हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर ने किया आत्महत्या का प्रयास: हवालात में काटी हाथ की नस, जीभ के नीचे रखता है ब्लेड
जरौली फेस वन निवासी अजय ठाकुर बर्रा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ बर्रा थाने में दुष्कर्म, रंगदारी, लूट, चोरी, जबरन वसूली आदि धाराओं में 18 मुकदमे दर्ज हैं।
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कानपुर के किदवई नगर थाना में बंद हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर ने ब्लेड से हाथ की नस काटकर खुदकुशी करने का प्रयास किया। हवालात में अजय को तड़पता देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन पुलिस ने उसे हवालात से बाहर निकाला और निजी अस्पताल ले गए।
बता दें कि जरौली फेस वन निवासी अजय ठाकुर हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ गोविंदनगर, बर्रा, किदवईनगर में करीब 18 मुकदमे दर्ज है। बलवा, मारपीट, रंगदारी मांगने, जान से मारने के प्रयास आदि गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।उसकी पुलिस काफी लंबे समय से तलाश कर रही थी।
गुरुवार को किदवई नगर पुलिस ने उसे क्षेत्र से ही दबोच लिया। इसके बाद थाने लाकर पूछताछ की। शाम को अजय ने हवालात के अंदर ब्लेड से हाथ की नस काट ली। तभी दरवाजे पर खड़े पहरेदार की नजर अजय पर पड़ी, तो वह अंदर तड़प रहा था। इस सूचना से सभी पुलिस कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया।
तत्काल उसे हवालात से बाहर निकाला और हॉस्पिटल ले गए। इधर किदवई नगर पुलिस ने बताया कि अजय ने ब्लेड नहीं मारी, बल्कि दरवाजे में लोहे का तार लगा था जिसे मार कर उसने खुद को घायल किया है। डीसीपी साउथ सलमान ताज पाटिल ने बताया कि शाम को उसकी मां उससे मिलने आई थी, मां ने ही उसे ब्लेड दिया था। इसकी जांच की जा रही है।
जीभ के नीचे दबाकर रखता है ब्लेड
हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर की तलाश, तो पुलिस काफी दिनों से कर रही थी। मगर वह बार-बार अपने ठिकाने बदल रहा था। इस कारण पुलिस को उसे पकड़ने में काफी मुसीबत हुई। हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर अपनी जीभ के नीचे हमेशा आधी ब्लेड रखता है।
कई बार मारपीट के दौरान उसने इसका प्रयोग भी किया है। अजय को थाने लाने के बाद पुलिस को भनक भी नहीं लग सकी की उसके पास ब्लेड भी है। जबकि वह 12 घंटे से अधिक समय तक हवालात में बैठा रहा। मगर पुलिस तलाशी के दौरान भी नहीं पकड़ पाई।