Kanpur: इसी साल बढ़ा गृहकर…दो-तीन साल का वसूल रहे एरियर, जीआईएस सर्वे को आधार बनाकर भेज रहे बढ़े बिल, पढ़ें मामला
Kanpur News: 500 करोड़ का लक्ष्य पूरा करने के लिए तीन-चार गुना बढ़ाकर गृहकर के बिल भेजे जा रहे हैं। इससे बकाया और ब्याज के साथ आए बिलों को लेकर लोगों में आक्रोश है। वहीं, लोगों की आपत्तियों और शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो रही है।
विस्तार
कानपुर नगर निगम पर जीआईएस सर्वे और गृहकर निर्धारण में मनमानी के आरोप लगे हैं। जोन-2,3,5,6 के विभिन्न वार्डों के हजारों लोगों को तीन से चार गुना गृहकर बढ़ाकर बिल भेजे गए हैं। दो-तीन साल पहले हुए जीआईएस सर्वे के आधार पर गृहकर बढ़ाने का हवाला दिया गया है। लोगों का कहना है कि वे हर वित्तीय वर्ष गृहकर जमा करते रहे हैं, फिर भी पिछले दो-तीन साल से बढ़ाया गया गृहकर बकाया (एरियर) के रूप में दर्शाया गया है। बकाया धनराशि पर ब्याज भी लगाया गया है।
कहा जा रहा कि शासन से मिले 500 करोड़ के गृहकर लक्ष्य को पूरा करने के लिए बढ़ा कर भेजा जा रहा है। परेशान भवन स्वामी वार्ड कार्यालय, जोनल कार्यालय से लेकर नगर निगम मुख्यालय तक में गृहकर संशोधित करने के लिए अर्जियां दे रहे हैं। पार्षदों से लेकर महापौर और नेताओं से गुहार लगा रहे हैं। गृहकर में 10 प्रतिशत छूट की अवधि 15 दिन में समाप्त होने वाली है। इसके चलते भवन स्वामी ज्यादा परेशान हैं। मार्च तक गृहकर जमा न हुआ तो आगामी वित्तीय वर्ष में उन्हें चालू वित्तीय वर्ष और पिछले बकाए पर 12 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज भी देना पड़ेगा।
शासन से वाहवाही लेने के लिए भवन स्वामियों पर थोपा ज्यादा गृहकर
नगर निगम ने पिछले दो वित्तीय वर्षों में गृहकर निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा वसूला है। इस पर तत्कालीन नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन को न सिर्फ शासन से वाहवाही मिली। प्रोत्साहन राशि के रूप में सीएम ग्रिड योजना के तहत दोनों साल 100-100 करोड़ रुपये सड़कों के निर्माण के लिए भी मिले। पिछले वित्तीय वर्ष में तालाबों आदि के मद में भी 100 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि को हरी झंडी दी गई। वित्तीय वर्ष 2022-23 में शासन ने गृहकर वसूली का लक्ष्य 220 करोड़ रुपये निर्धारित किया था। नगर निगम ने 60 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूल कर 10 साल पुराना रिकार्ड तोड़ा। पिछले वित्तीय वर्ष में भी लक्ष्य पार करते हुए 400 करोड़ रुपये की वसूली हुई तो इस बार शासन ने गृहकर मद में वसूली का लक्ष्य बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया गया। मकान मालिकों का आरोप है कि इस लक्ष्य को पाने के लिए ही तीन-चार गुना कर बढ़ा दिया गया है।
केस: एक
किदवईनगर एच-ब्लॉक स्थित मकान नंबर 128/200। भवन स्वामी जीडी शुक्ला। चालू वित्तीय वर्ष का गृहकर 2955 रुपये के साथ ही 3870 रुपये बकाया दर्शाते हुए 6529 रुपये का बिल भेजा गया है। भवन स्वामी का कहना है कि उनका गृहकर 918 रुपये आता था जो तीन गुना से ज्यादा बढ़ा दिया गया। उन्होंने जोन-3 के जोनल अधिकारी को अर्जी देकर गृहकर संशोधित करने का आग्रह किया है। गृहकर में 10 प्रतिशत छूट की अवधि भी इसी माह समाप्त हो रही है।
केस: दो
किदवईनगर एच-ब्लाॅक स्थित मकान नंबर 128/86 के भवन स्वामी सर्वेश तिवारी को नगर निगम ने 24975 रुपये गृहकर का बिल भेज दिया। इसमें चालू वित्तीय वर्ष का गृहकर 9419 रुपये, बकाया 16179 रुपये और 319 रुपये ब्याज है। उनका कहना है कि पहले उनका गृहकर 2393 रुपये आता था, जो चार गुना से भी ज्यादा बढ़ाकर 9419 रुपये कर दिया गया। जब हर साल गृहकर जमा किया जा रहा है और जीआईएस रिपोर्ट के आधार पर बढ़ा हुआ टैक्स इसी साल लागू किया गया है तो फिर पिछले दो-तीन साल से इस मद में एरियर क्यों लिया जा रहा है?
