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Kanpur News: नहीं रुकी अवैध पार्किंग, हाईवे पर 15 ब्लैक स्पॉट, 2 माह में गईं 47 जान
Wed, 05 Mar 2025 01:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 05 Mar 2025 01:02 AM IST
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कानपुर देहात। सड़क सुरक्षा की प्रतिमाह बैठकें होने के बाद भी हादसों में कमी नहीं आ रही है। पिछले वर्ष 2024 के आंकड़ों की बात करें तो जनवरी में 50 हादसे हुए। इसमें 32 की जान चली गई और 42 लोग घायल हुए। इस साल जनवरी में 69 हादसे हुए। जिसमें 47 की जान गई और 60 लोग घायल हुए।
इन हादसों के पीछे की कई वजह हैं। कई जगह लोग अवैध कट से निकल रहे हैं। वहीं, सड़क किनारे हो रही अवैध पार्किंग, विपरीत दिशा से चलने वाले वाहनों पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। कई जगह हाईवे पर सड़क खराब है। सुरक्षा के लिए लगे कैच बैरियर भी टूटे हुए हैं। कानपुर-इटावा हाईवे पर सात व कानपुर-झांसी हाईवे पर आठ ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। इन पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। इसके बाद भी जरूरत के अनुसार कई जगह संकेतक नहीं लगे हैं। यहीं वजह है कि जनवरी से लेकर फरवरी माह के अंत तक 47 लोगों की सड़क हादसे में जान चली गई। अब मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती दिखाई तो अधिकारी भी सख्त कार्रवाई अमल में लाने की बात कह रहे हैं।
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इन स्थानों पर ब्लैक स्पॉट
जिन स्थानों पर 3 वर्ष में 5 से अधिक मार्ग दुर्घटनाएं हों या फिर तीन वर्ष में 10 से अधिक मौत हो गई हों, ऐसे स्थानों को ब्लैक स्पॉट मान लिया जाता है। विभागीय आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2024 में एनएच-19 खोजाफूल, मूड़ादेव, मदनपुर, अकबरपुर ब्रिज से एआरटीओ कार्यालय, गौरियापुर, बारा जोड़ से बारा टोल प्लाजा तक, रनियां हाईवे ओवर ब्रिज ब्लैक स्पॉट चिंहित हैं। वहीं एनएच-27 पर चौरा बाजार, पटेल चौक पुखरायां, मावर मजार कट, छतेनी, जैनपुर, माती तिराहा, लालपुर, नबीपुर पेट्रोल पंप के पास ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें एनएचएआई ने सुधार कार्य भी कराए हैं।
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प्रत्येक माह होती सड़क सुरक्षा की बैठक
सड़क हादसे कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग, परिवहन, पुलिस व एनएचएआई के साथ प्रत्येक माह बैठक की जाती है। इसके लिए 12 माह का कलेंडर जारी किया जाता है। इस वर्ष जनवरी व फरवरी माह की बैठकें हो चुकी हैं।
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कानपुर-झांसी हाईवे पर 36 किमी सड़क पर गड्ढों की भरमार
जिलाधिकारी की उपस्थिति में कई बार सड़क सुरक्षा की बैठकें हो चुकी है। हर बार सड़क सुरक्षा के तहत यातायात नियमों का पालन कराने के साथ सड़कों के किनारे से झाड़ियां काटने, ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्य, साइनेंज बोर्ड, रबलस्टट्रप, कैच बैरियर लगाने के निर्देश दिए जाते हैं। हालांकि कई जगह कार्य कराए गए। मगर सबसे खराब हालत कानपुर-झांसी हाईवे की है। यहां पर कालपी पुल से बारा जोड़ तक 36 किमी में 90 से अधिक जानलेवा गड्ढे हैं। कई जगह सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। लाखों रुपये का टोल वसूलने के बाद एनएचएआई के जिम्मेदाराें ने अभी तक सड़क मरम्मत की सुध नहीं ली है।
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जिले में हुए सड़क हादसे
वर्ष 2024
सड़क हादसे- 678
घायल-560
मौत- 354
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वर्ष 2025
हादसे-110
मौत-42
घायल-60
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हाईवे पर बने ऑटो स्टैंड, होती अवैध पार्किंग
प्रदेश सरकार ने ऑटो स्टैंड के लिए नगरीय क्षेत्र में वाहन स्टैंड बनाने के निर्देश दिए थे। कई जगहों पर निर्धारित स्टैंड पर ही सवारियां बैठाई जाती है और यहां पार्किंग होती है। मगर कई जगह हाईवे पर अवैध स्टैंड संचालित हो रहे हैं। इससे अक्सर हादसे होते हैं। मंगलवार को रायपुर के पास हाईवे पर कई टेंपों व ऑटो आड़े तिरछे खड़े नजर आए। यहां पर चालक सवारियों पर हाईवे पर खड़े होकर बैठाते रहे। वहीं रनियां से रायपुर के बीच कई जगह हाईवे किनारे अवैध पार्किंग मिली। रयिनां के विसायकपुर के पास सर्विस लेन पर ट्रक, टैंकर खड़े होने से सर्विस रोड पूरी तरह बंद नजर आई।
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वर्जन.....
