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चादरें चढ़ाईं, मांगीं मुरादें
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 21 Dec 2014 03:20 AM IST
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जाजमऊ में हजरत मखदूम शाह आला के उर्स में शनिवार को फूलों और चादर चढ़ाकर अकीदतमंदों ने मुरादें मांगीं। इशा की नमाज के बाद मीलाद का आयोजन हुआ।
देर रात कव्वाली का दौर चला। उर्स में शहर और आसपास के जिलों से भी अकीदतमंद आएं हैं। रविवार को सुबह 11 बजे कुल का फातेहा शुरू होगा।
उलमा ने कहा कि ईरान के जंजान शहर से हजरत मखदूम शाह आला अपने वालिद के साथ आए थे। यहां पर उन्होंने लोगों को दीन की दावत दी। हजरत के पास तमाम लोग परेशानी लेकर आते थे।
वह सभी के लिए दुआ करते थे। आयोजकों ने बताया कि मखदूम शाह आला के उर्स के मौके पर कव्वालों को दावत देकर नहीं बुलाया जाता है। शहर के अलावा दूसरे जिलों के कव्वाल खुद ही कव्वाली पेश करने के लिए आते हैं।
दरगाह में कव्वाल आकर अपनी आमद दर्ज कराते हैं। इसी के हिसाब से कव्वालों के लिस्ट में नाम दर्ज किए जाते हैं। दरगाह में आने के बाद कव्वालों को समय दिया गया।
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उसी वक्त के अनुसार कव्वालों ने सूफी अंदाज में समा बांधा। फजिर की नमाज तक कव्वाली हुई। इस दौरान लोगों ने जमकर कव्वालों को नजराना पेश किया। रात भर मजार पर फातेहा पढ़ने और चादर चढ़ाने वाले आते रहे।
दरगाह से लेकर सड़क तक दोनों तरफ चादरों और फूलों के साथ शीरीनीं की दुकानों पर भी भीड़ रही। सज्जादानशीन अदनान राफे, उर्स कमेटी के इरशाद फारूकी समेत अन्य लोग बाहर से आने वालों का स्वागत करते रहे।
सड़क के किनारे लगी खाने पाने की दुकानों पर भीड़ लगी रही। कल सुबह कुरानख्वानी के बाद नात का नजराना पेश किया जाएगा। नात के बाद आधे घंटे तक तकरीर होगी।
तकरीर के बाद उर्स कमेटी महमानों का शुक्रिया अदा करेगी। 11 बजे कुल का फातेहा शुरू होगा। कुल के फातेहा में ही लाखों लोग शिरकत करते हैं।
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देर रात कव्वाली का दौर चला। उर्स में शहर और आसपास के जिलों से भी अकीदतमंद आएं हैं। रविवार को सुबह 11 बजे कुल का फातेहा शुरू होगा।
उलमा ने कहा कि ईरान के जंजान शहर से हजरत मखदूम शाह आला अपने वालिद के साथ आए थे। यहां पर उन्होंने लोगों को दीन की दावत दी। हजरत के पास तमाम लोग परेशानी लेकर आते थे।
वह सभी के लिए दुआ करते थे। आयोजकों ने बताया कि मखदूम शाह आला के उर्स के मौके पर कव्वालों को दावत देकर नहीं बुलाया जाता है। शहर के अलावा दूसरे जिलों के कव्वाल खुद ही कव्वाली पेश करने के लिए आते हैं।
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दरगाह में कव्वाल आकर अपनी आमद दर्ज कराते हैं। इसी के हिसाब से कव्वालों के लिस्ट में नाम दर्ज किए जाते हैं। दरगाह में आने के बाद कव्वालों को समय दिया गया।
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उसी वक्त के अनुसार कव्वालों ने सूफी अंदाज में समा बांधा। फजिर की नमाज तक कव्वाली हुई। इस दौरान लोगों ने जमकर कव्वालों को नजराना पेश किया। रात भर मजार पर फातेहा पढ़ने और चादर चढ़ाने वाले आते रहे।
दरगाह से लेकर सड़क तक दोनों तरफ चादरों और फूलों के साथ शीरीनीं की दुकानों पर भी भीड़ रही। सज्जादानशीन अदनान राफे, उर्स कमेटी के इरशाद फारूकी समेत अन्य लोग बाहर से आने वालों का स्वागत करते रहे।
सड़क के किनारे लगी खाने पाने की दुकानों पर भीड़ लगी रही। कल सुबह कुरानख्वानी के बाद नात का नजराना पेश किया जाएगा। नात के बाद आधे घंटे तक तकरीर होगी।
तकरीर के बाद उर्स कमेटी महमानों का शुक्रिया अदा करेगी। 11 बजे कुल का फातेहा शुरू होगा। कुल के फातेहा में ही लाखों लोग शिरकत करते हैं।