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युवा)हर घर शिक्षा का दीप जला रहे दिव्यांग शिक्षक श्याम सिंह
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बच्चों को पढ़ाते श्याम सिंह। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
शिवली। दिव्यांगता किसी की मदद में बाधक नहीं बन सकती है यह साबित किया है मैथा तहसील के सरैयां गांव निवासी श्याम सिंह ने। प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक होने के बाद भी श्याम आसपास के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देते हैं। उनके जज्बे की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
सरैया गांव निवासी दिव्यांग श्याम सिंह वर्ष 2015 में प्रधान चुने गए थे। इसके बाद भी अपनी कमजोरी को ताकत मानकर मेहनत करते हैं। पांच साल प्रधान रहते हुए गांव के विकास में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। पिछले वर्ष प्राथमिक स्कूल में शिक्षक के रूप में उनका चयन हो गया।
कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी उन्होंने मोहल्ला क्लास का संचालन कर बच्चों को पढ़ाया। स्कूल में पढ़ाने के अलावा वे घर में भी क्षेत्र के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देते हैं। श्याम तीन भाइयों में सबसे बड़े है। पिता श्रवण बहादुर सिंह अवकाश प्राप्त शिक्षक हैं और मां रन्नो देवी गृहणी हैं।
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श्याम सिंह ने बतया कि समाज की लगन के चलते वे सदैव इस ओर काम करते रहते हैं। अब उनका मकसद है कि गांव के हर घर में शिक्षा का दीप जले। इसके लिए वह स्कूल से आने के बाद घर में बच्चों को निशुल्क पढ़ाते हैं। जरूरतमंद बच्चों की अपने स्तर से मदद भी करते हैं।
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सरैया गांव निवासी दिव्यांग श्याम सिंह वर्ष 2015 में प्रधान चुने गए थे। इसके बाद भी अपनी कमजोरी को ताकत मानकर मेहनत करते हैं। पांच साल प्रधान रहते हुए गांव के विकास में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। पिछले वर्ष प्राथमिक स्कूल में शिक्षक के रूप में उनका चयन हो गया।
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कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी उन्होंने मोहल्ला क्लास का संचालन कर बच्चों को पढ़ाया। स्कूल में पढ़ाने के अलावा वे घर में भी क्षेत्र के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देते हैं। श्याम तीन भाइयों में सबसे बड़े है। पिता श्रवण बहादुर सिंह अवकाश प्राप्त शिक्षक हैं और मां रन्नो देवी गृहणी हैं।
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श्याम सिंह ने बतया कि समाज की लगन के चलते वे सदैव इस ओर काम करते रहते हैं। अब उनका मकसद है कि गांव के हर घर में शिक्षा का दीप जले। इसके लिए वह स्कूल से आने के बाद घर में बच्चों को निशुल्क पढ़ाते हैं। जरूरतमंद बच्चों की अपने स्तर से मदद भी करते हैं।