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ताे राम जन्म भूमि पर हाे जाएगा काेर्ई फैसला
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर।
Updated Sat, 13 Aug 2016 09:18 PM IST
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महंत ज्ञानदास आैर हाशिम अंसारी की फाइल फाेटाे
- फोटो : google
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अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर-बाबरी मस्जिद काविवाद आपसी बातचीत से हल होने की दिशा में काम शुरू हो गया है। कानपुर में 20 अगस्त को होने वाले सद्भाव सम्मेलन से इसकी शुरुआत होगी। इसमें मंदिर पक्ष के पैरोकार और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास और बाबरी मस्जिद के प्रमुख मुद्दई हाशिम अंसारी के पुत्र व पक्षकार इकबाल अंसारी एक मंच पर होंगे। इस विवाद को बातचीत से हल कराने की दिशा में मुस्लिम एसोसिएशन ने पहल की है।
जुटेंगे कर्ई हिंदू अाैर मुस्लिम धर्म गुरु
इस सम्मेलन में हिंदू-मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी, धर्मगुरु और आम लोग शामिल होंगे। मुस्लिम एसोसिएशन के महामंत्री हाजी अब्दुल हसीब ने बताया कि दोनों प्रमुख लोग आ रहे हैं। हलीम इंटर कॉलेज के हॉल में होने वाले सम्मेलन का मकसद देश और दुनिया में हिंदू-मुस्लिम एकता और उनके बीच मजबूत रिश्तों का संदेश देना है। मंदिर-मस्जिद विवाद का हल आपसी बातचीत से ही तय हो सकता है। दोनों प्रमुख लोगों की मौजूदगी में समाज के लोगों के बीच यह बातें होंगी।
चुनावी सरगर्मी भी हाेगी तेज
चुनावी मौसम में कोई भी ध्रुवीकरण के माध्यम से सियासी फायदा हासिल करे, इसे रोकने की कोशिश है। मकसद है कि प्रत्याशी अच्छा हो तो किसी भी पार्टी को मुसलमान वोट दें। यह संदेश देना है।
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जुटेंगे कर्ई हिंदू अाैर मुस्लिम धर्म गुरु
इस सम्मेलन में हिंदू-मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी, धर्मगुरु और आम लोग शामिल होंगे। मुस्लिम एसोसिएशन के महामंत्री हाजी अब्दुल हसीब ने बताया कि दोनों प्रमुख लोग आ रहे हैं। हलीम इंटर कॉलेज के हॉल में होने वाले सम्मेलन का मकसद देश और दुनिया में हिंदू-मुस्लिम एकता और उनके बीच मजबूत रिश्तों का संदेश देना है। मंदिर-मस्जिद विवाद का हल आपसी बातचीत से ही तय हो सकता है। दोनों प्रमुख लोगों की मौजूदगी में समाज के लोगों के बीच यह बातें होंगी।
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चुनावी सरगर्मी भी हाेगी तेज
चुनावी मौसम में कोई भी ध्रुवीकरण के माध्यम से सियासी फायदा हासिल करे, इसे रोकने की कोशिश है। मकसद है कि प्रत्याशी अच्छा हो तो किसी भी पार्टी को मुसलमान वोट दें। यह संदेश देना है।
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