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26 घंटे बाद एमबीबीएस की लापता छात्रा का शव उन्नाव में मिला, गंगा बैराज पर मिली थी स्कूटी
Fri, 24 Jan 2020 06:11 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 24 Jan 2020 06:11 PM IST
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अमृता सिंह (जीएसवीएम की लापता एमबीबीएस स्टूडेंट)
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की एक छात्रा गुरुवार को संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। उसकी स्कूटी गंगा बैराज पर मिली थी। स्कूटी में चाबी लगी थी और डिग्गी पर्स व मोबाइल भी रखा मिला था। 26 घंटे बाद उन्नाव के गंगा घाट से लापता छात्रा का शव गंगा से निकाला गया है।
पुलिस को आशंका है कि छात्रा या तो गंगा में कूद गई है या फिर कहीं चली गई है। इन्हीं दोनों बिंदुओं पर पुलिस की जांच जारी थी। शुक्रवार को भी गोताखोर कई घंटे गंगा में छात्रा की तलाश में जुटे रहे लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। छात्रा की तलाश के लिए सर्विलांस की टीम भी लगाई गई थी। झांसी के केके पुरी कालोनी निवासी रामसनेही ग्रामीण अभियंत्रण सेवाएं विभाग में इंजीनियर हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती इटावा में हैं।
24 वर्षीय उनकी बेटी अमृता सिंह जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में वह लखीमपुर निवासी रूम पार्टनर अनुषी के साथ रहती है। स्वरूपनगर इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे अमृता हॉस्टल से निकली थी।
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कुछ देर बाद जब अनुषी ने उसको कॉल करना शुरू किया तो रिसीव नहीं हुआ। उसके बाद अनुषी ने उसकी खोजबीन शुरू की। इधर करीब पौने चार बजे बैराज(गेट नंबर 17) पर अमृता की चाबी लगी स्कूटी मिली। पुलिस ने डिग्गी खोली तो उसमें उसका मोबाइल व पर्स मिला। पुलिस छानबीन कर ही रही थी कि तभी अनुषी उसको खोजते हुए बैराज पहुंच गई। उसने स्कूटी पहचान ली। तब पुलिस ने अमृता के परिजनों को सूचना दी। गुरुवार रात साढ़े आठ बजे परिजन कानपुर पहुंचे थे।
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पुलिस को आशंका है कि छात्रा या तो गंगा में कूद गई है या फिर कहीं चली गई है। इन्हीं दोनों बिंदुओं पर पुलिस की जांच जारी थी। शुक्रवार को भी गोताखोर कई घंटे गंगा में छात्रा की तलाश में जुटे रहे लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। छात्रा की तलाश के लिए सर्विलांस की टीम भी लगाई गई थी। झांसी के केके पुरी कालोनी निवासी रामसनेही ग्रामीण अभियंत्रण सेवाएं विभाग में इंजीनियर हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती इटावा में हैं।
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24 वर्षीय उनकी बेटी अमृता सिंह जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में वह लखीमपुर निवासी रूम पार्टनर अनुषी के साथ रहती है। स्वरूपनगर इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे अमृता हॉस्टल से निकली थी।
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कुछ देर बाद जब अनुषी ने उसको कॉल करना शुरू किया तो रिसीव नहीं हुआ। उसके बाद अनुषी ने उसकी खोजबीन शुरू की। इधर करीब पौने चार बजे बैराज(गेट नंबर 17) पर अमृता की चाबी लगी स्कूटी मिली। पुलिस ने डिग्गी खोली तो उसमें उसका मोबाइल व पर्स मिला। पुलिस छानबीन कर ही रही थी कि तभी अनुषी उसको खोजते हुए बैराज पहुंच गई। उसने स्कूटी पहचान ली। तब पुलिस ने अमृता के परिजनों को सूचना दी। गुरुवार रात साढ़े आठ बजे परिजन कानपुर पहुंचे थे।