हाईवे पर जहां पर भी सड़कों पर गड्ढे व सड़क खराब थी, उन्हें ठीक करा दिया गया है। जिन स्थानों पर रंबलस्टट्रप लगाई जानी थी वहां पर उसे लगाने के साथ संकेतक लगाए गए हैं। सड़क हादसे को रोकने के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जाता है।
- मनोज शर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक बारा टोल प्लाजा
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सड़क सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में जो निर्देश मिले हैं, उसका परिवहन विभाग कड़ाई से पहले से पालन करा रहा है। स्कूली वाहनों चालकों के साथ बैठक कर सड़क सुरक्षा के तहत जागरूक किया जा रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़ा करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है। बिना लाइसेंस व नियमों की अनदेखी कर ऑटो, ई-रिक्शा चलाने वालों पर भी कार्रवाई हो रही है। लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही भी हो रही है।
- प्रशांत तिवारी, एआरटीओ प्रशासन
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इन हादसों के पीछे की कई वजह हैं। कई जगह लोग अवैध कट से निकल रहे हैं। वहीं, सड़क किनारे हो रही अवैध पार्किंग, विपरीत दिशा से चलने वाले वाहनों पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। कई जगह हाईवे पर सड़क खराब है। सुरक्षा के लिए लगे कैच बैरियर भी टूटे हुए हैं। कानपुर-इटावा हाईवे पर सात व कानपुर-झांसी हाईवे पर आठ ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। इन पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। इसके बाद भी जरूरत के अनुसार कई जगह संकेतक नहीं लगे हैं। यहीं वजह है कि जनवरी से लेकर फरवरी माह के अंत तक 47 लोगों की सड़क हादसे में जान चली गई। अब मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती दिखाई तो अधिकारी भी सख्त कार्रवाई अमल में लाने की बात कह रहे हैं।
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इन स्थानों पर ब्लैक स्पॉट
जिन स्थानों पर 3 वर्ष में 5 से अधिक मार्ग दुर्घटनाएं हों या फिर तीन वर्ष में 10 से अधिक मौत हो गई हों, ऐसे स्थानों को ब्लैक स्पॉट मान लिया जाता है। विभागीय आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2024 में एनएच-19 खोजाफूल, मूड़ादेव, मदनपुर, अकबरपुर ब्रिज से एआरटीओ कार्यालय, गौरियापुर, बारा जोड़ से बारा टोल प्लाजा तक, रनियां हाईवे ओवर ब्रिज ब्लैक स्पॉट चिंहित हैं। वहीं एनएच-27 पर चौरा बाजार, पटेल चौक पुखरायां, मावर मजार कट, छतेनी, जैनपुर, माती तिराहा, लालपुर, नबीपुर पेट्रोल पंप के पास ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें एनएचएआई ने सुधार कार्य भी कराए हैं।
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प्रत्येक माह होती सड़क सुरक्षा की बैठक
सड़क हादसे कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग, परिवहन, पुलिस व एनएचएआई के साथ प्रत्येक माह बैठक की जाती है। इसके लिए 12 माह का कलेंडर जारी किया जाता है। इस वर्ष जनवरी व फरवरी माह की बैठकें हो चुकी हैं।
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कानपुर-झांसी हाईवे पर 36 किमी सड़क पर गड्ढों की भरमार
जिलाधिकारी की उपस्थिति में कई बार सड़क सुरक्षा की बैठकें हो चुकी है। हर बार सड़क सुरक्षा के तहत यातायात नियमों का पालन कराने के साथ सड़कों के किनारे से झाड़ियां काटने, ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्य, साइनेंज बोर्ड, रबलस्टट्रप, कैच बैरियर लगाने के निर्देश दिए जाते हैं। हालांकि कई जगह कार्य कराए गए। मगर सबसे खराब हालत कानपुर-झांसी हाईवे की है। यहां पर कालपी पुल से बारा जोड़ तक 36 किमी में 90 से अधिक जानलेवा गड्ढे हैं। कई जगह सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। लाखों रुपये का टोल वसूलने के बाद एनएचएआई के जिम्मेदाराें ने अभी तक सड़क मरम्मत की सुध नहीं ली है।
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जिले में हुए सड़क हादसे
वर्ष 2024
सड़क हादसे- 678
घायल-560
मौत- 354
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वर्ष 2025
हादसे-110
मौत-42
घायल-60
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हाईवे पर बने ऑटो स्टैंड, होती अवैध पार्किंग
प्रदेश सरकार ने ऑटो स्टैंड के लिए नगरीय क्षेत्र में वाहन स्टैंड बनाने के निर्देश दिए थे। कई जगहों पर निर्धारित स्टैंड पर ही सवारियां बैठाई जाती है और यहां पार्किंग होती है। मगर कई जगह हाईवे पर अवैध स्टैंड संचालित हो रहे हैं। इससे अक्सर हादसे होते हैं। मंगलवार को रायपुर के पास हाईवे पर कई टेंपों व ऑटो आड़े तिरछे खड़े नजर आए। यहां पर चालक सवारियों पर हाईवे पर खड़े होकर बैठाते रहे। वहीं रनियां से रायपुर के बीच कई जगह हाईवे किनारे अवैध पार्किंग मिली। रयिनां के विसायकपुर के पास सर्विस लेन पर ट्रक, टैंकर खड़े होने से सर्विस रोड पूरी तरह बंद नजर आई।
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वर्जन.....
हाईवे पर जहां पर भी सड़कों पर गड्ढे व सड़क खराब थी, उन्हें ठीक करा दिया गया है। जिन स्थानों पर रंबलस्टट्रप लगाई जानी थी वहां पर उसे लगाने के साथ संकेतक लगाए गए हैं। सड़क हादसे को रोकने के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जाता है।
- मनोज शर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक बारा टोल प्लाजा
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सड़क सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में जो निर्देश मिले हैं, उसका परिवहन विभाग कड़ाई से पहले से पालन करा रहा है। स्कूली वाहनों चालकों के साथ बैठक कर सड़क सुरक्षा के तहत जागरूक किया जा रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़ा करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है। बिना लाइसेंस व नियमों की अनदेखी कर ऑटो, ई-रिक्शा चलाने वालों पर भी कार्रवाई हो रही है। लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही भी हो रही है।
- प्रशांत तिवारी, एआरटीओ प्रशासन