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हमीरपुर में अवैध खनन अब भी जारी, ये रहा सबूत
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 03 May 2017 11:51 PM IST
सार
- सीबीआई ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी से की पूछताछ
- मौरंग भरे ट्रकों से जिला पंचायत ने वसूला था पथकर, जमा भी किया
- रोक के बावजूद इस मद में राजस्व जमा होने से अवैध खनन की पुष्टि
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विस्तार
हमीरपुर जिला पंचायत द्वारा मौरंग पर वसूला गया पथकर अवैध खनन के खिलाफ पुख्ता सबूत बन रहा है। इस संबंध में सीबीआई ने बुधवार को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सीपी मौर्या को तलब किया।
सीबीआई ने उनसे पूछा जब खनन पर रोक थी तो मौरंग लदे ट्रकों से वसूली कैसे हो गई। दरअसल, जिला पंचायत ने अवैध खनन कर गुजरने वाले ट्रकों की पर्ची काट कर राजस्व जमा करा दिया था। जिले में होने वाले खनन पर जिला पंचायत पथकर वसूलता है। इसके लिए बाकायदा जिला पंचायत से ठेका दिया जाता है। 16 अक्तूबर 2015 को हाईकोर्ट ने जिले में मौरंग खनन अवैध घोषित कर दिया था। इसके बावजूद मौरंग का खनन होता रहा। उनसे पथकर वसूली भी की गई। यह अब जांच में एक मजबूत आधार बन रहा है।
भू वैज्ञानिक से की लंबी पूछताछ
लंबे समय खनिज विभाग में तैनात रहे भू वैज्ञानिक मुइनउद्दीन से सीबीआई ने लंबी पूछताछ की है। भू वैज्ञानिक जिले सहित बुंदेलखंड के कई जनपदों में भू वैज्ञानिक के पद पर तैनात रह चुके हैं। मौजूदा समय में उनकी तैनाती लखनऊ में है। समझा जा रहा है कि इन्हीं के कार्यकाल में बसपा और सपा शासनकाल में अवैध खनन के साथ सिंडीकेट का उदय हुआ। जिसमें मौरंग माफियाओं ने अरबों की बेनामी संपत्ति बटोरी है।
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सीबीआई के बुलावे पर नहीं आए कई रसूखदार
अवैध मौरंग खनन में लिप्त रहे कई रसूखदार सीबीआई के शिकंजे में हैं। लेकिन इनमें कई सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए। ऐसे लोगों को सीबीआई दिल्ली में तलब कर सकती है। सीबीआई गुरुवार शाम पांच बजे जिले से रवाना हो जाएगी। लगातार 13 दिनों तक कई मौरंग माफियाओं व अधिकारियों व शिकायतकर्ताओं से सीबीआई ने अवैध खनन का काला चिट्ठा निकाल लिया है। समझा जा रहा है कि अवैध रूप से पट्टा करने वाले पूर्व तीन जिलाधिकारियों, सिंडीकेट के संचालन में लिप्त रहे एमएलसी सहित अन्य कई लोगों से सीबीआई दिल्ली में पूछताछ कर सकती है।
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सीबीआई ने उनसे पूछा जब खनन पर रोक थी तो मौरंग लदे ट्रकों से वसूली कैसे हो गई। दरअसल, जिला पंचायत ने अवैध खनन कर गुजरने वाले ट्रकों की पर्ची काट कर राजस्व जमा करा दिया था। जिले में होने वाले खनन पर जिला पंचायत पथकर वसूलता है। इसके लिए बाकायदा जिला पंचायत से ठेका दिया जाता है। 16 अक्तूबर 2015 को हाईकोर्ट ने जिले में मौरंग खनन अवैध घोषित कर दिया था। इसके बावजूद मौरंग का खनन होता रहा। उनसे पथकर वसूली भी की गई। यह अब जांच में एक मजबूत आधार बन रहा है।
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भू वैज्ञानिक से की लंबी पूछताछ
लंबे समय खनिज विभाग में तैनात रहे भू वैज्ञानिक मुइनउद्दीन से सीबीआई ने लंबी पूछताछ की है। भू वैज्ञानिक जिले सहित बुंदेलखंड के कई जनपदों में भू वैज्ञानिक के पद पर तैनात रह चुके हैं। मौजूदा समय में उनकी तैनाती लखनऊ में है। समझा जा रहा है कि इन्हीं के कार्यकाल में बसपा और सपा शासनकाल में अवैध खनन के साथ सिंडीकेट का उदय हुआ। जिसमें मौरंग माफियाओं ने अरबों की बेनामी संपत्ति बटोरी है।
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सीबीआई के बुलावे पर नहीं आए कई रसूखदार
अवैध मौरंग खनन में लिप्त रहे कई रसूखदार सीबीआई के शिकंजे में हैं। लेकिन इनमें कई सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए। ऐसे लोगों को सीबीआई दिल्ली में तलब कर सकती है। सीबीआई गुरुवार शाम पांच बजे जिले से रवाना हो जाएगी। लगातार 13 दिनों तक कई मौरंग माफियाओं व अधिकारियों व शिकायतकर्ताओं से सीबीआई ने अवैध खनन का काला चिट्ठा निकाल लिया है। समझा जा रहा है कि अवैध रूप से पट्टा करने वाले पूर्व तीन जिलाधिकारियों, सिंडीकेट के संचालन में लिप्त रहे एमएलसी सहित अन्य कई लोगों से सीबीआई दिल्ली में पूछताछ कर सकती है।