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यूपी: सपा में पनपे मनोज का भाजपा में सिक्का, नेताओं की सरपरस्ती में मनमुताबिक कारनामों को देता रहा अंजाम

Sat, 05 Jun 2021 11:44 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 05 Jun 2021 11:44 AM IST
सार

अपराधी मनोज सिंह और भाजपा के अपराध पसंद नेताओं के बीच बने इस गठजोड़ का सिलसिला आगे चलकर दो गुटों में बंट गया।

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History sheeter Manoj Singh SP and BJP connection
हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिस हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह की वजह से भाजपा में शामिल अपराधियों की पोल खुली है, वही मनोज सिंह अखिलेश सरकार के दौरान वर्ष 2016 में समाजवादी पार्टी का जिला सचिव रहा है। जैसे ही 2017 में सपा सरकार का बिखराव हुआ, मनोज सिंह पाला बदलते हुए भाजपा सरकार से जुड़े लोगों के संपर्क में आ गया।
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मनोज सिंह ने भारतीय जनता पार्टी में भी एंट्री मारने की कोशिश की थी लेकिन वह सफल नहीं हो पाया था। लेकिन संरक्षण के लिए वह भाजपा के ऐसे नेताओं के संपर्क में लगातार बना रहा, जिनका अपराध से किसी न किसी रूप में नाता रहा है।
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अपराधी मनोज सिंह और भाजपा के अपराध पसंद नेताओं के बीच बने इस गठजोड़ का सिलसिला आगे चलकर दो गुटों में बंट गया। नारायण सिंह भदौरिया की ओर से जारी वीडियो के अनुसार जन्मदिन पार्टी में मनोज सिंह के होने की जानकारी पुलिस को देने वाला कोई और नहीं भाजपा नेता संदीप ठाकुर ही था। जो युवा मोर्चा की क्षेत्रीय इकाई में उपाध्यक्ष है। चर्चा है कि मनोज सिंह और संदीप ठाकुर के बीच पिछले काफी समय से दुश्मनी है। दोनों एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश में लगे रहते हैं। 
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भाजपा को हिस्ट्रीशीटर मनोज के सरपरस्तों की तलाश
भाजपा से नारायण सिंह भदौरिया की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने के बाद पार्टी ने अपने कई और नेताओं की भूमिका की जांच शुरू करा दी है। शहर के इन नेताओं का नाम हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पनाह देने में सामने आया है।

नारायण भदौरिया को लेकर हुई किरकिरी के बाद भाजपा का प्रदेश नेतृत्व अपराधियों के सरपरस्त दूसरे नेताओं को भी बख्शने के मूड में नहीं है। शुक्रवार को भदौरिया को पार्टी से हटाने का फैसला प्रदेश और क्षेत्रीय इकाई की जांच के बाद दक्षिणी इकाई जिलाध्यक्ष डॉ. वीना आर्या ने लिया। इसके साथ ही हिस्ट्रीशीटरों को पनाह देने वाले पार्टी के अन्य नेताओं की भी जांच-पड़ताल शुरू करा दी गई।
 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से की थी शिकायत, वॉयस रिकॉर्डिंग वॉयरल

भाजपा नेता रहे नारायण सिंह भदौरिया की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर एक और वॉयस रिकार्डिंग वायरल हुई है। यह कॉल रिकार्डिंग लखनऊ निवासी एक व्यक्ति और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की बताई जा रही है। यह रिकार्डिंग कुछ समय पहले की ही है। जिसमें पीड़ित ने नारायण भदौरिया और उसकी पत्नी के अवैध संबंधों की बात कह कार्रवाई की मांग की थी। प्रदेश अध्यक्ष ने जांच करा कार्रवाई का आश्वासन दिया था। 

रिकॉर्डिंग के अनुसार पीड़ित ने प्रदेश अध्यक्ष को बताया कि उसने किदवई नगर निवासी महिला से प्रेम विवाह किया था। इसके बाद पत्नी का नारायण सिंह से अवैध संबंध हो गया। नारायण की शह पर पत्नी ने उसके खिलाफ मुकदमे लिखवा दिए। तीन साल की बच्ची को छोड़ पत्नी 2013 में मायके चली गई थी।

पीड़ित के अनुसार उसने लखनऊ की कोर्ट में नारायण भदौरिया के खिलाफ परिवाद दायर किया था। आरोप है कि 2017 में नारायण ने उसपर हमला कराया था। दावा किया कि 2020 मई में लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने नारायण सिंह के खिलाफ कुर्की का आदेश भी किया था, लेकिन पुलिस ने सत्ता पक्ष के दबाव में आकर कोई कार्रवाई नहीं की थी। पीड़ित की बातचीत सुनने के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया था। शुक्रवार को नारायण भदौरिया की गिरफ्तारी होने के बाद वॉयस रिकॉर्डिंग फिर वायरल हो गई। 
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