{"_id":"615d5eaa8ebc3e62474620a6","slug":"hearing-on-bail-plea-of-minor-in-bikru-case-now-on-october-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिकरू कांड में नाबालिग की जमानत याचिका पर सुनवाई अब 20 अक्टूबर को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिकरू कांड में नाबालिग की जमानत याचिका पर सुनवाई अब 20 अक्टूबर को
Wed, 06 Oct 2021 02:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 06 Oct 2021 02:01 PM IST
सार
बिकरू कांड में आरोपी नाबालिग पिछले एक साल से न्यायिक हिरासत में है। पिछले दिनों बालिग होने के बाद उसे बाराबंकी स्थित बालिका संरक्षण गृह से माती जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।
विज्ञापन
आरोपी खुशी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिकरू कांड में नाबालिग की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार द्वारा पक्ष न रखने पर नाबालिग के अधिवक्ता विवेक तंखा ने सख्त आपत्ति जताई। सुप्रीम कोर्ट ने विवेक के तर्कों को सुनने के बाद प्रदेश सरकार को 20 अक्टूबर तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
बिकरू कांड में आरोपी नाबालिग पिछले एक साल से न्यायिक हिरासत में है। पिछले दिनों बालिग होने के बाद उसे बाराबंकी स्थित बालिका संरक्षण गृह से माती जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। नाबालिग की हाई कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा उसकी ओर से पैरवी कर रहे हैं।
मामले में पिछली तारीख पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जमानत याचिका के संबंध में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सरकार द्वारा अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया।
विज्ञापन
इस पर अधिवक्ता विवेक तंखा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपना जवाब नहीं दाखिल कर रही है ऐसी स्थिति में एक नाबालिग को बेवजह कब तक जेल में रखा जा सकता है। सरकार को जल्द अपना जवाब दाखिल करना चाहिए जिससे मामले की सुनवाई हो सके और एक निर्दोष जेल से रिहा हो सके।
विज्ञापन
बिकरू कांड में आरोपी नाबालिग पिछले एक साल से न्यायिक हिरासत में है। पिछले दिनों बालिग होने के बाद उसे बाराबंकी स्थित बालिका संरक्षण गृह से माती जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। नाबालिग की हाई कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा उसकी ओर से पैरवी कर रहे हैं।
विज्ञापन
मामले में पिछली तारीख पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जमानत याचिका के संबंध में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सरकार द्वारा अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया।
विज्ञापन
इस पर अधिवक्ता विवेक तंखा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपना जवाब नहीं दाखिल कर रही है ऐसी स्थिति में एक नाबालिग को बेवजह कब तक जेल में रखा जा सकता है। सरकार को जल्द अपना जवाब दाखिल करना चाहिए जिससे मामले की सुनवाई हो सके और एक निर्दोष जेल से रिहा हो सके।