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Driver Strike: चक्काजाम... उपद्रव में बदला विरोध-प्रदर्शन, मर्यादाएं टूटी; कैमरे में कैद अराजकता की तस्वीरें

Tue, 02 Jan 2024 02:06 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 02 Jan 2024 02:06 PM IST
सार

हिट एंड रन मामले में प्रस्तावित नए कानून के तहत 10 साल सजा और जुर्माना के विरोध में सोमवार को शहर के दो लाख से ज्यादा ट्रक चालक हड़ताल पर चले गए। जो ट्रक जहां खड़े थे वहीं पर खड़े रह गए। इससे चकरपुर मंडी और सीपीसी माल गोदाम में माल लोडिंग-अनलोडिंग का काम नहीं हुआ।

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Hit And Run New - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूरे उत्तर प्रदेश के साथ कानपुर में दूसरे दिन भी हड़ताल जारी है। धरमपुर बंबा और सजेती थाना इलाके के गुजेला के पास कानपुर सागर मार्ग पर दूसरे दिन भी ट्रक चालकों ने चक्का जाम किया। रोडवेज बसों को भी रोका। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार (मजिस्ट्रेट) तक की गाड़ी रोक दी। हालांकि पुलिस ने बसों और मजिस्ट्रेट की गाड़ी को निकलवाया।
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इससे पहले, सड़क हादसे के बाद भागने पर ड्राइवरों पर पांच लाख रुपये का जुर्माना और 10 साल की सजा के प्रस्तावित कानून के विरोध में शहर में चक्का जाम हो गया। इससे रोडवेज बसों, ई-बसों, ऑटो, टेंपो का पहिया नहीं घूमा। इससे लोगों को पैदल ही गंतव्य को जाना पड़ा। लोग पीठ पर बैग लादकर पैदल चलने को मजबूर हुए।
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करीब 75 हजार ऐसे वाहनों की हड़ताल से यात्रा करने वाले लोग दिन भर परेशान हुए। नए साल पर घूमने आने जाने वाले लोगों को भी वाहन न मिलने से पैदल आना जाना पड़ा। जो वाहन चालक सड़क पर निकले, उन्हें यूनियन के दबंगों ने पीटा। यात्रियों को वाहनों से उतारकर गालियां दीं और वाहनों पर तोड़फोड़ की। 
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यहां तक की ऊबर, ओला के चार पहिया वाहन भी नहीं चले। हालांकि बाइक सर्विस जारी रही। यूपी मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने एक से तीन जनवरी तक हड़ताल कर विरोध जताने का आह्वान किया है।

हड़ताल का असर दूध की आपूर्ति पर भी असर पड़ा। सुबह दुग्ध वाहन सेंटरों तक आ गए, लेकिन शाम को गाड़ी नहीं आई। दुकानों से लोग बिना दूध के ही वापस लौटे। करीब 100 बड़े वाहनों से दूध की आपूर्ति शहर और आसपास के क्षेत्रों में की जाती है।

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Hit And Run New - फोटो : अमर उजाला
हड़ताल इसी तरह से रही तो मंगलवार को संकट बढ़ सकता है। कानपुर से ही प्रयागराज और वाराणसी के लिए भी दूध की आपूर्ति होती है। इन जनपदों में भी दूध नहीं पहुंच पा रहा है। अमूल प्लांट के अधिकारी किशन यादव ने बताया कि हड़ताल से दिक्कत आ रही है।

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Hit And Run New - फोटो : अमर उजाला
मर्यादाएं टूटी
आपको बता दें कि कानपुर में हिट एंड रन मामले में बनाए गए प्रस्तावित कानून के विरोध में सोमवार को बस, टेंपो ऑटो चालकों ने हड़ताल की। यूनियन के लोगों ने वाहन नहीं चलने दिए। वहीं, विरोध प्रदर्शन कई जगह उपद्रव में भी बदल गया। जो चालक टेंपो-ऑटो लेकर निकले उनसे मारपीट और अभद्रता की गई। सवारियों से भी गाली-गलौज की। इससे मर्यादाएं टूटती नजर आईं।

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Hit And Run New - फोटो : अमर उजाला
हर चौराहे पर यात्रियों की भीड़
रामादेवी चौराहा, बारादेवी, किदवईनगर चौराहा, यशोदानगर, गोल चौराहा, जरीब चौकी, जाजमऊ, फूलबाग, कल्याणपुर, गुरुदेव चौराहा समेत शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर यात्रियों की भीड़ रही। यात्री ऑटो टेंपो खाली देखकर बैठाने की मिन्नतें कर रहे, लेकिन ड्राइवर हाथ हिलाकर निकलते दिखे। राामादेवी चौराहे पर दोपहर करीब सवा दो बजे एक ई रिक्शा चालक को महिला यूनियन नेताओं समेत अन्य ने पीटा। सवारियों को गालियां देकर उतारा गया।
 

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Strike - फोटो : ANI
80 प्रतिशत प्राइवेट, 75 प्रतिशत रोडवेज बसें नहीं चलीं
ड्राइवरों की हड़ताल के कारण 80 प्रतिशत प्राइवेट कॉमर्शियल वाहन और 75 रोडवेज बसें और ई बसों का संचालन नहीं हो सका। इससे लोग चौराहों पर बस अड्डों पर इंतजार करते है।

हड़ताल में मेट्रो बनी सहारा, 30 हजार यात्रियों ने किया सफर
नए साल के पहले दिन सोमवार को टेंपो, आटो, ई-रिक्शा आदि सार्वजनिक परिवहन की हड़ताल में मेट्रो सहारा बनी। आईआईटी से मोतीझील तक नौ किलोमीटर लंबे रूट में ही 30,000 से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया। इस रूट में छह ट्रेनें ठसाठस भरकर चलीं। मेट्रो स्टेशनों खासकर मोतीझील और आईआईटी में दोपहर से रात तक टिकट लेने के लिए यात्रियों की लंबी लाइनें लगीं। मेट्रो में प्रतिदिन यात्रियों का औसत 4500 हैं। 2022 में साल के पहले दिन रिकार्ड 45000 यात्रियों और 1 जनवरी 2023 को 22000 यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया था। (ब्यूरो)
 

70 प्रतिशत नहीं हो पाई गैस सिलेंडर की आपूर्ति
हड़ताल से गैस सिलेंडर की आपूर्ति भी नहीं हो पाई। करीब 70 प्रतिशत आपूर्ति ठप रही। कानपुर एलपीजी वितरक संगठन के अध्यक्ष भारतीश मिश्र ने बताया कि रोजाना 20 हजार सिलेंडर की आपूर्ति की जाती है। सोमवार की सुबह पांच हजार सिलेंडर ही जा पाए थे, उसके बाद वाहन रोक दिए गए। बताया कि कानपुर से ही कानपुर देहात, उरई, झांसी व आसपास के दूसरे जिलाें में भी भेजा जाता है।

पेट्रोल डीजल का अभी पर्याप्त स्टॉक
वाहनों की हड़ताल से पेट्रोल और डीजल को लेकर फिलहाल दिक्कत नहीं है। अभी तीन दिन का स्टॉक पेट्रोल पंपों के पास जमा है। हड़ताल यदि तीन दिन से ज्यादा खिंचती है, तब दिक्कत हो सकती है।
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