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यूपी: सदर सांसद जय प्रकाश ने सोशल मीडिया पर की तल्ख टिप्पणी, बोले कोई सुनने वाला नहीं एमपी एमएलए की
Tue, 28 Jul 2020 05:19 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 28 Jul 2020 05:19 PM IST
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हरदोई सदर से सांसद जय प्रकाश
- फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश को हरदोई जिले के प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की कार्यशैली पर सदर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद जय प्रकाश ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया है। अफसरों की कार्यशैली से भाजपा सांसद जय प्रकाश ने सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी में लिखा है कि हमने अपने तीस वर्ष के कार्यकाल में ऐसी बेबसी कभी महसूस नहीं की।
समाजसेवा के क्षेत्र में एक अलग पहचान रखने वाले धर्मशाला रोड निवासी प्रियम मिश्रा ने सोमवार देर रात अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा था कि कोविड-19 के दौरान सांसद और विधायक लोगों ने जो अपनी निधि का पैसा दिया था, उससे अगर हरदेाई जिला अस्पताल में एक वेंटिलेटर मशीन लग जाए तो लोगों को कोरोना के बाद भी बहुत राहत मिलेगी। इस पोस्ट पर लोगों ने अपनी राय जताना शुरू की, तो सदर से लोकसभा सांसद जय प्रकाश ने भी टिप्पणी की। पहली टिप्पणी में सदर सांसद ने लिखा कि मैंने अपनी निधि इसी शर्त पर दी थी कि वेंटिलेटर खरीदा जाए, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। निधि कहां गई पता नहीं।
इस पर कुछ अन्य लोगों ने टिप्पणी की। तो सांसद ने दोबारा लिखा कि जब ऊपर से यह निर्देश होगा कि अधिकारी अपने विवेक से काम करें तो हमको कौन सुनेगा। सांसद ने आगे लिखा है कि अपने तीस वर्षों के कार्यकाल में ऐसी बेबसी कभी महसूस नहीं की। एक अन्य टिप्पणी के जवाब में सांसद ने अंग्रेजी में लिखा है कि वह शर्मिंदा हैं क्योंकि कोई सुनने वाला नहीं है एमपी और एमएलए की। सांसद जय प्रकाश की सोशल मीडिया पर की गईं उक्त टिप्पणियां पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई हैं, तो राजनीतिक गलियारों में भी खासी उथल पुथल मची है।
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समाजसेवा के क्षेत्र में एक अलग पहचान रखने वाले धर्मशाला रोड निवासी प्रियम मिश्रा ने सोमवार देर रात अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा था कि कोविड-19 के दौरान सांसद और विधायक लोगों ने जो अपनी निधि का पैसा दिया था, उससे अगर हरदेाई जिला अस्पताल में एक वेंटिलेटर मशीन लग जाए तो लोगों को कोरोना के बाद भी बहुत राहत मिलेगी। इस पोस्ट पर लोगों ने अपनी राय जताना शुरू की, तो सदर से लोकसभा सांसद जय प्रकाश ने भी टिप्पणी की। पहली टिप्पणी में सदर सांसद ने लिखा कि मैंने अपनी निधि इसी शर्त पर दी थी कि वेंटिलेटर खरीदा जाए, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। निधि कहां गई पता नहीं।
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इस पर कुछ अन्य लोगों ने टिप्पणी की। तो सांसद ने दोबारा लिखा कि जब ऊपर से यह निर्देश होगा कि अधिकारी अपने विवेक से काम करें तो हमको कौन सुनेगा। सांसद ने आगे लिखा है कि अपने तीस वर्षों के कार्यकाल में ऐसी बेबसी कभी महसूस नहीं की। एक अन्य टिप्पणी के जवाब में सांसद ने अंग्रेजी में लिखा है कि वह शर्मिंदा हैं क्योंकि कोई सुनने वाला नहीं है एमपी और एमएलए की। सांसद जय प्रकाश की सोशल मीडिया पर की गईं उक्त टिप्पणियां पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई हैं, तो राजनीतिक गलियारों में भी खासी उथल पुथल मची है।
