{"_id":"573a1dad4f1c1bc54aac7924","slug":"had-become-a-paved-parade-ground-store","type":"story","status":"publish","title_hn":"परेड मैदान में बन रहीं पक्की दुकानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परेड मैदान में बन रहीं पक्की दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Tue, 17 May 2016 12:51 AM IST
विज्ञापन
परेड ग्राउंड में बनाई जा रहीं पक्की दुकानें।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। परेड मैदान में नजूल की बताई जा रही जमीन पर नियमविरुद्ध पक्की दुकानें बनाई जा रही हैं। 10 दिन से चल रहे अवैध निर्माण को रोकने के लिए न तो केडीए ने नोटिस दिया और न ही निर्माण रुकवाया। जिला प्रशासन, नगर निगम भी चुप्पी साधे है। उधर, रामलाली सोसाइटी, भाजपा, बजरंग दल ने जिला प्रशासन की शह पर अवैध निर्माण कराने का आरोप लगाया। इसे तत्काल रुकवाकर अस्थायी दुकानें ही बनवाने की मांग की।
परेड मैदान बाजार में 26 मार्च 2016 को लगी आग में लगभग 100 अस्थायी दुकानों के साथ ही एक बच्ची जिंदा जल गई थी। नवीन मार्केट के सामने की तरफ इस मैदान में जली दुकानों के स्थान पर ईटों, सीमेंट, मौरंग से करीब 27 पक्की दुकानें बनवाई जा रही हैं। वहां से मैदान की तरफ जाने वाले लगभग आठ फीट चौड़े रास्ते के पास पीछे की पट्टी में नवनिर्मित दुकानों में प्लास्टर हो रहा है। माल रोड की तरफ दुकानें चौड़ी करने के चक्कर में कुछ दुकानदारों ने रास्ते तक कब्जा लिए हैं। दुकान की चौड़ी दीवारें बनवा रहे हैं। केडीए ने न तो अभी तक अवैध निर्माणकर्ताओं को नोटिस दिया और न ही निर्माण रुकवाया जबकि बगल में केडीए की मल्टीस्टोरी पार्किंग बन रही है। ऐसे में यहां हर रोज कोई न कोई केडीए अफसर आता है। नजूल की जमीन होने के बावजूद जिला प्रशासन भी चुप्पी साधे है। इसी मैदान में श्री परेड रामलीला सोसाइटी 140 साल से दशहरा में रामलीला करा रही है। रामलीला शुरू होने से पहले दुकानदार मैदान खाली कर देते हैं। अस्थायी दुकानें बांस की पट्टियों से बनी होती हैं। रामलीला कमेटी के सदस्यों का कहना है कि यदि पक्की दुकानें बनेंगी तो उन्हें हटाना मुश्किल होगा। साथी ही दुकानदार का भी नुकसान होगा। रास्तों पर कब्जे होने से हादसा होने पर भागना भी मुश्किल होगा।
विज्ञापन
परेड मैदान बाजार में 26 मार्च 2016 को लगी आग में लगभग 100 अस्थायी दुकानों के साथ ही एक बच्ची जिंदा जल गई थी। नवीन मार्केट के सामने की तरफ इस मैदान में जली दुकानों के स्थान पर ईटों, सीमेंट, मौरंग से करीब 27 पक्की दुकानें बनवाई जा रही हैं। वहां से मैदान की तरफ जाने वाले लगभग आठ फीट चौड़े रास्ते के पास पीछे की पट्टी में नवनिर्मित दुकानों में प्लास्टर हो रहा है। माल रोड की तरफ दुकानें चौड़ी करने के चक्कर में कुछ दुकानदारों ने रास्ते तक कब्जा लिए हैं। दुकान की चौड़ी दीवारें बनवा रहे हैं। केडीए ने न तो अभी तक अवैध निर्माणकर्ताओं को नोटिस दिया और न ही निर्माण रुकवाया जबकि बगल में केडीए की मल्टीस्टोरी पार्किंग बन रही है। ऐसे में यहां हर रोज कोई न कोई केडीए अफसर आता है। नजूल की जमीन होने के बावजूद जिला प्रशासन भी चुप्पी साधे है। इसी मैदान में श्री परेड रामलीला सोसाइटी 140 साल से दशहरा में रामलीला करा रही है। रामलीला शुरू होने से पहले दुकानदार मैदान खाली कर देते हैं। अस्थायी दुकानें बांस की पट्टियों से बनी होती हैं। रामलीला कमेटी के सदस्यों का कहना है कि यदि पक्की दुकानें बनेंगी तो उन्हें हटाना मुश्किल होगा। साथी ही दुकानदार का भी नुकसान होगा। रास्तों पर कब्जे होने से हादसा होने पर भागना भी मुश्किल होगा।
विज्ञापन