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Kanpur News: तीन दिन स्कूल नहीं आया बच्चा, तो घर पहुंचेंगे शिक्षक
Fri, 07 Nov 2025 01:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 07 Nov 2025 01:15 AM IST
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कानपुर देहात। अब लगातार तीन दिन विद्यालय नहीं आने वाले बच्चों के घर प्रधानाध्यापक पहुंचेंगे। इसकी जानकारी उनके अभिभावकों को देंगे। परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति को बढ़ाने के लिए नया आदेश लागू हुआ है।
जिले में 1832 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें करीब 1.28 लाख बच्चे पंजीकृत है, लेकिन अधिकांश स्कूलोंं में पंजीकरण के सापेक्ष बच्चे पहुंच नहीं रहे हैं। शासन की ओर से बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। निर्देश के अनुसार प्रधानाध्यापक अभिभावकों को शिक्षा के महत्व को बताएंगे, साथ ही बच्चे को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।
पोर्टल पर बच्चों की उपस्थिति कम मिलने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। अगर बच्चे लगातार तीन दिनों तक स्कूल नहीं आए, तो विद्यालय के शिक्षक घर जाकर जानकारी देंगे और बच्चे के स्कूल न आने के कारण पूछा जाएगा। यदि बच्चा बिना उचित कारण के विद्यालय नहीं आ रहा है, तो शिक्षक अभिभावक को समझाएंगे, जिससे बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आ सके।
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कम उपस्थिति पर होगी कार्रवाई
जनपद में सबसे कम उपस्थिति वाले विद्यालयों की सूची भी तैयार होगी। इस सूची की प्रत्येक महीने समीक्षा होगी। समीक्षा के बाद जिस स्कूल में बच्चों की उपस्थिति कम पाई जाएगी, उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को लगातार स्कूल का निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया है।
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वर्जन.....
विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बीएसए के निर्देश के बाद स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में सुधार आया है। जिस स्कूल में भी बच्चा तीन दिन से अधिक स्कूल नहीं आ रहा है, तो प्रधानाध्यापक उसके घर जाकर अभिभावकों को समझाएंगे और बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करेंगे। - मनोज सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी
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जिले में 1832 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें करीब 1.28 लाख बच्चे पंजीकृत है, लेकिन अधिकांश स्कूलोंं में पंजीकरण के सापेक्ष बच्चे पहुंच नहीं रहे हैं। शासन की ओर से बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। निर्देश के अनुसार प्रधानाध्यापक अभिभावकों को शिक्षा के महत्व को बताएंगे, साथ ही बच्चे को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।
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पोर्टल पर बच्चों की उपस्थिति कम मिलने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। अगर बच्चे लगातार तीन दिनों तक स्कूल नहीं आए, तो विद्यालय के शिक्षक घर जाकर जानकारी देंगे और बच्चे के स्कूल न आने के कारण पूछा जाएगा। यदि बच्चा बिना उचित कारण के विद्यालय नहीं आ रहा है, तो शिक्षक अभिभावक को समझाएंगे, जिससे बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आ सके।
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कम उपस्थिति पर होगी कार्रवाई
जनपद में सबसे कम उपस्थिति वाले विद्यालयों की सूची भी तैयार होगी। इस सूची की प्रत्येक महीने समीक्षा होगी। समीक्षा के बाद जिस स्कूल में बच्चों की उपस्थिति कम पाई जाएगी, उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को लगातार स्कूल का निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया है।
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वर्जन.....
विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बीएसए के निर्देश के बाद स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में सुधार आया है। जिस स्कूल में भी बच्चा तीन दिन से अधिक स्कूल नहीं आ रहा है, तो प्रधानाध्यापक उसके घर जाकर अभिभावकों को समझाएंगे और बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करेंगे। - मनोज सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी