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करवाचौथ का व्रत न रखने पर पति ने दी जान, महिला तीन माह से अपने मायके में, मनाने पर भी नहीं आई ससुराल
Sat, 19 Oct 2019 12:07 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिल्हौर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिल्हौर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 19 Oct 2019 12:07 AM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के बिल्हौर में ददारपुर कटहा गांव निवासी एक पति ने पत्नी के घर आकर करवा चौथ का व्रत न रखने पर गुरुवार की रात कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। शुक्रवार सुबह देर तक कमरे से बाहर न निकलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। दीवार काटकर शव को फांसी फंदे से नीचे उतारा।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। ददारपुर कटहा ग्राम प्रधान बाल किशन ने बताया कि गांव के दीपक (25) पुत्र नरेश का विवाह दो वर्ष पहले शिवराजपुर महिपालपुर गांव निवासी रीतू पुत्री राजाराम से हुआ था। विवाह के एक साल तक रीतू पति दीपक के साथ रही। लेकिन विवाद के बाद वह अपने मायके चली गई।
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शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। ददारपुर कटहा ग्राम प्रधान बाल किशन ने बताया कि गांव के दीपक (25) पुत्र नरेश का विवाह दो वर्ष पहले शिवराजपुर महिपालपुर गांव निवासी रीतू पुत्री राजाराम से हुआ था। विवाह के एक साल तक रीतू पति दीपक के साथ रही। लेकिन विवाद के बाद वह अपने मायके चली गई।
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कई पंचायतों के बाद रीतू कटहा गांव आई, जहां आठ माह पहले उसने पुत्री को भी जन्म दिया। इसके बाद फिर पुत्री को लेकर रीतू मायके महिपालपुर चली गई। दीपक उसे बुलाने के लिए महिपालपुर गया।लेकिन रीतू ने उसकी एक न सुनी।
परिजनों के मुताबिक, दीपक अपनी पत्नी से करवाचौथ सहित धनतेरस और दीपावली पर्व मनाने मनाने को कह रहा था। गांव के लोगों के मुताबिक करवाचौथ पर चंद्र पूजन के दौरान दीपक को मोबाइल से रीतू से बात करते देखा गया था।
दीपक रीतू से यही कह रहा था कि करवा चौथ का व्रत रखना है तो गांव आकर रहो, नहीं तो मैं तुहें अपना चेहरा नहीं दिखाउंगा। इसके बाद उसने कुंडे से फांसी लगा ली। शुक्रवार को काफी देर तक दीपक के कमरे से बाहर न निकलने पर परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी हो सकी। इंसपेक्टर ज्ञान सिंह ने बताया कि शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमर्टम के लिए भेजा गया।
परिजनों के मुताबिक, दीपक अपनी पत्नी से करवाचौथ सहित धनतेरस और दीपावली पर्व मनाने मनाने को कह रहा था। गांव के लोगों के मुताबिक करवाचौथ पर चंद्र पूजन के दौरान दीपक को मोबाइल से रीतू से बात करते देखा गया था।
दीपक रीतू से यही कह रहा था कि करवा चौथ का व्रत रखना है तो गांव आकर रहो, नहीं तो मैं तुहें अपना चेहरा नहीं दिखाउंगा। इसके बाद उसने कुंडे से फांसी लगा ली। शुक्रवार को काफी देर तक दीपक के कमरे से बाहर न निकलने पर परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी हो सकी। इंसपेक्टर ज्ञान सिंह ने बताया कि शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमर्टम के लिए भेजा गया।