हुई थी। उन्होंने नर्स को ड्रिप हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन वह किसी और काम में लग गईं। जानकारी पर कुछ देर बाद शव को फिर देखा तो उन्होंने नर्स को फटकार भी लगाई।
जिम्मेदार बनीं अनजान
जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे सीएमएस डॉ. वंदना सिंह इमरजेंसी का निरीक्षण करने आईं तो डॉ. मयंक ने उन्हें पूरी प्रकरण से अवगत कराया। इस पर सीएमएस ने स्टॉफ से नाराजगी जताई। वहीं जब बाद में सीएमएस से मामले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जानकारी से ही इन्कार कर दिया।
विज्ञापन
अकबरपुर रोड स्थित होटल के सामने रविवार की रात एक युवक घायल अवस्था में पड़ा खून की उल्टी कर रहा था। इस पर होटल कर्मचारियों ने रात डेढ़ बजे उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। युवक ने अपना नाम शाहजादपुर निवासी गणेश बताया। जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में डॉ. मयंक ने गणेश का उपचार शुरू कर ग्लूकोज चढ़ाना शुरू किया।
विज्ञापन
भर्ती होने के करीब 40 मिनट बाद गणेश की मौत हो गई। इसके बाद भी मृत युवक को ग्लूकोज चढ़ता रहा। इसी बीच चिकित्सालय में अकबरपुर के कुंभी गांव के पास हुए हादसे के घायल पहुंच गए। जिस पर चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मचारी उनके उपचार में लग गए। डेढ़ घंटे बाद वार्ड में मृत युवक को ग्लूकोज चढ़ने की चर्चा हुई तो डॉ. मयंक मौके पर पहुंचे और ड्रिप हटाई।
विज्ञापन
चिकित्सक ने बताया कि युवक के शरीर से ड्रिप हटाने की जिम्मेदारी नर्स की थी, लेकिन वह भूल गईं। इससे तकरीबन डेढ़ घंटे तक ग्लूकोज चढ़ता रहा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। डॉ. मयंक ने बताया कि मृत इंसान में जब तक खून के थक्के नहीं जम जाते हैं, तब तक ग्लूकोज चढ़ता रहता है।
वहीं, जैनपुर चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि युवक एक होटल के सामने घायल हालत में मिला था। मरने से पहले उसने अपना नाम शाहजादपुर निवासी गणेश बताया था। अब मृतक के परिजनों के बारे में जानकारी का प्रयास किया जा रहा है।
नर्स की लापरवाही पर डॉक्टर ने लगाई फटकार
डॉ. मयंक मिश्रा ने बताया कि उन्होंने ही गणेश को मृत घोषित किया था। इस दौरान उसके शरीर में ग्लूकोज की ड्रिप लगी हुई थी। उन्होंने नर्स को ड्रिप हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन वह किसी और काम में लग गईं। जानकारी पर कुछ देर बाद शव को फिर देखा तो उन्होंने नर्स को फटकार भी लगाई।
जिम्मेदार बनीं अनजान
जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे सीएमएस डॉ. वंदना सिंह इमरजेंसी का निरीक्षण करने आईं तो डॉ. मयंक ने उन्हें पूरी प्रकरण से अवगत कराया। इस पर सीएमएस ने स्टॉफ से नाराजगी जताई। वहीं जब बाद में सीएमएस से मामले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जानकारी से ही इन्कार कर दिया।