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आईआईटी कानपुर डिफेंस के असफल प्रयोगों को भी सफल बनाएगा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 26 Nov 2018 05:40 PM IST
सार
- एयरोस्पेस विभाग के अध्यक्ष प्रो. एके घोष को डीआरडीओ ने बनाया फैब का चेयरमैन
- नेशनल विंड ट्यूनल फैसेलिटी के प्रमुख पद की भी मिली जिम्मेदारी
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आईआईटी कानपुर
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विस्तार
आईआईटी कानपुर में फैकल्टी फोरम का विरोध झेल रहे एयरोस्पेस विभाग के अध्यक्ष प्रो. एके घोष को दो बड़ी जिम्मेदारी मिली हैं। प्रो. घोष को एक तरफ डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) के आरनामेंट सेल ने फेल्योर एनालिसिस बोर्ड (फैब) का चेयरमैन बनाया है तो दूसरी ओर उन्हें नेशनल विंड ट्यूनल फैसिलिटी का प्रमुख भी बना दिया गया है। शनिवार को दोनों पदों के लिए प्रो. घोष के नाम का एलान किया गया।
शनिवार को इस बाबत आईआईटी निदेशक प्रो. अभय करंदीकर को आरनामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक पीजी रोजतकार का पत्र मिला है। पीजी रोजतकार ने पत्र में प्रो. घोष की काफी तारीफ की है। लिखा कि 122 मीटर एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट में प्रो. घोष का कार्य सराहनीय रहा है।
इसको देखते हुए विभाग ने उन्हें ये नई जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया है। इसके तहत प्रो. घोष और उनकी टीम डिफेंस फील्ड के उन प्रयोगों को सफल करने के लिए काम करेगी जो किसी कारण असफल हो गए या पूरे नहीं हो पाए।
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शनिवार को इस बाबत आईआईटी निदेशक प्रो. अभय करंदीकर को आरनामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक पीजी रोजतकार का पत्र मिला है। पीजी रोजतकार ने पत्र में प्रो. घोष की काफी तारीफ की है। लिखा कि 122 मीटर एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट में प्रो. घोष का कार्य सराहनीय रहा है।
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इसको देखते हुए विभाग ने उन्हें ये नई जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया है। इसके तहत प्रो. घोष और उनकी टीम डिफेंस फील्ड के उन प्रयोगों को सफल करने के लिए काम करेगी जो किसी कारण असफल हो गए या पूरे नहीं हो पाए।
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आईआईटी कानपुर
ये भी काम करेगा फैब
फैब का मुख्य काम होता है कि डिफेंस रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में किसी कारण अगर कुछ असफलताएं मिलती हैं तो उसका अध्ययन करे और उन कमियों को उजागर करे। फिर वैज्ञानिक इन कमियों को दूर करने के लिए शोध करते हैं। डॉ. एके घोष की अध्यक्षता में बोर्ड की अगली बैठक 8 दिसंबर को बुलाई गई है।
बोर्ड में ये भी होंगे सदस्य
डीके जोशी (एससी जी, डायरेक्टर पीएक्सई), डॉ. पीपी पारखी (एससी जी एआरडीई), बीआर राव (एससी जी एआरडीई), पीडब्ल्यू सोनवाने (एससी जी एआरडीई), ए आनंदराज (एससी एफ एआरडीई), एसजी घुमे और एचईएमआरएल के रिप्रजेंटेटिव।
फैब का मुख्य काम होता है कि डिफेंस रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में किसी कारण अगर कुछ असफलताएं मिलती हैं तो उसका अध्ययन करे और उन कमियों को उजागर करे। फिर वैज्ञानिक इन कमियों को दूर करने के लिए शोध करते हैं। डॉ. एके घोष की अध्यक्षता में बोर्ड की अगली बैठक 8 दिसंबर को बुलाई गई है।
बोर्ड में ये भी होंगे सदस्य
डीके जोशी (एससी जी, डायरेक्टर पीएक्सई), डॉ. पीपी पारखी (एससी जी एआरडीई), बीआर राव (एससी जी एआरडीई), पीडब्ल्यू सोनवाने (एससी जी एआरडीई), ए आनंदराज (एससी एफ एआरडीई), एसजी घुमे और एचईएमआरएल के रिप्रजेंटेटिव।