फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   horrific attack of malaria with dengue in kanpur

कानपुर में डेंगू के साथ मलेरिया का भीषण हमला

Sun, 11 Sep 2016 09:23 PM IST
डिजिटल टीम/अमर उजाला, कानपुर
डिजिटल टीम/अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 11 Sep 2016 09:23 PM IST
विज्ञापन
horrific attack of malaria with dengue in kanpur
वार्ड अस्पताल में भर्ती मरीज - फोटो : kanpur amar ujala
इस समय पूरा कानपुर शहर डेंगू व मलेरिया के प्रकोप की भीषण मार झेल रहा है। एक रोज़ में हैलट के डेंगू वार्ड में भर्ती तीन मरीजों में मलेरिया की पुष्टि के बाद डॉक्टर हैरानी जता रहे हैं। इनके इलाज को लेकर माथापच्ची करनी पड़ रही है। दरअसल, डेंगू के इलाज की अलग गाइडलाइन है और मलेरिया के इलाज की अलग। ज्यादातर प्राइवेट अस्पताल दो बीमारियों वाले मरीजों को सही से हैंडल नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
विज्ञापन


जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉ. विशाल गुप्ता का कहना है कि यह पहली बार हो रहा है कि मरीजों में डेंगू के साथ ही मलेरिया या चिकनगुनिया की पुष्टि हो रही है। पिछले साल तक एक बीमारी है तो दूसरी बीमारी के लक्षण नहीं दिखते थे। लोगों को हर हाल में मच्छरों से बचना होगा। किसी बुखार को हल्के में न लें। यदि बुखार दो दिन से ज्यादा है तो तत्काल विशेषज्ञ से संपर्क करें। डेंगू के साथ मलेरिया की पुष्टि वाले मरीजों के इलाज को लेकर बेहद सतर्कता बरती जा रही है। झोलाछाप के चक्कर में जान खतरे में भी पड़ सकती है।
विज्ञापन


चिकनगुनिया के लक्षण  
तेज बुखार के साथ जोड़ों में भयंकर दर्द होता है। हाथ-पैर मोड़ने में भी दिक्कत होती है। मरीज खड़ा नहीं हो पाता। बुखार के दो हफ्ते बाद जांच में ही चिकनगुनिया की सही रिपोर्ट आती है। एडीज मच्छर वजह।
विज्ञापन
विज्ञापन


डेंगू के लक्षण
बुखार के साथ शरीर में दर्द, सिर में दर्द, पेट फूलना, मिचली या उल्टी होना, शरीर में दाने या रेशेज पड़ना। बुखार के दूसरे दिन कम्प्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) करा लेनी चाहिए। इससे प्लेटलेट्स की स्थिति पता चलती है। एडीज मच्छर वजह।

मलेरिया के लक्षण  
तेजी से बुखार चढ़ता है। कंपकंपी होने लगती है। कुछ देर बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है। एक-दो दिन में दुबारा यही लक्षण आते हैं। मलेरिया की जांच तत्काल करा लेनी चाहिए। एनाफिलीज मच्छर वजह।

यह खानपान रखें
- बाहर के भोजन से बचें
- तली-भुनी चीजें न खाएं
- बासी और खुले में रखे खाद्य पदार्थ न खाएं
- फास्ट फूड का सेवन न करें
- बुखार में आराम करें, वाहन कदापि न चलाएं

खानपान, पैरासिटामॉल से ठीक हो रहा डेंगू
डेंगू को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। पहले तो मच्छरों से बचें ताकि डेंगू हो ही नहीं। यदि डेंगू हो गया है तो खानपान ठीक कर लें। सिर्फ पैरासिटामाल और ग्लूकोज से ही डेंगू ठीक हो जाता है। प्लेटलेट्स 30 हजार से नीचे आए और नाक, मल द्वार या शरीर के अन्य हिस्सों से ब्लीडिंग होने लगे तो ही प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। हैलट में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया सभी का पूरी इलाज हो रहा है।

प्रो. आरसी गुप्ता, एसआईसी, हैलट

पाइरेथ्रम का करें छिड़काव
यदि मलेरिया विभाग आपके घर तक नहीं पहुंच रहा है तो परेशान न हों। बाजार में कीटनाशक दुकानों पर लार्वा और मच्छरों को मारने के लिए कीटनाशक आसानी से उपलब्ध है। एडीज का लार्वा मारने के लिए अबेट और मच्छर मारने के लिए पाइरेथ्रम (बाजार में दूसरे नाम से) नाम का कीटनाशक उपलब्ध है। अबेट को दस लीटर पानी में पांच मिलीलीटर मिलाकर इकट्ठा पानी में छिड़काव से लार्वा मर जाते हैं। यदि डेंगू का मच्छर है तो पाइरेथ्रम नाम की दवा के एक लीटर पैक को 19 लीटर केरोसिन (जरूरत के हिसाब से तैयार करें) में मिलाकर स्प्रे पंप से छिड़का जाता है। यदि अबेट नहीं खरीद सकते तो बाइक सर्विस सेंटरों से जला मोबिल लेकर इकट्ठा पानी में डाल दें, लार्वा मर जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed