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Kanpur News: ग्रीनपार्क को मिलेगी हाईटेक ड्रेनेज तकनीक, बारिश के बाद 15 मिनट में तैयार होगा मैदान
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कानपुर। लंबे समय से खराब ड्रेनेज व्यवस्था के कारण आलोचना झेल रहे ग्रीनपार्क स्टेडियम को अब आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने स्टेडियम के विकास के लिए 45 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इसके तहत मैदान में सब-सरफेस एरिएशन और वैक्यूम-पावर्ड ड्रेनेज सिस्टम स्थापित किया जाएगा। नई प्रणाली इतनी प्रभावी होगी कि भारी बारिश के बाद भी महज 15 मिनट में पूरा मैदान खेलने योग्य बन जाएगा। यह तकनीक प्रति मिनट करीब 10 हजार लीटर पानी सोखने में सक्षम है।
यूपीसीए के सूत्रों के अनुसार वर्तमान में बंगलूरू, वाराणसी, अहमदाबाद और धर्मशाला के स्टेडियम में यह तकनीक सफलतापूर्वक प्रयोग में लाई जा रही है। देश के अधिकांश क्रिकेट मैदानों में पारंपरिक सरफेस ड्रेनेज सिस्टम का उपयोग होता रहा है। इसमें पानी को आउटफील्ड से बाउंड्री लाइन तक बनी नालियों के जरिये निकाला जाता है। ग्रीनपार्क में सब-एयर सिस्टम भी लगाया जाएगा, जो पानी निकालने के साथ-साथ घास की निचली परत को हवा देकर तेजी से सुखाने में मदद करेगा। इसके लिए विशेष जियो फैब्रिक क्लॉथ और आधुनिक सरफेस सामग्री का प्रयोग किया जाएगा।
यूपी क्रिकेट संघ के सीईओ अंकित चटर्जी ने बताया कि 2024 में भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच के दौरान बारिश के कारण ढाई दिन का खेल बाधित हुआ था, जिससे स्टेडियम के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठे थे। इस घटना के बाद सुधार की योजना बनाई गई थी, लेकिन बजट की कमी के कारण यह फाइलों तक सीमित रही। अब बीसीसीआई की तकनीकी टीम की ओर से प्रस्तावित सुधारों और प्रदेश सरकार की ओर से बजट स्वीकृत होने के बाद परियोजना धरातल पर उतारी जाएगी। इससे ग्रीनपार्क स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मैचों की मेजबानी के लिए मैदान पूरी तरह तैयार हो सकेगा। भविष्य में यहां होने वाले मैचों में बारिश के कारण खेल में बाधा आने की संभावना कम हो जाएगी।
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यूपीसीए के सूत्रों के अनुसार वर्तमान में बंगलूरू, वाराणसी, अहमदाबाद और धर्मशाला के स्टेडियम में यह तकनीक सफलतापूर्वक प्रयोग में लाई जा रही है। देश के अधिकांश क्रिकेट मैदानों में पारंपरिक सरफेस ड्रेनेज सिस्टम का उपयोग होता रहा है। इसमें पानी को आउटफील्ड से बाउंड्री लाइन तक बनी नालियों के जरिये निकाला जाता है। ग्रीनपार्क में सब-एयर सिस्टम भी लगाया जाएगा, जो पानी निकालने के साथ-साथ घास की निचली परत को हवा देकर तेजी से सुखाने में मदद करेगा। इसके लिए विशेष जियो फैब्रिक क्लॉथ और आधुनिक सरफेस सामग्री का प्रयोग किया जाएगा।
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यूपी क्रिकेट संघ के सीईओ अंकित चटर्जी ने बताया कि 2024 में भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच के दौरान बारिश के कारण ढाई दिन का खेल बाधित हुआ था, जिससे स्टेडियम के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठे थे। इस घटना के बाद सुधार की योजना बनाई गई थी, लेकिन बजट की कमी के कारण यह फाइलों तक सीमित रही। अब बीसीसीआई की तकनीकी टीम की ओर से प्रस्तावित सुधारों और प्रदेश सरकार की ओर से बजट स्वीकृत होने के बाद परियोजना धरातल पर उतारी जाएगी। इससे ग्रीनपार्क स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मैचों की मेजबानी के लिए मैदान पूरी तरह तैयार हो सकेगा। भविष्य में यहां होने वाले मैचों में बारिश के कारण खेल में बाधा आने की संभावना कम हो जाएगी।
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