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83 साल के बुजुर्ग की भूख हड़ताल: बेटों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, सुरक्षा और न्याय की गुहार

Tue, 19 Apr 2022 08:17 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 19 Apr 2022 08:17 PM IST
सार

कानपुर के डीएम ऑफिस में अपने बेटों की प्रताड़ना से परेशान होकर एक बुजुर्ग भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनका आरोप है कि इस बारे में अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

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hunger strike of 83 year old in dm office of kanpur
डीएम ऑफिस में धरने पर बैठे 83 साल के रामबाबू गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में बेटों की प्रताड़ना से परेशान एक बुजुर्ग मंगलवार को डीएम ऑफिस में भूख हड़ताल पर बैठ गए। बुजुर्ग का आरोप है कि उनके बेटों ने परदेवनपुर और लालबंगला के सफीपुर इलाके में मकानों पर कब्जा करके घर से बाहर निकाल दिया है। इतना ही नहीं छह महीने पहले बड़े बेटे ने बुरी तरह से पीटा भी था।

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जानकारी के अनुसार हरजिंदर नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील गुप्ता के पिता रामबाबू गुप्ता मंगलवार दोपहर करीब एक बजे बैनर लेकर डीएम ऑफिस पहुंचे। वो वहां चादर बिछा कर बैठ गए और जोर-जोर से अपने बेटों और चकेरी के दरोगा मधुर मिश्रा के खिलाफ नारे लगाने लगे। एक हाथ से दिव्यांग 83 साल के रामबाबू गुप्ता का आरोप है कि उन्होंने इस बारे में अधिकारियों से शिकायत भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि बेटा सुशील व्यापार मंडल का पदाधिकारी है, इसलिए पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

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साथ ही उन्होंने चकेरी थाने के इंस्पेक्टर मधुर मिश्रा पर पैसे मांगने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह भूख हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग कर न्याय की गुहार लगाई।

सुशील बोले, पिता का मानसिक संतुलन ठीक नहीं
जब इस बारे में रामबाबू गुप्ता के बड़े बेटे सुशील गुप्ता से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि यह सब पिताजी नहीं, बल्कि उनके साथ रहने वाला अमित गुप्ता उर्फ लाला करवा रहा है। अमित गुप्ता क्रिमिनल है और उस पर 10 से 12 मुकदमे चल रहे हैं। वह हम लोगों के मकान पर कब्जा करना चाहता है। हम तीन भाई हैं- मैं, अजय और सुनील। पिताजी सुनील के साथ रहते हैं। हम सबका बंटवारा पिताजी ने करीब 25 साल पहले कर दिया था। तब से सब लोग अलग-अलग हैं। सबको एक-एक घर मिला था। जब से मां का देहांत हुआ है, तब से पिताजी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।

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