केस: तीन
किदवईनगर के-ब्लाॅक स्थित मकान नंबर 128/115ए के भवन स्वामी रामसुंदर दुबे, रामकिशोर दुबे, रामलाल दुबे आदि के पास 34757 रुपये गृहकर का बिल पहुंचा तो वे अवाक रह गए। रामलाल के भतीजे संतोष द्विवेदी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में उनके मकान का गृहकर 6070 रुपये आया था, जिसे जमा भी कर दिया गया था, पर चालू वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने गृहकर तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ाकर 16621 रुपये कर दिया। साथ ही 19798 रुपये बकाया भी दर्शाया है। दो साल पहले से जीआईएस सर्वे थोपते हुए 34757 रुपये का बिल मिला तो नगर निगम जोन-3 के जोनल कार्यालय में शिकायत की।
केस: चार
वार्ड-93 गोविंदनगर दक्षिण के अंतर्गत भवन संख्या 126-13-275 के मालिक प्रवीण कुमार अरोड़ा को नगर निगम ने 2751 रुपये गृहकर का बिल भेजा। इसमें चालू वित्तीय वर्ष का गृहकर 1939 रुपये और 1006 रुपये बकाया दिखाया गया है, जबकि उनका कहना है कि वह हर साल गृहकर जमा करते हैं तो फिर बकाया कैसा? गृहकर भी बढ़ा दिया गया।
नगर निगम के अधिकारियों ने अचानक तीन-चार गुना टैक्स बढ़ा दिया और पिछले दो-तीन साल से इसकी रिकवरी के लिए बिल भेज दिए। अधिकारी कहते हैं टैक्स नहीं बढ़ाया। यदि टैक्स नहीं बढ़ा तो संशोधन क्यों कर रहे हैं। संगठन और भाजपा उत्तरी, दक्षिणी अध्यक्ष भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं। -नवीन पंडित, भाजपा पार्षद दल के नेता
नगर निगम मनमाने तरीके से गृहकर थोप रहा है। महापौर ने पिछले महीने वार्ड में शिविर लगाकर भवन स्वामियों को आश्वासन दिया था, फिर भी परेशान भवन स्वामी चक्कर लगा रहे हैं। जोन में भी लापरवाही की जा रही है। -अवधेष त्रिपाठी, पार्षद, भाजपा
पांच-छह साल में टैक्स दोगुना बढ़ गया है, उतना तो देना पड़ेगा। यदि किसी को आपत्ति हो तो जोनल कार्यालय में शिकायत करे या उनसे मिले। संशोधन किया जा रहा है। हर माह के चौथे बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में कैंप लगता है, उसमें भी समाधान होता है। 150 करोड़ रुपये गृहकर जमा भी हो गया है। -सुधीर कुमार, नगर आयुक्त