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यूपी: मिट्टी में कितनी जान, बताएगा आईआईटी का विज्ञान, वैज्ञानिकों ने बनाई भू परीक्षण डिवाइस
Mon, 13 Dec 2021 09:21 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 13 Dec 2021 09:21 PM IST
सार
प्रो. करंदीकर ने बताया कि संस्थान के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड रिसर्च इन साइंस एंड टेक्नोलाजी (फर्स्ट) के तहत केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिक प्रो. जयंत कुमार सिंह व उनकी टीम में शामिल पल्लव प्रिंस, अशर अहमद, यशस्वी खेमानी व मो. आमिर खान ने यह डिवाइस विकसित की है।
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आईआईटी कानपुर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों का पता लगाने के लिए आईआईटी के वैज्ञानिकों ने पोर्टेबल डिवाइस 'भू परीक्षण' बनाई है। यह डिवाइस मात्र 90 सेकेंड में न केवल मिट्टी की सेहत का रिपोर्ट कार्ड देगी बल्कि किसान को खेत में कौन सी खाद इस्तेमाल करनी है, उसकी जानकारी भी देगी।
केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिकों ने पोर्टेबल डिवाइस के साथ-साथ एप भी तैयार किया है। एग्रोनेक्स्ट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सीईओ ने इस तकनीकी के आधार पर किट तैयार करके किसानों तक पहुंचाने के लिए करार भी कर लिया है।
यह करार निदेशक प्रो. अभय करंदीकर और कंपनी के सीईओ रजत वर्धन के बीच हुआ। प्रो. करंदीकर ने बताया कि संस्थान के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड रिसर्च इन साइंस एंड टेक्नोलाजी (फर्स्ट) के तहत केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिक प्रो. जयंत कुमार सिंह व उनकी टीम में शामिल पल्लव प्रिंस, अशर अहमद, यशस्वी खेमानी व मो. आमिर खान ने यह डिवाइस विकसित की है।
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गूगल प्ले स्टोर पर भू-परीक्षक नामक एंबेडेड मोबाइल एप्लीकेशन दे दिया गया है। एप को डाउनलोड करके किसान स्मार्ट फोन के जरिये उपकरण को संचालित कर सकेंगे। एप पर ही मिट्टी की जांच रिपोर्ट मिलेगी।
प्रो जयंत ने बताया कि इसमें मिट्टी के महत्वपूर्ण मापदंडों नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम, कार्बनिक कार्बन, मिट्टी की सामग्री आदि का पता लगेगा। कई भाषा में किसानों को जानकारी मिल सकेगी। इस दौरान संस्थान के प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय, प्रो. एआर हरीश, रवि पांडेय भी मौजूद रहे।
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केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिकों ने पोर्टेबल डिवाइस के साथ-साथ एप भी तैयार किया है। एग्रोनेक्स्ट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सीईओ ने इस तकनीकी के आधार पर किट तैयार करके किसानों तक पहुंचाने के लिए करार भी कर लिया है।
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यह करार निदेशक प्रो. अभय करंदीकर और कंपनी के सीईओ रजत वर्धन के बीच हुआ। प्रो. करंदीकर ने बताया कि संस्थान के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड रिसर्च इन साइंस एंड टेक्नोलाजी (फर्स्ट) के तहत केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिक प्रो. जयंत कुमार सिंह व उनकी टीम में शामिल पल्लव प्रिंस, अशर अहमद, यशस्वी खेमानी व मो. आमिर खान ने यह डिवाइस विकसित की है।
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गूगल प्ले स्टोर पर भू-परीक्षक नामक एंबेडेड मोबाइल एप्लीकेशन दे दिया गया है। एप को डाउनलोड करके किसान स्मार्ट फोन के जरिये उपकरण को संचालित कर सकेंगे। एप पर ही मिट्टी की जांच रिपोर्ट मिलेगी।
प्रो जयंत ने बताया कि इसमें मिट्टी के महत्वपूर्ण मापदंडों नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम, कार्बनिक कार्बन, मिट्टी की सामग्री आदि का पता लगेगा। कई भाषा में किसानों को जानकारी मिल सकेगी। इस दौरान संस्थान के प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय, प्रो. एआर हरीश, रवि पांडेय भी मौजूद रहे।