{"_id":"5cf2363bbdec2207514f41b1","slug":"iit-will-honoured-three-personalities-with-doctor-of-science-degree","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन हस्तियों को डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि देगा आईआईटी, कई मायनों में खास होगा 52वां दीक्षांत समारोह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन हस्तियों को डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि देगा आईआईटी, कई मायनों में खास होगा 52वां दीक्षांत समारोह
Sat, 01 Jun 2019 01:54 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 01 Jun 2019 01:54 PM IST
विज्ञापन
आईआईटी इन तीन हस्तियों को डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि देगा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर में 28 जून को होने वाले 52वें दीक्षांत समारोह में इस बार देश की तीन बड़ी हस्तियों को डॉक्टर ऑफ साइंस (डीएस) की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
इसमें इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन सुधा मुर्थे, डीआरडीओ के एयरोनॉटिकल सिस्टम की डायरेक्टर जनरल डॉ. तेसी थॉमस और इंडियन बैडमिंटन टीम के चीफ कोच पुलेला गोपीचंद का नाम शामिल है। तीनों के नामों का एलान शुक्रवार की शाम निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने किया। यह उपाधि इन तीनों हस्तियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दी जाएगी। बतौर मुख्य अतिथि साइंट कंपनी के फाउंडर और एग्जिक्यूटिव चेयरपर्सन बीवीआर मोहन रेड्डी शिरकत करेंगे।
बीवीआर रेड्डी आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र भी हैं और हाल ही में इन्होंने संस्थान के छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने के लिए एक करोड़ रुपये दान में भी दिया है। विशिष्ट अतिथि इसरो के पूर्व चेयरमैन और संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) के चेयरमैन पद्मभूषण प्रो. के राधाकृष्णन होंगे।
विज्ञापन
संस्थान के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर समारोह की अध्यक्षता करेंगे। दीक्षांत समारोह में प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल सहित दिए जाने वाले अन्य मेडलों के लिए नाम निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 27 जून को तीन चरणों में रिहर्सल की प्रक्रिया भी होगी।
दीक्षांत समारोह सुबह दस बजे से सुबह 11:40 तक चलेगा। सबसे पहले स्नातक के छात्रों को डिग्रियां दी जाएंगी। इस दौरान स्नातक व परास्नातक के 900 से 950 छात्रों को दीक्षांत समारोह हॉल में बैठने की अनुमति होगी। इन छात्रों का चयन लॉटरी के जरिये किया जाएगा। शेष छात्र जो हॉल में नहीं बैठ पाएंगे उनके लिए लेक्चर हॉल में लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था की जाएगी।
दीक्षांत समारोह का दूसरा सत्र शाम तीन से 4:45 तक चलेगा। इसमें परास्नातक व पीएचडी उत्तीर्ण छात्रों को डिग्रियां और मेडल दिए जाएंगे। तीसरा सत्र शाम 5:45 से शुरू होकर 7:30 बजे तक चलेगा। इसमें ड्यूअल डिग्री वाले छात्रों को उपाधियां दी जाएंगी।
विज्ञापन
इसमें इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन सुधा मुर्थे, डीआरडीओ के एयरोनॉटिकल सिस्टम की डायरेक्टर जनरल डॉ. तेसी थॉमस और इंडियन बैडमिंटन टीम के चीफ कोच पुलेला गोपीचंद का नाम शामिल है। तीनों के नामों का एलान शुक्रवार की शाम निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने किया। यह उपाधि इन तीनों हस्तियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दी जाएगी। बतौर मुख्य अतिथि साइंट कंपनी के फाउंडर और एग्जिक्यूटिव चेयरपर्सन बीवीआर मोहन रेड्डी शिरकत करेंगे।
विज्ञापन
बीवीआर रेड्डी आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र भी हैं और हाल ही में इन्होंने संस्थान के छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने के लिए एक करोड़ रुपये दान में भी दिया है। विशिष्ट अतिथि इसरो के पूर्व चेयरमैन और संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) के चेयरमैन पद्मभूषण प्रो. के राधाकृष्णन होंगे।
विज्ञापन
संस्थान के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर समारोह की अध्यक्षता करेंगे। दीक्षांत समारोह में प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल सहित दिए जाने वाले अन्य मेडलों के लिए नाम निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 27 जून को तीन चरणों में रिहर्सल की प्रक्रिया भी होगी।
दीक्षांत समारोह सुबह दस बजे से सुबह 11:40 तक चलेगा। सबसे पहले स्नातक के छात्रों को डिग्रियां दी जाएंगी। इस दौरान स्नातक व परास्नातक के 900 से 950 छात्रों को दीक्षांत समारोह हॉल में बैठने की अनुमति होगी। इन छात्रों का चयन लॉटरी के जरिये किया जाएगा। शेष छात्र जो हॉल में नहीं बैठ पाएंगे उनके लिए लेक्चर हॉल में लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था की जाएगी।
दीक्षांत समारोह का दूसरा सत्र शाम तीन से 4:45 तक चलेगा। इसमें परास्नातक व पीएचडी उत्तीर्ण छात्रों को डिग्रियां और मेडल दिए जाएंगे। तीसरा सत्र शाम 5:45 से शुरू होकर 7:30 बजे तक चलेगा। इसमें ड्यूअल डिग्री वाले छात्रों को उपाधियां दी जाएंगी।