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Kanpur News: हृदयघात रोगियों को नहीं लगानी पड़ेगी दूसरे जिलों की दौड़
Thu, 11 Dec 2025 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 11 Dec 2025 12:26 AM IST
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कानपुर देहात। जिले में हृदयघात रोगियों की प्रारंभिक इलाज के अभाव में जान नहीं जाएगी और न ही उन्हें दूसरे जिलों में इलाज करवाने जाना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज व जिले की छह सीएचसी पर एसटी-सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इंफ्रक्शन (स्टेमी) केयर यूनिट की स्थापना की गई है।
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि जिला स्टेमीकेयर (एसटी उन्नयन मायोकार्डियल रोधगलन) नेटवर्क कार्यक्रम से जुड़ चुका है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज, सीएचसी अकबरपुर, रसूलाबाद, पुखरायां शिवली, डेरापुर व सिकंदरा में स्टेमी केयर यूनिट की स्थापना की गई है। हेल्थ फैसिलिटी के चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्स स्टेमीकेयर के लिए प्रशिक्षित किए गए हैं।
कहा कि असहनीय सीने में दर्द अथवा हृदयघात से पीड़ित मरीज यदि समय पर अस्पताल पहुंचता है तो थ्राम्बोलीसिस की प्रक्रिया (इंजेक्शन लगाकर) मरीज की जान बचाई जा सकती है। यह इंजेक्शन सभी स्टेमी केयर में निशुल्क उपलब्ध है। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए कानपुर स्थित कार्डियोलॉजी से संबद्ध किया गया है। सुविधा के तहत टेली ईसीजी के माध्यम से हार्ट अटैक की पहचान करते हुए तत्काल आवश्यक उपचार देकर मरीज के जीवन की सुरक्षा की जाएगी।
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सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि जिला स्टेमीकेयर (एसटी उन्नयन मायोकार्डियल रोधगलन) नेटवर्क कार्यक्रम से जुड़ चुका है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज, सीएचसी अकबरपुर, रसूलाबाद, पुखरायां शिवली, डेरापुर व सिकंदरा में स्टेमी केयर यूनिट की स्थापना की गई है। हेल्थ फैसिलिटी के चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्स स्टेमीकेयर के लिए प्रशिक्षित किए गए हैं।
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कहा कि असहनीय सीने में दर्द अथवा हृदयघात से पीड़ित मरीज यदि समय पर अस्पताल पहुंचता है तो थ्राम्बोलीसिस की प्रक्रिया (इंजेक्शन लगाकर) मरीज की जान बचाई जा सकती है। यह इंजेक्शन सभी स्टेमी केयर में निशुल्क उपलब्ध है। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए कानपुर स्थित कार्डियोलॉजी से संबद्ध किया गया है। सुविधा के तहत टेली ईसीजी के माध्यम से हार्ट अटैक की पहचान करते हुए तत्काल आवश्यक उपचार देकर मरीज के जीवन की सुरक्षा की जाएगी।
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