फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   hepatitis B Problem growing in the body

शरीर में गुपचुप घुस रहा हेपेटाइटिस बी, इस मर्ज की भनक नहीं लगती, मौत के मुहाने तक पहुंचा देती बीमारी

Sun, 12 May 2019 12:10 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 12 May 2019 12:10 PM IST
विज्ञापन
hepatitis B Problem growing in the body
प्रतीकात्मक फोटो
हेपेटाइटिस बी का संक्रमण बड़े पैमाने पर फैलता जा रहा है। जब किसी व्यक्ति की किसी बीमारी के लिए जांच कराई जा रही है तो इस संक्रमण का पता चल रहा है। कानपुर में मेडिसिन विभाग की गैस्ट्रो पेन क्लीनिक में हेपेटाइटिस बी के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन


हैरत यह है कि रोगियों को मर्ज होने की भनक नहीं लग पाती और इलाज में देरी हो जा रही है। डायग्नोसिस तैयार करने में अंदाजा लगता है कि किसी को टैटू गुदवाने, दांत उखड़वाने और खून चढ़ने में यह संक्रमण मिला है। शनिवार को गैस्ट्रो पेन क्लीनिक में गैस्ट्रोइंटोलोजिस्ट डॉ. विनय कुमार को दिखाने के लिए अजीज खां अपनी जांच रिपोर्ट लेकर आए।
विज्ञापन

उन्हें हेपेटाइटिस बी है। अजीज खां को हैलट में हार्निया की सर्जरी करानी है। इसी से उनकी जांच कराई थी। उन्हें पता नहीं है कि संक्रमण कब और कैसे लगा? इसी तरह स्वरूपनगर निवासी विनोद कुमार को हीट स्ट्रोक हुआ। फिर उल्टियां होने लगीं।

अस्पताल आने पर जांच कराई गई तो लिवर खराब निकला। जब वायरस मार्कर जांच हुई तो पता चला कि हेपेटाइटिस बी का संक्रमण है। विनोद कुमार ने दो साल पहले हाथ पर टैटू बनवाया था। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं में भी हेपेटाइटिस बी का संक्रमण निकल रहा है।

सर्जरी के पहले कराई जाने वाली जांचों में इसका खुलासा हो रहा है। सिर्फ हैलट में अब तक ढाई सौ रोगी हेपेटाइटिस बी का इलाज करा रहे हैं। इनमें 40 रोगी हेपेटाइटिस सी के भी हैं।

हज के लिए जांच कराई तो हेपेटाइटिस बी निकला
कानपुर में चमनगंज के आदिल खां इस बार हज पर जा रहे हैं। मेडिकल सर्टिफिकेट हज समिति में जमा करने के लिए जांच कराई तो हेपेटाइटिस बी निकला है। इसी तरह छह और हज यात्री हैं, जो जिन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट के चक्कर में रोग का पता चला। सबसे अधिक संख्या उन्नाव के हज यात्रियों की है। अभी तक उन्नाव के 30 हज यात्री इलाज के लिए हैलट आए हैं। इनमें पांच को हेपेटाइटिस सी और बाकी को बी है।
 
विज्ञापन

ऐसे हो सकता है संक्रमण
- संक्रमित उपकरण से दांत निकलवाने
- संक्रमित उपकरण से टैटू बनवाने
- संक्रमित उस्तरा से दाढ़ी, बाल बनवाने
- संक्रमित खून चढ़वाने, रोगी की सिरिंज से सुई लगवाने
- असुरक्षित यौन संबंध

हेपेटाइटिस बी के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। हेपेटाइटिस बी के रोगियों की संख्या हेपेटाइटिस सी से चार गुना अधिक है। रोगी जब दूसरे रोग के इलाज के लिए जांच कराते हैं तो मर्ज पता चल पा रहा है। कई रोगी लिवर खराब हो जाने पर आ रहे हैं। रोगी जितनी जल्दी आएगा उतना फायदा होगा।
- डॉ. विनय कुमार, गैस्ट्रोइंटोलोजिस्ट, मेडिकल कालेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed