कानपुर। नगर निगम में शनिवार को गृहकर निर्धारण की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कर अपवंचना सेल गठित की गई है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के नेतृत्व में बनी इस कमेटी में सात सदस्य शामिल किए गए हैं। कमेटी को सभी जोनों में किसी की भवन का औचक निरीक्षण, जांच और शिकायतों का निस्तारण करने का अधिकार दिया गया है।
नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने कर निर्धारण संबंधी मामलों के त्वरित निस्तारण और राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए 28 अगस्त को कमेटी गठित करने के आदेश दिए थे। शनिवार को अपर नगर आयुक्त (प्रथम) आवेश खान ने कर अपवंचना सेल गठित की है। सात सदस्यीय कमेटी में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार, जोन एक के कर अधीक्षक राजू गुप्ता, नक्शा अधीक्षक मुकेश अग्निहोत्री, सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा, डेटा कोऑॅर्डिनेटर प्रवीण कुमार और कर्मचारियों में राजदेव चौरसिया, युवराज श्रीवास्तव को शामिल किया गया है। सभी अपर नगर आयुक्तों और सभी छह जोनों के जोनल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से यह आदेश लागू होने की जानकारी दी गई है। नगर निगम की तरफ से जीआईएस सर्वे का हवाला देकर हजारों मकानों का गृहकर दो से तीन गुना बढ़ा दिया। इतना ही नहीं भवन स्वामियों को भेजे जा रहे बिल में बढ़े गृहकर के साथ ही पिछले दो से तीन साल का बढ़ा हुआ टैक्स भी एरियर के रूप में भेजा जा रहा है। नगर निगम मुख्यालय से लेकर जोनल कार्यालयों में ऐसी हजारों शिकायतें आ चुकी हैैं। तमाम मामले अभी भी लंबित हैं। भवन स्वामी इसे सही कराने के लिए नगर निगम मुख्यालय और जोनल कार्यालयों, वार्ड कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।