फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Hallet got PGI Cancer and reconstructive surgery started department of Pain Medicine also became separate

Kanpur: हैलट को पीजीआई मिला…कैंसर और रिकॉन्स्ट्रक्टिव सर्जरी हुई शुरू, पेन मेडिसिन का विभाग भी हुआ अलग

Thu, 27 Mar 2025 03:01 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 27 Mar 2025 03:01 PM IST
सार

Kanpur News: सीएसए आए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि कानपुर में स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से बहुत बेहतर हुई हैं। पहले यहां के अस्पतालों की ओपीडी में मुश्किल से 500 रोगी पहुंचते थे। आज हर रोज पांच हजार से ज्यादा रोगी पहुंच रहे हैं।

विज्ञापन
Hallet got PGI Cancer and reconstructive surgery started department of Pain Medicine also became separate
हैलट हॉस्पिट कानपुर - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में आठ साल में हैलट, उर्सला समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में कई सुविधाएं बढ़ी हैं। इन आसपास के 18 जिलों के रोगियों को राहत मिली है। हैलट की सबसे बड़ी उपलब्धि मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट है। इसमें सुपर स्पेशलिस्ट विभाग खुल गए। इसके अलावा पीएमआर नए विभाग की स्थापना हुई। पेन मेडिसिन अलग विभाग हुआ है। हैलट में सीटी स्कैन और एमआरआई जांचें होने लगी हैं।

विज्ञापन

इसी दौरान मेडिसिन विभाग में डायलिसिस यूनिट चालू हुई है। न्यूरो साइंसेस में अत्याधुनिक मशीनें भी आई हैं। इनमें लेजर नेवीगेशन की व्यवस्था हुई। अत्याधुनिक उपकरण मिलने से कैंसर और रिकॉन्स्ट्रक्टिव सर्जरी होने लगी। हैलट और सुपर स्पेशियलिटी में मॉड्यूलर ओटी चालू हो गए हैं। नेत्र बैंक भी चालू हो गया है। अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन टैंक बन गए। वहीं, केपीएम अस्पताल में एक वार्ड को वातानुकूलित बनाया गया है, यहां 70 बेड हमेशा लगभग भरे रहते हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

उर्सला में जल्द शुरू होगी शहर की पहली डेंटल लैब
उर्सला में पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस हो रही है, जिससे रोगियों को राहत मिली है। इसके अलावा यहां पर शहर की पहली डेंटल लैब शुरू होने वाली है, जिसमें बत्तीसी बनेगी। अभी तक इसके लिए रोगियों को केजीएमयू या एसजीपीजीआई रेफर किया जाता है। एक और उपलब्धि पिछले वर्ष उर्सला के नाम से जुड़ी। यहां एफेरेसिस मशीन आ गई है। इससे रोगियों को प्लेटलेट्स की कमी नहीं होगी। मशीन एक यूनिट ब्लड से दस यूनिट प्लेटलेट्स बनाती है।

विज्ञापन

घाटमपुर सीएचसी में संचालित है न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट
घाटमपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट संचालित है, जिसका लाभ नवजातों को मिल रहा है। नवजात के पैदा होने पर सांस की समस्या, ज्वाइंडिस व बुखार आदि की समस्या होने पर उनका यूनिट में रखकर इलाज किया जाता है। चिकित्साधीक्षक डॉ. कैलाश चंद्र ने बताया कि यूनिट काफी समय से चल रही है। इससे बच्चे के माता पिता को कानपुर व स्थानीय अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।

विज्ञापन

डिप्टी सीएम बोले, कानपुर में बढ़ीं स्वास्थ्य सुविधाएं
सीएसए आए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि कानपुर में स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से बहुत बेहतर हुई हैं। पहले यहां के अस्पतालों की ओपीडी में मुश्किल से 500 रोगी पहुंचते थे। आज हर रोज पांच हजार से ज्यादा रोगी पहुंच रहे हैं। जिला अस्पतालों में 292 तरह की दवाइयां उपलब्ध हैं। 14 तरह की जांचें मुफ्त में की जा रही हैं। हर पांच हजार की आबादी पर एक आरोग्य मंदिर की स्थापना की गई है। गर्भवती रोगियों के लिए सरकारी के अलावा कुछ चिह्नित निजी संस्थानों में निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में यूपी प्रदेश में नंबर एक पर है। आयुष्मान कार्ड धारकों को प्राइवेट अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा उपलब्ध कराकर सरकार की ओर से अब तक 9000 करोड़ का भुगतान निजी चिकित्सालयों को किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed