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Kanpur News: हृदय रोगियों को अब मेडिकल कॉलेज में मिलेगा त्वरित उपचार
Thu, 01 Oct 2026 01:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:38 AM IST
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कानपुर देहात। अब अकबरपुर मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग के गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। बुधवार को एसटीईएमआई (एसटी-एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्क्शन) जांच सुविधा शुरू की गई। मेडिकल कॉलेज की तृतीय मंजिल पर पांच बेड की आईसीसीयू (इंटेंसिव कार्डियक केयर यूनिट) भी चालू की गई है। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने सुविधा का शुभारंभ किया।
जिलाधिकारी ने नवस्थापित आईसीयू वार्ड का भ्रमण कर वहां उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से वार्ड की कार्यप्रणाली एवं सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए कहा जनपद में हृदय रोगियों को समयबद्ध, बेहतर एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह सुविधा प्रारंभ की गई है, जिससे गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। उन्होंने जनपदवासियों से इस नवीन स्वास्थ्य सुविधा का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार ने बताया कि एसटीईएमआई आईसीसीयू वार्ड में हृदयाघात (हार्ट अटैक) के मरीजों की त्वरित पहचान एवं उपचार की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। यहां मरीजों की ईसीजी एवं अन्य आवश्यक जांचें, प्राथमिक उपचार तथा रीपरफ्यूजन थेरेपी के माध्यम से समयबद्ध चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। इससे हृदयाघात के मामलों में उपचार के लिए लगने वाले समय में कमी आएगी तथा मरीजों के जीवन की रक्षा करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
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मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतीक सक्सेना ने बताया कि सीने में दर्द या हृदय संबंधी समस्या लेकर आने वाले मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर ईसीजी कराई जाएगी। इसके साथ ट्रोप-आई टेस्ट भी कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट करीब 20 से 25 मिनट में मिल जाएगी। जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि और हृदय की रक्त वाहिका में थक्का पाए जाने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मरीज की स्थिति के अनुसार थक्का पिघलाने के लिए टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन दिया जाएगा। इससे करीब 70 से 80 फीसदी मरीजों को राहत मिलने की संभावना है। मरीज की हालत स्थिर होने के बाद उसे आगे की चिकित्सा के लिए एंजियोप्लास्टी कराने को हायर सेंटर भेजा जाएगा। आईसीसीयू के शुभारंभ के दौरान सीडीओ विधान जायसवाल, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. वंदना सिंह, डॉ. जसवीर सिंह, डॉ. रूबी द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।
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24 घंटे विशेषज्ञों की निगरानी में रहेगा आईसीसीयू
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार ने बताया कि विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतीक सक्सेना की देखरेख में आईसीसीयू का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ परामर्शदाता और रेजिडेंट 24 घंटे आईसीसीयू में तैनात रहेंगे। शुरुआती समय में उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से बचाने और जान बचाने में मदद मिलेगी।
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जिलाधिकारी ने नवस्थापित आईसीयू वार्ड का भ्रमण कर वहां उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से वार्ड की कार्यप्रणाली एवं सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए कहा जनपद में हृदय रोगियों को समयबद्ध, बेहतर एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह सुविधा प्रारंभ की गई है, जिससे गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। उन्होंने जनपदवासियों से इस नवीन स्वास्थ्य सुविधा का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार ने बताया कि एसटीईएमआई आईसीसीयू वार्ड में हृदयाघात (हार्ट अटैक) के मरीजों की त्वरित पहचान एवं उपचार की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। यहां मरीजों की ईसीजी एवं अन्य आवश्यक जांचें, प्राथमिक उपचार तथा रीपरफ्यूजन थेरेपी के माध्यम से समयबद्ध चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। इससे हृदयाघात के मामलों में उपचार के लिए लगने वाले समय में कमी आएगी तथा मरीजों के जीवन की रक्षा करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
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मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतीक सक्सेना ने बताया कि सीने में दर्द या हृदय संबंधी समस्या लेकर आने वाले मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर ईसीजी कराई जाएगी। इसके साथ ट्रोप-आई टेस्ट भी कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट करीब 20 से 25 मिनट में मिल जाएगी। जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि और हृदय की रक्त वाहिका में थक्का पाए जाने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मरीज की स्थिति के अनुसार थक्का पिघलाने के लिए टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन दिया जाएगा। इससे करीब 70 से 80 फीसदी मरीजों को राहत मिलने की संभावना है। मरीज की हालत स्थिर होने के बाद उसे आगे की चिकित्सा के लिए एंजियोप्लास्टी कराने को हायर सेंटर भेजा जाएगा। आईसीसीयू के शुभारंभ के दौरान सीडीओ विधान जायसवाल, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. वंदना सिंह, डॉ. जसवीर सिंह, डॉ. रूबी द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।
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24 घंटे विशेषज्ञों की निगरानी में रहेगा आईसीसीयू
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार ने बताया कि विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतीक सक्सेना की देखरेख में आईसीसीयू का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ परामर्शदाता और रेजिडेंट 24 घंटे आईसीसीयू में तैनात रहेंगे। शुरुआती समय में उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से बचाने और जान बचाने में मदद मिलेगी।