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सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी का स्क्रीन शॉट
- फोटो : amar ujala
गंभीर और नपा तुला बोलने वालों में गिने जाते हैं सांसद
सांसद जय प्रकाश की छवि बेहद गंभीर व्यक्ति के रूप में है। वह सोशल मीडिया से लेकर चुनावी मंचों, सामाजिक कार्यक्रमों, सरकारी कार्यक्रमों में भी नपा तुला बोलने के लिए जाने जाते हैं। जय प्रकाश को सबको साथ में लेकर चलने के लिए भी अलग पहचान मिली हुई है। बावजूद इसके जब जय प्रकाश ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की तो इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
श्याम प्रकाश और रानू भी खोल चुके हैं मोर्चा
गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश इससे पहले कई बार प्रशासनिक अफसरों की कार्यशैली और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल सार्वजनिक रूप से उठा चुके हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले श्याम प्रकाश ने भ्रष्टाचार और अफसरों की मनमानी को लेकर कई बार तल्ख टिप्पणी की है। इसके अलावा सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू भी सवायजपुर तहसील के एसडीएम मनोज सागर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर मुख्यमंत्री से शिकायत कर चुके हैं। दीगर बात यह है कि अब तक दोनों विधायकों की पोस्ट और पत्र पर प्रभावी कार्यवाही होते नजर नहीं आई।
एक नजर जय प्रकाश के राजनीतिक सफर पर
- वर्ष 1991 और 1996 में हरदोई लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद
- वर्ष 1999 में लोकतांत्रिक कांग्रेस से हरदोई सीट से लोकसभा के लिए चुने गए
- वर्ष 2004 में मोहनलालगंज से सपा के टिकट पर सांसद चुने गए
- वर्ष 2010 में बसपा से राज्यसभा सदस्य चुने गए
- वर्ष 2017 हरदोई सदर से भाजपा टिकट पर लोकसभा के लिए चुने गए
सांसद जय प्रकाश की छवि बेहद गंभीर व्यक्ति के रूप में है। वह सोशल मीडिया से लेकर चुनावी मंचों, सामाजिक कार्यक्रमों, सरकारी कार्यक्रमों में भी नपा तुला बोलने के लिए जाने जाते हैं। जय प्रकाश को सबको साथ में लेकर चलने के लिए भी अलग पहचान मिली हुई है। बावजूद इसके जब जय प्रकाश ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की तो इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
श्याम प्रकाश और रानू भी खोल चुके हैं मोर्चा
गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश इससे पहले कई बार प्रशासनिक अफसरों की कार्यशैली और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल सार्वजनिक रूप से उठा चुके हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले श्याम प्रकाश ने भ्रष्टाचार और अफसरों की मनमानी को लेकर कई बार तल्ख टिप्पणी की है। इसके अलावा सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू भी सवायजपुर तहसील के एसडीएम मनोज सागर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर मुख्यमंत्री से शिकायत कर चुके हैं। दीगर बात यह है कि अब तक दोनों विधायकों की पोस्ट और पत्र पर प्रभावी कार्यवाही होते नजर नहीं आई।
एक नजर जय प्रकाश के राजनीतिक सफर पर
- वर्ष 1991 और 1996 में हरदोई लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद
- वर्ष 1999 में लोकतांत्रिक कांग्रेस से हरदोई सीट से लोकसभा के लिए चुने गए
- वर्ष 2004 में मोहनलालगंज से सपा के टिकट पर सांसद चुने गए
- वर्ष 2010 में बसपा से राज्यसभा सदस्य चुने गए
- वर्ष 2017 हरदोई सदर से भाजपा टिकट पर लोकसभा के लिए चुने गए