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धर्मांतरण मामला: आईएएस इफ्तिखारुद्दीन से साढ़े छह घंटे तक पूछताछ, बोले- मैंने कुछ गलत नहीं किया, कई सवालों पर साधी चुप्पी
Thu, 07 Oct 2021 11:15 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 07 Oct 2021 11:15 AM IST
सार
नोटिस मिलने के बाद बुधवार को इफ्तिखारुद्दीन लखनऊ स्थित सीबीसीआईडी दफ्तर पहुंचे। दोपहर साढ़े बारह बजे से एसआईटी ने उनसे पूछताछ शुरू की जो शाम साढ़े छह बजे खत्म हुई। सूत्रों के मुताबिक बयानों में खुद को आईएएस ने निर्दोष बताया। वह अपनी पत्नी व भाई संग दफ्तर पहुंचे थे। खुद की किताबें भी एसआईटी को दीं।
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मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन,आईएएस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन से लखनऊ में एसआईटी ने बुधवार को साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की। वीडियो दिखाए और किताब के आपत्तिजनक साहित्य पर सवाल पूछे। कुछ सवालों के जवाब छोड़कर अधिकतर के जवाब वह नहीं दे सके। वह एसआईटी के सवालों में फंसते नजर आए।
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी जल्द ही शासन को जांच रिपोर्ट सौंपेगी। भूपेश अवस्थी ने सीएम से शिकायत की थी कि कानपुर मंडलायुक्त के पद पर रहते हुए मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने आवास को तकरीर स्थल बना दिया था।
जहां पर कट्टरता की सभाएं होती थीं। धर्मांतरण को बढ़ावा दिया जाता था। इस संबंध में कुछ वीडियो सौंपे थे। जो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। एसआईटी ने 65 वीडियो जुटाए थे। एक-एक की पड़ताल की गई। जिसमें आवास में तकरीर की बात सामने आई।
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मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की तीन किताबें भी मिलीं थी जिसमें धर्मांतरण को बढ़ावा देने की बात लिखी थी। नोटिस मिलने के बाद बुधवार को इफ्तिखारुद्दीन लखनऊ स्थित सीबीसीआईडी दफ्तर पहुंचे। दोपहर साढ़े बारह बजे से एसआईटी ने उनसे पूछताछ शुरू की जो शाम साढ़े छह बजे खत्म हुई।
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सूत्रों के मुताबिक एसआईटी जल्द ही शासन को जांच रिपोर्ट सौंपेगी। भूपेश अवस्थी ने सीएम से शिकायत की थी कि कानपुर मंडलायुक्त के पद पर रहते हुए मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने आवास को तकरीर स्थल बना दिया था।
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जहां पर कट्टरता की सभाएं होती थीं। धर्मांतरण को बढ़ावा दिया जाता था। इस संबंध में कुछ वीडियो सौंपे थे। जो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। एसआईटी ने 65 वीडियो जुटाए थे। एक-एक की पड़ताल की गई। जिसमें आवास में तकरीर की बात सामने आई।
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मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की तीन किताबें भी मिलीं थी जिसमें धर्मांतरण को बढ़ावा देने की बात लिखी थी। नोटिस मिलने के बाद बुधवार को इफ्तिखारुद्दीन लखनऊ स्थित सीबीसीआईडी दफ्तर पहुंचे। दोपहर साढ़े बारह बजे से एसआईटी ने उनसे पूछताछ शुरू की जो शाम साढ़े छह बजे खत्म हुई।
सूत्रों के मुताबिक बयानों में खुद को आईएएस ने निर्दोष बताया। वह अपनी पत्नी व भाई संग दफ्तर पहुंचे थे। खुद की किताबें भी एसआईटी को दीं। एसआईटी ने सभी तर्क उनके खारिज किए। यानी वह जांच में दोषी पाए गए हैं।
वीडियो में खुद की मौजूदगी कबूली
सूत्रों के मुताबिक जब एसआईटी ने वीडियो दिखाकर इफ्तिखारुद्दीन से पूछा कि वह इसमें है या नहीं। तब उन्होंने वीडियो में होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि वीडियो में वह हैं लेकिन उसमें कोई आपराधिक गतिविधि नहीं हो रही है। केवल धार्मिक बातें की गईं। जो किसी कानून का उल्लंघन नहीं करतीं।
वीडियो में खुद की मौजूदगी कबूली
सूत्रों के मुताबिक जब एसआईटी ने वीडियो दिखाकर इफ्तिखारुद्दीन से पूछा कि वह इसमें है या नहीं। तब उन्होंने वीडियो में होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि वीडियो में वह हैं लेकिन उसमें कोई आपराधिक गतिविधि नहीं हो रही है। केवल धार्मिक बातें की गईं। जो किसी कानून का उल्लंघन नहीं करतीं।
धर्मांतरण को नकारा
एसआईटी ने जब उनसे पूछा कि धर्मांतरण किसी का कराया या इसके लिए किसी को प्रेरित किया तो आईएएस ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि इसको लेकर न किसी को प्रेरित किया गया और न किसी को लालच दिया गया। धर्मांतरण भी किसी नहीं कराया। वह बस इस्लाम के बारे में लोगों को बताते थे।
मोहम्मद साहब को भगवान कल्कि का अवतार बताया
इफ्तिखारुद्दीन ने तीन किताबें लिखीं। जिसमें शुद्ध भक्ति, शुद्ध धर्म व उपासना तथा नमन किताबें शामिल हैं। एक किताब के 60वें पेज पर लिखा है कि मोहम्मद साहब भगवान कल्कि के अवतार हैं। अन्य धर्मों के बारे में लिखा है कि सब मनगढ़ंत हैं। यह साहित्य दिखाकर भी आईएएस से पूछताछ की गई। इसी तरह तीनों किताबों में आपत्तिजनक साहित्य लिखा गया है। एक-एक बिंदु पर एसआईटी ने उनसे पूछताछ की। जिसका वह जवाब नहीं दे सके।
एसआईटी ने जब उनसे पूछा कि धर्मांतरण किसी का कराया या इसके लिए किसी को प्रेरित किया तो आईएएस ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि इसको लेकर न किसी को प्रेरित किया गया और न किसी को लालच दिया गया। धर्मांतरण भी किसी नहीं कराया। वह बस इस्लाम के बारे में लोगों को बताते थे।
मोहम्मद साहब को भगवान कल्कि का अवतार बताया
इफ्तिखारुद्दीन ने तीन किताबें लिखीं। जिसमें शुद्ध भक्ति, शुद्ध धर्म व उपासना तथा नमन किताबें शामिल हैं। एक किताब के 60वें पेज पर लिखा है कि मोहम्मद साहब भगवान कल्कि के अवतार हैं। अन्य धर्मों के बारे में लिखा है कि सब मनगढ़ंत हैं। यह साहित्य दिखाकर भी आईएएस से पूछताछ की गई। इसी तरह तीनों किताबों में आपत्तिजनक साहित्य लिखा गया है। एक-एक बिंदु पर एसआईटी ने उनसे पूछताछ की। जिसका वह जवाब नहीं दे सके।