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Kanpur News: ढाबे के कचरे में फंस न जाएं हृदय रोगियों की सांसें
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कानपुर। एलपीएस हृदय रोग संस्थान के मुख्य द्वार पर संचालित अवैध ढाबे की गंदगी, गंदा पानी सब कैंपस में फेंका जा रहा है। इससे प्रदेश भर से आने वाले हृदय रोगियों को घातक संक्रमण हो सकता है। इस संबंध में संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश कुमार वर्मा ने डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को पत्र लिखा। साथ ही डॉक्टरों, कर्मचारियों और रोगियों की सुरक्षा के मद्देनजर इस ढाबे को तुरंत हटाए जाने का अनुरोध भी किया है।
निदेशक डॉ. वर्मा ने बताया कि संस्थान में नया कार्डियोलॉजी ब्लॉक और दूसरे निर्माण कार्य हो रहे हैं। मुख्य गेट पर सड़क के किनारे अवैध रूप से लकी ढाबा बना है। इसका न तो कोई ड्रेनेज सिस्टम है और न गंदगी निस्तारित करने का इंतजाम। सारा गंदा पानी, बदबूदार कचरा कैंपस में फेंक दिया जाता है। डीएम को भेजे पत्र में वाद संख्या 997 सन 1994 सुनील सिंह बनाम नगर निगम में न्यायालय के स्थगना आदेश की अवमानना के संबंध में भी जिक्र किया गया।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने लकी ढाबे की चौहद्दी के संबंध में उत्तर में कल्लू की दुकान, दक्षिण में स्कूटर की दुकान, पूरब में आईडीएच और पश्चिम में जीटी रोड बताया है। यह उल्लेख भ्रामक एवं असत्य है। सत्य यह कि लकी ढाबा के पश्चिम में हृदय रोग संस्थान का मुख्य भवन, पीछे विस्तारित हृदय रोग संस्थान (आईडीएच), पूरब में आशा ज्योति केंद्र (हृदय रोग को आवंटित एरिया) और दक्षिण में जीटी रोड है। शिकायत कर्ता का यह कथन कि वर्ष 1994 में संस्थान का गेट बना है, यह भ्रामक और झूठ है।
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निदेशक डॉ. वर्मा ने बताया कि आईडीएच भवन और कैंपस को शासन हृदय रोग संस्थान को विस्तारित करने के लिए आवंटित कर दिया है। सभी भवन का प्रशासकीय प्राधिकार संस्थान को प्राप्त है। संस्थान सभी करों का भुगतान करता है।
हृदय रोग संस्थान के सामने लकी ढाबे का मामला तीन जनवरी को पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल की बैठक में भी उठा था। निदेशक डॉ. राकेश कुमार वर्मा ने कहा था कि अवैध ढाबा कैंपस में गंदगी फैला रहा है। इसके अलावा बैठक के बाद बने पुलिस-डॉक्टर व्हाट्सएप ग्रुप में भी ढाबे के कारण होने वाली समस्याओं को बताया गया था।
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निदेशक डॉ. वर्मा ने बताया कि संस्थान में नया कार्डियोलॉजी ब्लॉक और दूसरे निर्माण कार्य हो रहे हैं। मुख्य गेट पर सड़क के किनारे अवैध रूप से लकी ढाबा बना है। इसका न तो कोई ड्रेनेज सिस्टम है और न गंदगी निस्तारित करने का इंतजाम। सारा गंदा पानी, बदबूदार कचरा कैंपस में फेंक दिया जाता है। डीएम को भेजे पत्र में वाद संख्या 997 सन 1994 सुनील सिंह बनाम नगर निगम में न्यायालय के स्थगना आदेश की अवमानना के संबंध में भी जिक्र किया गया।
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उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने लकी ढाबे की चौहद्दी के संबंध में उत्तर में कल्लू की दुकान, दक्षिण में स्कूटर की दुकान, पूरब में आईडीएच और पश्चिम में जीटी रोड बताया है। यह उल्लेख भ्रामक एवं असत्य है। सत्य यह कि लकी ढाबा के पश्चिम में हृदय रोग संस्थान का मुख्य भवन, पीछे विस्तारित हृदय रोग संस्थान (आईडीएच), पूरब में आशा ज्योति केंद्र (हृदय रोग को आवंटित एरिया) और दक्षिण में जीटी रोड है। शिकायत कर्ता का यह कथन कि वर्ष 1994 में संस्थान का गेट बना है, यह भ्रामक और झूठ है।
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निदेशक डॉ. वर्मा ने बताया कि आईडीएच भवन और कैंपस को शासन हृदय रोग संस्थान को विस्तारित करने के लिए आवंटित कर दिया है। सभी भवन का प्रशासकीय प्राधिकार संस्थान को प्राप्त है। संस्थान सभी करों का भुगतान करता है।
हृदय रोग संस्थान के सामने लकी ढाबे का मामला तीन जनवरी को पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल की बैठक में भी उठा था। निदेशक डॉ. राकेश कुमार वर्मा ने कहा था कि अवैध ढाबा कैंपस में गंदगी फैला रहा है। इसके अलावा बैठक के बाद बने पुलिस-डॉक्टर व्हाट्सएप ग्रुप में भी ढाबे के कारण होने वाली समस्याओं को बताया गया था।