Hair Translpant: डॉ. अनुष्का ने अपनी क्लीनिक में ही किया था ऑपरेशन, साईंराम अस्पताल में नहीं मिला कोई सबूत
Kanpur News: एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि डॉ. मनीष यूरोलॉजिस्ट हैं। अस्पताल में ऐसा कुछ नहीं मिला है, जिससे यह दिखे कि वहां पर हेयर ट्रांसप्लांट होता है। इस स्तर की ओटी भी नहीं है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग की बनी कमेटी मामले की जांच करेगी।
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Two Engineers Death Case: कानपुर डॉ. अनुष्का तिवारी के दावे का इंजीनियर विनीत दुबे की पत्नी जया ने खंडन किया है। उनका कहना है कि वह अपने बचाव के लिए सबको गुमराह कर रही हैं। डॉक्टर और इंजीनियर विनीत की लाइव लोकेशन आवास विकास केशवपुरम स्थित इंपायर क्लीनिक मिली है तो बर्रा का अस्पताल कहां से आ गया।
जया का कहना है कि 13 मार्च को पति ने इंपायर क्लीनिक में हेयर ट्रांसप्लांट कराया था। 14 मार्च को उनकी तबीयत बिगड़ी। उन्हें छपेड़ा पुलिया के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर के क्लीनिक का पर्चा उस पर पर लिखी दवाएं सारे साक्ष्य हैं। बर्रा के जिस अस्पताल की बात डॉ. अनुष्का कह रही हैं। वहां वह (जया) स्वयं मरीज बनकर गईं, लेकिन रिसेप्शन पर बैठी स्टाफ ने अस्पताल में हेयर ट्रांसप्लांट न होने की जानकारी दी।
डॉ. मनीष कुमार निकले यूरोलॉजिस्ट
सांईराम चैरिटेबल हॉस्पिटल के डॉ. मनीष कुमार यूरोलॉजिस्ट निकले, जबकि डॉ. सिंह नाम का कोई भी डॉक्टर उनके यहां नहीं है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनसे और अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी। इधर अस्पताल प्रबंधन की ओर से नाम बदनाम करने को लेकर डॉ. अनुष्का के खिलाफ पुलिस से शिकायत की गई।
कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी
हेयर ट्रांसप्लांट मामले में आरोपी डॉ. अनुष्का ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी है। इसमें उनका दावा है कि उन्होंने ट्रांसप्लांट नहीं किया। विनीत दुबे का हेयर ट्रांसप्लांट साईं चैरिटेबल हॉस्पिटल में डॉ. मनीष कुमार और डॉ. सिंह ने किया। इस दावे के बाद शनिवार को एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी व उनकी टीम ने मामले में जानकारी जुटाई।
ये था पूरा मामला
केशवनगर की इंपायर क्लीनिक से हेयर ट्रांसप्लांट कराने पर पनकी पावर हाउस के सहायक अभियंता की मौत के बाद उसी क्लीनिक से इलाज कराने में फर्रुखाबाद के इंजीनियर के दम तोड़ने का मामला सामने आया था। पुलिस आरोपी डॉक्टर की तलाश में दबिश दे रही है। उसकी क्लीनिक से लगा बोर्ड और नेम प्लेट गायब हो गई थी।
दो कमरों में चलता है क्लिनिक
केशवपुरम के चार मंजिला कॉम्प्लेक्स के भूतल पर इंपायर क्लीनिक है। यहीं बाहर उनका बोर्ड लगा हुआ था। इस पर डेंटल, हेयर और एस्थेटिक्स लिखा था। पनकी निवासी सहायक अभियंता विनीत दुबे की मौत के बाद से यहां ताला लगा हुआ है। बोर्ड भी हटा दिया गया है। कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा में तैनात गार्ड ने बताया कि कुछ दिन से डॉक्टर नहीं आ रही हैं। क्लीनिक पर ताला लटका हुआ है।