Kanpur: चांदी व नौ कैरेट सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग की तैयारी, 1100 से ज्यादा सराफा ने नहीं लिया BIS लाइसेंस
Kanpur News: सोने-चांदी के भाव आसमान पर हैं। ऐसे में कम कैरेट वाले गहनों की मांग है। दूसरे शहरों के व्यापारी नौ कैरेट सोने के गहनों पर हॉलमार्क लाने की मांग सरकार और बीआईएस अफसरों से कर चुके हैं। शहर के व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं।
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कानपुर में ग्राहकों को खरा सोने देने की व्यवस्था के बाद भारतीय मानक ब्यूरो चांदी पर एचयूआईडी हॉलमार्क लाने की तैयारी कर रहा है। चांदी में सबसे ज्यादा मिलावट की जाती है। शहर में सराफा का बड़ा कारोबार है। बिरहाना रोड, नयागंज, चौक में थोक बाजार है। इसके अलावा शहर भर में दो हजार से ज्यादा शोरूम-दुकानें हैं। यहां पर सामान्य दिनों में एक हजार क्विंटल चांदी और 35 किलो सोना की बिक्री होती रही है। जून 2021 में बीआईएस के नियम लागू किए गए थे।
इसके तहत सराफा व्यापारी को बीआईएस का लाइसेंस लेना अनिवार्य है। हर सोने के गहने पर हॉलमार्क चिह्न के साथ ही एचयूआईडी, सराफा का कोड, कैरेट अंकित किया जाना है। दरअसल, 40 लाख या इससे अधिक के टर्नओवर वाले कारोबारियों पर ये नियम लागू है, लेकिन सराफा व्यापारी इससे नीचे का टर्नओवर बताकर इस व्यवस्था से खुद को बाहर किए हुए हैं। अब 40 लाख से कम टर्नओवर वाले कारोबारियों को इसमें लाए जाने की तैयारी है।
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि सोने का दाम 75 हजार रुपये प्रति दस ग्राम चल रहा है। जबकि चांदी 94 हजार रुपये किलो से ऊपर बिक रही है। अब चांदी के गहनों पर एचयूआईडी लागू किया जा सकता है। इस संबंध में भारतीय मानक ब्यूरो ने 22 जुलाई को केंद्र सरकार की ओर से नामित कमेटी के सदस्यों की बैठक दिल्ली में बुलाई है। हालांकि जागरूकता के बाद भी 1100 से ज्यादा लोग लाइसेंस नहीं लिए हुए हैं।
बीआईएस केयर एप से करें जानकारी
सोने के गहनों पर हॉलमार्क अनिवार्य है। यदि किसी को जानकारी करनी है कि गहने कितने कैरेट के हैं तो वो गूगल प्लेस्टोर से बीआईएस केयर एप डाउनलोड कर उसपर सोने के गहने पर लिखा एचयूआईडी नंबर डालें। इससे गहने के बारे में पूरी जानकारी आ जाएगी। यदि किसी ग्राहक के साथ सराफा ने धोखा किया है तो बीआईएस की वेबसाइट पर जाकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वहीं, शहर में नयागंज, बिरहाना रोड, चौक में सात हॉलमार्क सेंटर हैं। जहां पर 236 रुपये प्रति आर्टिकल देकर सोने के गहनों की शुद्धता जांची जा सकती है।
इतनी होती है शुद्धता
14 कैरेट में 58 प्रतिशत, 18 कैरेट में 75 प्रतिशत, 20 कैरेट में 83 प्रतिशत, 22 कैरेट में 91 प्रतिशत, 23 कैरेट में 95 प्रतिशत और 24 कैरेट में 99.90 प्रतिशत सोने की शुद्धता होती है। चांदी के गहनों में सबसे ज्यादा तांबा, एल्युमिनियम मिलाया जाता है। वहीं, हॉलमार्क लाइसेंस लेने वालों को इससे संबंधित प्रमाणपत्र का प्रदर्शन शोरूम या दुकानों पर करना अनिवार्य है।
नौ कैरेट के गहनों का व्यापारी कर रहे विरोध
सोने-चांदी के भाव आसमान पर हैं। ऐसे में कम कैरेट वाले गहनों की मांग है। दूसरे शहरों के व्यापारी नौ कैरेट सोने के गहनों पर हॉलमार्क लाने की मांग सरकार और बीआईएस अफसरों से कर चुके हैं। शहर के व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि सोने के गहने खरीदते समय कैरेट का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण है। कैरट सोने की शुद्धता को मापने का पैमाना है, और अधिक कैरट का मतलब है कि सोने में कम मिलावट है। 14 कैरट से कम के सोने को चुनते हैं तो सोने की शुद्धता कम हो जाती है। उदाहरण के लिए 9 कैरेट सोने में केवल 37.5 प्रतिशत सोना होता है, जबकि बाकी 62.5 अन्य धातुएं होती हैं। इसका मतलब है कि 9 कैरट गोल्ड में केवल 9 पार्ट सोना होता है, जबकि 15 पार्ट अन्य धातुएं होती हैं।