{"_id":"61d055737419f774ee75e0e1","slug":"iit-prof-manindra-aggarwal-claims-only-one-out-of-33-infected-found-corona-positive","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईआईटी के प्रो. मणींद्र अग्रवाल का दावा: 33 संक्रमितों में से एक को ही पता चलता कोरोना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईआईटी के प्रो. मणींद्र अग्रवाल का दावा: 33 संक्रमितों में से एक को ही पता चलता कोरोना
Sat, 01 Jan 2022 06:52 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 01 Jan 2022 06:52 PM IST
सार
गणितीय मॉडल सूत्र को सीरो सर्वे के साथ जोड़ लिया जाए तो देश में छिपे संक्रमितों को खोजने में आसानी होगी। यूएस में 4.5 में एक, यूके में 3.2 में एक और साउथ अफ्रीका में 17 में एक मामले का ही पता चल पा रहा है।
विज्ञापन
प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में कोरोना के 33 केसों में एक ही केस सामने आ पाता है। 32 मामले छिपे ही रह जाते हैं क्योंकि बेहतर प्रतिरोधक क्षमता के कारण लोगों को संक्रमण का अहसास ही नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को आईआईटी के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने ट्वीट करके यह दावा किया है।
प्रो. अग्रवाल का कहना है कि उनके गणितीय मॉडल सूत्र को सीरो सर्वे के साथ जोड़ लिया जाए तो देश में छिपे संक्रमितों को खोजने में आसानी होगी। यूएस में 4.5 में एक, यूके में 3.2 में एक और साउथ अफ्रीका में 17 में एक मामले का ही पता चल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के फैलने की रफ्तार डेल्टा से काफी तेज है। अब तक देश में आए डाटा के आधार पर आकलन किया जा रहा है। बढ़ते केसों को देखते हुए फरवरी की शुरुआत में तीसरी लहर के पीक पर होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सीरो सर्वे की एक सीमा है, वह सीरो सर्वे के समय तक ही लापता केसों का पता लगाते हैं।
विज्ञापन
भविष्य की स्थितियां अलग हो सकती हैं। उनका दावा है कि 80 फीसदी भारतीयों में सेल्फ नेचुरल इम्युनिटी (कोरोना संक्रमण के बाद पैदा हुई इम्युनिटी) विकसित हो चुकी है। इस कारण अस्पताल में कम संख्या में संक्रमित भर्ती हो रहे हैं।
विज्ञापन
प्रो. अग्रवाल का कहना है कि उनके गणितीय मॉडल सूत्र को सीरो सर्वे के साथ जोड़ लिया जाए तो देश में छिपे संक्रमितों को खोजने में आसानी होगी। यूएस में 4.5 में एक, यूके में 3.2 में एक और साउथ अफ्रीका में 17 में एक मामले का ही पता चल पा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के फैलने की रफ्तार डेल्टा से काफी तेज है। अब तक देश में आए डाटा के आधार पर आकलन किया जा रहा है। बढ़ते केसों को देखते हुए फरवरी की शुरुआत में तीसरी लहर के पीक पर होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सीरो सर्वे की एक सीमा है, वह सीरो सर्वे के समय तक ही लापता केसों का पता लगाते हैं।
विज्ञापन
भविष्य की स्थितियां अलग हो सकती हैं। उनका दावा है कि 80 फीसदी भारतीयों में सेल्फ नेचुरल इम्युनिटी (कोरोना संक्रमण के बाद पैदा हुई इम्युनिटी) विकसित हो चुकी है। इस कारण अस्पताल में कम संख्या में संक्रमित भर्ती हो रहे हैं।